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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पत्नी मनप्रीत कौर ने प्रदर्शनकारियों से मांगी पोस्टमार्टम की अनुमति, 8 दिन से मुर्दाघर में है शव
CBI ने बुधवार को जांच अपने हाथ में ली। इसके बाद मनप्रीत कौर ने टिंकौनी धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों और एक्शन कमेटी से पोस्टमार्टम कराने को लेकर फैसला लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवार सामूहिक सहमति के बिना कोई कदम नहीं उठाना चाहता।
पंजाब के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में CBI जांच शुरू होने के बीच उनकी पत्नी मनप्रीत कौर ने पोस्टमार्टम के लिए प्रदर्शनकारियों की अनुमति मांगी है। उनका शव पिछले आठ दिनों से स्थानीय सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में रखा है।
झोटा हत्याकांड में नया मोड़, पत्नी ने प्रदर्शनकारियों से मांगी अनुमति
पंजाब के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में बुधवार को नया घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांच अपने हाथ में लिए जाने के बाद झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने पोस्टमार्टम कराने के संबंध में प्रदर्शनकारियों और आंदोलन का नेतृत्व कर रही एक्शन कमेटी से अनुमति मांगी।
बठिंडा के टिंकौनी धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मनप्रीत कौर ने कहा कि परिवार उनकी सहमति के बिना कोई फैसला नहीं लेना चाहता। इस दौरान उनके दोनों बेटे और ससुर भीम सिंह उनके साथ मौजूद थे।
मनप्रीत कौर ने कहा कि उनके पति का शव पिछले आठ दिनों से स्थानीय सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में रखा हुआ है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सवाल किया कि क्या अब पोस्टमार्टम कराया जाना चाहिए, क्योंकि समय बीतने के साथ शव में मौजूद संभावित साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
PGIMER चंडीगढ़ में डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम की मांग
दिन में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि परिवार पोस्टमार्टम के लिए सहमत हो गया है। परिवार की मांग के अनुसार, पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में डॉक्टरों के एक पैनल से कराए जाने की बात कही गई थी।
हालांकि, मुर्दाघर के बाहर मौजूद निहंगों ने कहा था कि परिवार की ओर से स्पष्ट सूचना मिलने तक वे शव को वहां से ले जाने की अनुमति नहीं देंगे।
धरना स्थल पर मनप्रीत कौर ने स्पष्ट किया कि परिवार प्रदर्शनकारियों और एक्शन कमेटी से चर्चा करने के बाद ही आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने कहा कि परिवार उनकी चिंताओं का सीधे जवाब देने के लिए प्रदर्शनकारियों के सामने आया है।
अमित शाह से मुलाकात का भी किया जिक्र
मनप्रीत कौर ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ परिवार की मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि बैठक में जिन मांगों पर चर्चा हुई, वे पहले से ही एक्शन कमेटी द्वारा उठाई जा रही थीं। इनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।
उन्होंने कहा कि उनका परिवार किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और पंजाब को प्राथमिकता देता है। मनप्रीत ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि जब परिवार और आंदोलन एक साथ खड़े हैं, तो वह अकेले CBI जांच या अन्य मामलों पर कोई निर्णय कैसे ले सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि परिवार का पूरा पक्ष सुने बिना उसके बयानों या इंटरव्यू को प्रसारित न किया जाए।
मुख्य आरोपी की दुकान गिराने पर भी उठाए सवाल
मनप्रीत कौर ने मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी की दुकान गिराए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि परिवार ने दुकान गिराने की मांग नहीं की थी और यह कार्रवाई साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश जैसी दिखाई देती है।
यह मनप्रीत कौर का आरोप है। दुकान गिराने के कारणों और इस कार्रवाई का मामले से संबंध होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
13 अक्टूबर को केमिस्ट की दुकान पर हुई थी गोलीबारी
परविंदर सिंह झोटा को 13 अक्टूबर को एक केमिस्ट की दुकान पर कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर हुए विवाद के बाद गोली मारी गई थी। घटना फेसबुक पर लाइव प्रसारित हुई थी, जिसके बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अब CBI के जांच संभालने के बाद हत्या की परिस्थितियों और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच केंद्रीय एजेंसी करेगी।
मनप्रीत कौर बोलीं—आंदोलन के सामूहिक फैसले का करेंगे सम्मान
मनप्रीत कौर ने कहा कि पति को खोना किसी भी महिला के लिए बेहद दर्दनाक अनुभव है। इसके बावजूद उन्होंने दोहराया कि परिवार प्रदर्शनकारियों और एक्शन कमेटी के सामूहिक फैसले का पालन करेगा।
उन्होंने पोस्टमार्टम को लेकर भी फैसला सभा और कमेटी पर छोड़ते हुए कहा कि परिवार उनकी सहमति के बिना कोई कदम नहीं उठाना चाहता।
मामले की 5 बड़ी बातें
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CBI ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच अपने हाथ में ले ली है।
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झोटा का शव पिछले आठ दिनों से स्थानीय सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में रखा है।
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पत्नी मनप्रीत कौर ने पोस्टमार्टम के लिए प्रदर्शनकारियों और एक्शन कमेटी से अनुमति मांगी।
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परिवार की मांग के अनुसार, PGIMER चंडीगढ़ में डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने की बात सामने आई।
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मनप्रीत कौर ने मुख्य आरोपी की दुकान गिराए जाने पर सवाल उठाते हुए साक्ष्य नष्ट किए जाने की आशंका जताई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: परविंदर सिंह झोटा कौन थे?
जवाब: परविंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ सक्रिय कार्यकर्ता थे। उनकी हत्या के बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन हुए।
सवाल 2: झोटा की हत्या कब हुई थी?
जवाब: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें 13 अक्टूबर को केमिस्ट की दुकान पर हुए विवाद के बाद गोली मारी गई थी।
सवाल 3: इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
जवाब: बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली।
सवाल 4: परिवार पोस्टमार्टम कहां कराना चाहता है?
जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, परिवार की मांग PGIMER चंडीगढ़ में डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने की है।
सवाल 5: मनप्रीत कौर ने प्रदर्शनकारियों से अनुमति क्यों मांगी?
जवाब: उन्होंने कहा कि परिवार एक्शन कमेटी और प्रदर्शनकारियों की सहमति के बिना कोई निर्णय नहीं लेना चाहता। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि देरी से शव में मौजूद संभावित साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
निष्कर्ष
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में CBI जांच शुरू होने के बाद अब पोस्टमार्टम को लेकर परिवार और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति महत्वपूर्ण हो गई है। मनप्रीत कौर ने स्पष्ट किया है कि परिवार सामूहिक निर्णय का सम्मान करेगा। वहीं, हत्या, कथित नशीली दवाओं की बिक्री से जुड़े विवाद और मुख्य आरोपी की दुकान गिराए जाने को लेकर उठे सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है।

