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मानहानि केस में एक साल की सजा के खिलाफ अपील करेंगे सिमरजीत सिंह बैंस, बोले- कानूनी लड़ाई अभी बाकी
पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा की शिकायत पर पटियाला कोर्ट ने सुनाई थी सजा; बैंस ने सेशंस कोर्ट और फिर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट जाने की बात कही
पंजाब के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता सिमरजीत सिंह बैंस ने मानहानि मामले में एक साल की जेल की सजा को चुनौती देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और पहले सेशंस कोर्ट, फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील करेंगे। यह मामला 2018 में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है।
सिमरजीत सिंह बैंस सजा के खिलाफ करेंगे अपील
पंजाब में मानहानि मामले में एक साल की जेल की सजा मिलने के बाद पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता सिमरजीत सिंह बैंस ने फैसले को चुनौती देने का ऐलान किया है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैंस ने कहा कि वह अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और कानूनी लड़ाई आगे जारी रखेंगे।
उन्होंने बताया कि वह सबसे पहले सेशंस कोर्ट का रुख करेंगे। इसके बाद जरूरत पड़ने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी फैसले को चुनौती देंगे।
बैंस ने कहा कि उन्होंने पंजाब में भ्रष्टाचार और असामाजिक गतिविधियों से जुड़े मुद्दों को उठाया है और आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
ब्रह्म मोहिंद्रा की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
यह मामला करीब आठ साल पुराना है। वर्ष 2018 में सिमरजीत सिंह बैंस लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख थे। उस दौरान उन्होंने पंजाब के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा पर दवाइयों और नशा मुक्ति केंद्रों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए थे।
ब्रह्म मोहिंद्रा ने इन आरोपों को अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले में लंबे समय तक अदालत में सुनवाई चलती रही।
मामले की सुनवाई के बाद पटियाला की अदालत ने बैंस को एक साल की कैद की सजा सुनाई। बैंस के अनुसार, फैसले से पहले इस मामले में कुल 297 सुनवाइयां हुई थीं।
बैंस बोले- पंजाब के मुद्दे उठाने के लिए आवाज उठाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैंस ने अपने पुराने बयानों का बचाव करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने पंजाब से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए अपनी बात रखी थी। उन्होंने संकेत दिया कि अदालत के फैसले के बावजूद वह अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
बैंस ने मामले के राजनीतिक पहलू का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, जब शिकायत दर्ज हुई थी, तब दोनों नेता अलग-अलग राजनीतिक खेमों में थे, लेकिन अब दोनों कांग्रेस से जुड़े हुए हैं।
हालांकि, राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद मानहानि मामले में अदालत का फैसला अपनी जगह है और बैंस अब इसे उच्च अदालतों में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
Key Highlights
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कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस एक साल की जेल की सजा को चुनौती देंगे।
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पटियाला की अदालत ने पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा के मानहानि मामले में सजा सुनाई।
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मामला वर्ष 2018 में लगाए गए कथित अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है।
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मोहिंद्रा ने आरोप लगाया था कि बैंस के बयानों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
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बैंस पहले सेशंस कोर्ट और फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाने की बात कह रहे हैं।
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बैंस के अनुसार, फैसले से पहले मामले में 297 सुनवाइयां हुई थीं।
FAQ
1. सिमरजीत सिंह बैंस को कितनी सजा मिली है?
पटियाला की अदालत ने मानहानि मामले में उन्हें एक साल की कैद की सजा सुनाई है।
2. मामला किसने दर्ज कराया था?
यह मामला वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा की मानहानि शिकायत पर आधारित है।
3. मानहानि मामला किस साल का है?
मामला वर्ष 2018 में लगाए गए आरोपों से जुड़ा है।
4. बैंस अदालत के फैसले को कहां चुनौती देंगे?
उन्होंने पहले सेशंस कोर्ट और उसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
5. बैंस ने ब्रह्म मोहिंद्रा पर क्या आरोप लगाए थे?
बैंस ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा पर दवाइयों और नशा मुक्ति केंद्रों से संबंधित कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। ये आरोप उस समय लगाए गए थे और इन्हीं के संबंध में मानहानि की शिकायत दर्ज हुई थी।
Conclusion
सिमरजीत सिंह बैंस ने मानहानि मामले में मिली एक साल की सजा के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने कहा है कि वह फैसले को सेशंस कोर्ट और फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया में इस मामले की दिशा तय होगी।

