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पंजाब में नशा, गैंगस्टर और कानून-व्यवस्था पर बरसे प्रताप सिंह बाजवा, CM भगवंत मान से मांगा इस्तीफा
विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस नेता ने AAP सरकार को घेरा; नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या, आरोपी के लाइसेंस और सीमा पर ड्रोन रोकने की व्यवस्था पर उठाए सवाल
पंजाब विधानसभा सत्र से एक दिन पहले विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशा तस्करी और गैंगस्टर गतिविधियों पर लगाम लगाने में विफल रहने का आरोप लगाया। बाजवा ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री के इस्तीफे और CBI जांच की मांग भी उठाई।
पंजाब में नशा तस्करी, गैंगस्टर गतिविधियों और कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विधानसभा सत्र से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा।
बुधवार को बाजवा मानसा पहुंचे, जहां उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले दिवंगत कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। इससे पहले बठिंडा में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
विधानसभा सत्र में कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाएगी कांग्रेस
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब विधानसभा के आगामी सत्र में कानून-व्यवस्था प्रमुख मुद्दा रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आम परिवारों और कारोबारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
बाजवा ने विधायकों की शैक्षणिक योग्यताओं पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार को राज्य की मौजूदा समस्याओं पर जवाब देना चाहिए और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
बठिंडा में मीडिया से बातचीत के दौरान बाजवा ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि झोटा के पिता ने भी मुख्यमंत्री के इस्तीफे और मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।
बाजवा ने यह सवाल भी उठाया कि हत्या के समय इस मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी से फोन पर किसकी बातचीत हुई थी। उन्होंने इस पहलू की जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की।
आरोपी के ड्रग लाइसेंस और हथियार लाइसेंस पर सवाल
कांग्रेस नेता ने अश्वनी के ड्रग लाइसेंस के नवीनीकरण और हथियार लाइसेंस जारी किए जाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोपी के कथित आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए पूछा कि संबंधित अधिकारियों और सरकार ने इन मामलों में क्या कार्रवाई की।
बाजवा ने इस पूरे प्रकरण में जवाबदेही तय करने की मांग की। हालांकि, लाइसेंस जारी करने या नवीनीकरण में किसी गैरकानूनी कार्रवाई का निष्कर्ष जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
मुख्यमंत्री की फ्रांस यात्रा को लेकर भी साधा निशाना
बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की फ्रांस यात्रा को लेकर भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशा और अपराध जैसी गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं, जबकि मुख्यमंत्री विदेश यात्रा पर गए थे।
उन्होंने पेरिस यात्रा से राज्य को हुए लाभों पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री के फ्रांस से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर कथित रूप से रोके जाने तथा जुर्माना लगाए जाने की खबरों को लेकर भी टिप्पणी की।
ये आरोप और टिप्पणियां विपक्ष के नेता की ओर से की गई हैं। इन पर सरकार का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध कराए गए समाचार विवरण में शामिल नहीं है।
नशा तस्करी रोकने में केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल
प्रताप सिंह बाजवा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के पास अधिकार होने के बावजूद नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पाया।
उन्होंने पंजाब की सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने में कथित देरी पर भी सवाल उठाए। बाजवा ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर हुई बड़ी नशा बरामदगियों का जिक्र करते हुए नशे की तस्करी रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका पर जवाब मांगा।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी के बीच नजदीकी तालमेल है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो पंजाब में नशे की समस्या को 90 प्रतिशत तक नियंत्रित किया जा सकता है। यह उनका राजनीतिक दावा है, कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित सरकारी आंकड़ा नहीं।
जेलों से गैंगस्टर गतिविधियां संचालित होने का आरोप
बाजवा ने पंजाब की जेल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ गैंगस्टर जेलों के भीतर से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
इस मुद्दे पर उन्होंने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला, जिनका वास्तविक नाम शुभदीप सिंह सिद्धू था, की हत्या का जिक्र किया और जेल प्रशासन तथा आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता बताई।
Key Highlights
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प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा सत्र से पहले AAP सरकार पर हमला बोला।
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नशा तस्करी, गैंगस्टर गतिविधियों और कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बताया।
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परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री के इस्तीफे और CBI जांच की मांग उठाई।
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मुख्य आरोपी अश्वनी के ड्रग और हथियार लाइसेंस पर सवाल किए।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान की फ्रांस यात्रा और कथित एयरपोर्ट घटनाक्रम पर टिप्पणी की।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार से नशा तस्करी रोकने पर जवाब मांगा।
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जेलों से गैंगस्टर गतिविधियां संचालित होने के आरोप लगाते हुए सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का उल्लेख किया।
FAQ Section
1. प्रताप सिंह बाजवा ने भगवंत मान सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने नशा तस्करी, गैंगस्टर गतिविधियों और राज्य की कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण में विफल रहने का आरोप लगाया।
2. परविंदर सिंह झोटा कौन थे?
प्रस्तुत समाचार के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता थे। उनकी हत्या के मामले को लेकर बाजवा ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे और CBI जांच की मांग की।
3. बाजवा ने अश्वनी के लाइसेंस को लेकर क्या सवाल उठाए?
उन्होंने आरोपी के कथित आपराधिक मामलों के बावजूद ड्रग लाइसेंस के नवीनीकरण और हथियार लाइसेंस जारी होने पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
4. नशा तस्करी को लेकर बाजवा ने केंद्र सरकार से क्या पूछा?
उन्होंने NCB जैसी केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका, सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने में कथित देरी और देश में नशे की बड़ी बरामदगियों को लेकर सवाल उठाए।
5. विधानसभा सत्र में कौन से मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं?
बाजवा के बयान के अनुसार, कानून-व्यवस्था, नशा तस्करी, गैंगस्टर गतिविधियां और जेल प्रशासन जैसे मुद्दे विधानसभा में उठाए जा सकते हैं।
Conclusion
पंजाब विधानसभा सत्र से पहले प्रताप सिंह बाजवा के बयानों ने राज्य की राजनीति में नशा तस्करी, कानून-व्यवस्था और जेल प्रशासन को लेकर बहस तेज कर दी है। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्र सरकार दोनों से जवाब मांगा है। अब इन आरोपों पर सरकार की प्रतिक्रिया और विधानसभा में होने वाली चर्चा पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

