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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: अमित शाह की मुलाकात के बाद मानसा पहुंची CBI टीम, दर्ज की नई FIR
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के झोटा के परिवार से मिलने के कुछ ही घंटों बाद CBI की पांच सदस्यीय टीम ने मानसा पहुंचकर जांच शुरू कर दी। एजेंसी ने चंडीगढ़ में नई FIR दर्ज की और स्थानीय पुलिस से केस का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया।
पंजाब के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच CBI ने शुरू कर दी है। गृह मंत्री अमित शाह की परिवार से मुलाकात के बाद एजेंसी की टीम मानसा पहुंची। परिवार ने नशा तस्करी के कथित गठजोड़ की जांच, आरोपियों को सजा और कई अन्य मांगें उठाई हैं।
झोटा हत्याकांड की जांच शुरू, मानसा पहुंची CBI की टीम
पंजाब के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा झोटा के परिवार से मुलाकात किए जाने के कुछ ही घंटों बाद CBI की पांच सदस्यीय टीम मानसा पहुंची।
जांच से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, CBI ने चंडीगढ़ में इस मामले में नई FIR दर्ज की है। टीम ने झोटा के परिवार से उनके आवास पर मुलाकात भी की।
CBI टीम सबसे पहले मानसा सिटी-2 पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां से स्थानीय पुलिस के पास मौजूद केस से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। रिपोर्ट के मुताबिक, टीम दिल्ली से आई थी और इसमें दो अधिकारी शामिल थे।
स्थानीय पुलिस ने CBI को सौंपा केस रिकॉर्ड
मानसा के डीएसपी (मुख्यालय) पुष्पिंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में मानसा सिटी-2 पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 269 दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परिवार की मांग पर मामले की जांच CBI से कराने का निर्देश दिया था।
पुष्पिंदर सिंह के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी की टीम जांच संभालने के लिए मानसा पहुंची है और स्थानीय पुलिस उसे पूरा सहयोग देगी।
CBI की जांच शुरू होने के बाद अब हत्या की परिस्थितियों, कथित नशा तस्करी के नेटवर्क और मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की पड़ताल की जाएगी।
अमित शाह ने परिवार से मिलकर न्याय का भरोसा दिया
CBI की टीम के मानसा पहुंचने से करीब आठ घंटे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की थी। इस दौरान परिवार ने हत्या के मामले में न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी।
रिपोर्ट के अनुसार, अमित शाह ने परिवार से 24 घंटे इंतजार करने को कहा और जांच 120 दिनों के भीतर पूरी करने का आश्वासन दिया।
इस मुलाकात से पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार सुबह झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने की घोषणा कर दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई में झोटा के पिता और परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, परिवार की मांग पर ही जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का फैसला किया गया।
13 अक्टूबर को केमिस्ट की दुकान पर मारी गई थी गोली
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में एक केमिस्ट की दुकान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंधित नशीली दवाओं की कथित बिक्री को लेकर विवाद के बाद उन पर गोली चलाई गई थी।
घटना उनके फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारित हुई थी। इसके बाद मानसा में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। स्थानीय निवासियों और कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिवार का आरोप है कि इस मामले की जांच में कथित नशा तस्करों, पुलिस और राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच संभावित गठजोड़ की भी पड़ताल होनी चाहिए। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिवार की प्रमुख मांगें क्या हैं?
झोटा के परिवार ने हत्या की जांच के अलावा कई अन्य मांगें भी रखी हैं। इनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफे और पंजाब के डीजीपी के इस्तीफे की मांग शामिल है।
परिवार की अन्य मांगें इस प्रकार हैं:
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पोस्टमार्टम: परिवार की सहमति से PGIMER, चंडीगढ़ के वरिष्ठ डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाए।
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अधिकारियों पर कार्रवाई: मानसा के दो थाना प्रभारियों (SHO), डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर को पद से हटाया जाए।
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स्मारक: जिस दुकान पर झोटा को गोली मारी गई, वहां उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए।
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ट्रॉमा सेंटर: ख्याला कलां गांव में झोटा के नाम पर ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाए।
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तेज सुनवाई: मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
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घायलों का इलाज: गोलीबारी में घायल चार अन्य लोगों का इलाज सरकारी खर्च पर किसी प्रमुख चिकित्सा संस्थान में कराया जाए।
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मुआवजा: प्रत्येक घायल को तत्काल 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
ये परिवार की ओर से रखी गई मांगें हैं। इनके स्वीकार होने या लागू किए जाने की स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
मानसा में दो जगहों पर जारी हैं प्रदर्शन
13 अक्टूबर से मानसा में दो अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। पहला धरना बरनाला-सिरसा रोड पर उपायुक्त आवास के पास टिंकौनी में लगाया गया है। दूसरा प्रदर्शन सिविल अस्पताल में चल रहा है।
अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे लोग प्रशासन या पुलिस द्वारा परिवार की इच्छा के विरुद्ध शव का अंतिम संस्कार कराए जाने की आशंका के चलते वहां मौजूद हैं।
CBI जांच शुरू होने के बाद प्रदर्शनकारियों की निगाहें अब जांच की प्रगति और परिवार की मांगों पर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
मामले की 5 बड़ी बातें
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अमित शाह की परिवार से मुलाकात के कुछ घंटों बाद CBI की पांच सदस्यीय टीम मानसा पहुंची।
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CBI ने चंडीगढ़ में नई FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
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मानसा सिटी-2 पुलिस स्टेशन से केस का रिकॉर्ड केंद्रीय एजेंसी ने अपने कब्जे में लिया।
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झोटा के परिवार ने कथित नशा तस्करी नेटवर्क की जांच और कई अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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13 अक्टूबर से मानसा में टिंकौनी और सिविल अस्पताल, दोनों जगहों पर प्रदर्शन जारी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच कौन कर रहा है?
जवाब: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और मानसा में जांच शुरू कर दी है।
सवाल 2: CBI ने मामले में क्या कार्रवाई की है?
जवाब: एजेंसी ने चंडीगढ़ में नई FIR दर्ज की, मानसा सिटी-2 पुलिस स्टेशन से केस रिकॉर्ड लिया और झोटा के परिवार से मुलाकात की।
सवाल 3: परविंदर सिंह झोटा की हत्या कब हुई थी?
जवाब: उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 13 अक्टूबर को मानसा में एक केमिस्ट की दुकान पर विवाद के बाद उन्हें गोली मारी गई थी।
सवाल 4: झोटा के परिवार की प्रमुख मांगें क्या हैं?
जवाब: परिवार CBI जांच, कथित नशा तस्करी नेटवर्क की पड़ताल, वरिष्ठ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम, अधिकारियों पर कार्रवाई, फास्ट-ट्रैक सुनवाई और घायलों को मुआवजा देने की मांग कर रहा है।
सवाल 5: अमित शाह ने परिवार को क्या आश्वासन दिया?
जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, अमित शाह ने परिवार से 24 घंटे इंतजार करने को कहा और जांच 120 दिनों के भीतर पूरी करने का आश्वासन दिया।
निष्कर्ष
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में CBI की जांच शुरू होना मामले का अहम घटनाक्रम है। एजेंसी ने स्थानीय पुलिस से रिकॉर्ड लेकर परिवार से भी मुलाकात की है। अब जांच में हत्या की परिस्थितियों, कथित नशा तस्करी नेटवर्क और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। परिवार को न्याय मिलने और उसकी अन्य मांगों पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

