धान किसानों के लिए जरूरी निर्देश: 17% से कम नमी वाली फसल ही मंडियों में लाएं, पराली जलाने पर भी सख्ती

पंजाब में DC दलविंदरजीत सिंह ने किसानों से पूरी तरह पकी फसल की कटाई करने की अपील की; कंबाइन हार्वेस्टर सुबह 10 से शाम 6 बजे तक ही चलाने के निर्देश

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पंजाब में धान की खरीद सुचारू बनाने के लिए किसानों को 17 प्रतिशत से कम नमी वाला धान मंडियों में लाने की सलाह दी गई है। DC दलविंदरजीत सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने खरीद के लिए अधिकतम नमी सीमा 17 प्रतिशत तय की है और मौजूदा सीजन के लिए MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल है। प्रशासन ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए भी जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।

धान किसानों के लिए प्रशासन की एडवाइजरी

पंजाब में धान की खरीद को सुचारू बनाने के लिए किसानों को फसल की नमी और कटाई के समय का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे 17 प्रतिशत से कम नमी वाला सूखा धान ही मंडियों में लेकर आएं। साथ ही, फसल पूरी तरह पकने के बाद ही कटाई करें।

प्रशासन के अनुसार, केंद्र सरकार ने धान की खरीद के लिए अधिकतम अनुमत नमी सीमा 17 प्रतिशत तय की है। इससे अधिक नमी वाला धान बेचने में किसानों को परेशानी हो सकती है। इसलिए मंडियों में फसल लाने से पहले उसकी नमी सुनिश्चित करना जरूरी है।

धान का MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल

मौजूदा सीजन के लिए केंद्र सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। DC ने किसानों से अपील की है कि वे सूखा और निर्धारित मानकों के अनुरूप धान मंडियों में लाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

किसानों को फसल की परिपक्वता, नमी की आवश्यक सीमा और खरीद नियमों की जानकारी देने के लिए प्रशासन ने गांवों में जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके लिए मुख्य कृषि अधिकारी और जिला मंडी अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन शिविरों के माध्यम से किसानों को फसल की सही समय पर कटाई और मंडियों में उपज लाने से पहले जरूरी मानकों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

सुबह 10 से शाम 6 बजे तक ही चलेंगी कंबाइन मशीनें

प्रशासन ने कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही कटाई करें।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल की पूरी परिपक्वता सुनिश्चित करने के बाद ही कटाई शुरू करें। प्रशासन का उद्देश्य निर्धारित मानकों के अनुरूप धान की खरीद को आसान बनाना और किसानों को मंडियों में परेशानी से बचाना है।

पराली जलाने से रोकने के लिए प्रशासन की तैयारी

धान की कटाई के साथ ही प्रशासन ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए भी कदम तेज कर दिए हैं। DC दलविंदरजीत सिंह ने जिला प्रशासनिक परिसर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन और आग लगाने की घटनाओं को रोकने के उपायों की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि जिले के अधिकतर हिस्सों में धान की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में किसानों को लगातार जागरूक करना जरूरी है, ताकि फसल अवशेषों को आग लगाने की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

गांवों में किसानों को जागरूक करेंगे अधिकारी

कृषि विभाग और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों को पराली जलाने के नुकसान समझाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के तरीकों की जानकारी भी किसानों तक पहुंचानी होगी।

इसके अलावा, उपमंडल मजिस्ट्रेट (SDM) को गांवों का दौरा करने, किसानों से सीधे बातचीत करने और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के प्रयासों की निगरानी करने को कहा गया है।

प्रशासन का जोर किसानों को जागरूक करने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देने पर है।

Key Highlights

  • धान की खरीद के लिए अधिकतम अनुमत नमी सीमा 17 प्रतिशत निर्धारित।

  • किसानों को 17 प्रतिशत से कम नमी वाला धान मंडियों में लाने की सलाह।

  • मौजूदा सीजन के लिए धान का MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल।

  • फसल पूरी तरह पकने के बाद ही कटाई करने की अपील।

  • कंबाइन हार्वेस्टर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही चलाने के निर्देश।

  • गांवों में फसल की परिपक्वता, नमी और खरीद नियमों पर जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे।

  • पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए कृषि विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और SDM को सक्रिय किया गया।

FAQ

1. धान में नमी की अधिकतम अनुमत सीमा कितनी है?

दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने खरीद के लिए धान में अधिकतम अनुमत नमी सीमा 17 प्रतिशत तय की है।

2. किसानों को कितना नमी वाला धान मंडियों में लाने की सलाह दी गई है?

किसानों को 17 प्रतिशत से कम नमी वाला धान मंडियों में लाने की सलाह दी गई है।

3. इस सीजन में धान का MSP कितना है?

खबर के अनुसार, मौजूदा सीजन के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल है।

4. कंबाइन हार्वेस्टर चलाने का समय क्या निर्धारित किया गया है?

कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही कटाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

5. पराली जलाने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

कृषि विभाग और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गांवों में जागरूकता अभियान चलाएंगे। SDM को भी किसानों से बातचीत करने और पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

Conclusion

पंजाब में धान की खरीद और पराली प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने किसानों तथा संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए हैं। किसानों से निर्धारित नमी सीमा के अनुरूप धान मंडियों में लाने और पूरी तरह पकी फसल की कटाई करने की अपील की गई है। वहीं, गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर पराली जलाने की घटनाओं को रोकने पर जोर दिया जा रहा है।Screenshot_108

Edited By: Atul Sharma

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