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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: घायलों को आर्थिक सहायता के चेक बांटे, पंजाब के सभी गुरुद्वारों में होगी अरदास
तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह धनौला ने की घोषणा; झोटा की याद में अरदास की तारीख जल्द होगी तय, बोले- न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में धार्मिक नेतृत्व ने पीड़ित परिवार और घायलों के समर्थन में कदम उठाया है। तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह धनौला ने गुरुवार को हमले में घायल लोगों को आर्थिक सहायता के चेक बांटे और घोषणा की कि झोटा की याद में पंजाब के सभी गुरुद्वारों में अरदास की जाएगी।
झोटा हत्याकांड: घायलों को आर्थिक सहायता के चेक बांटे
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला लगातार चर्चा में है। गुरुवार को तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह धनौला ने उस हमले में घायल हुए लोगों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए, जिसमें 13 अक्टूबर को 42 वर्षीय झोटा की जान चली गई थी।
इस दौरान उन्होंने कहा कि झोटा की याद में अरदास आयोजित की जाएगी। इसके लिए तारीख जल्द घोषित की जाएगी और पंजाब के सभी गुरुद्वारों में सामूहिक अरदास की जाएगी।
ज्ञानी टेक सिंह ने कहा कि झोटा की हत्या से सिख समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने झोटा और उनके परिवार के योगदान को याद करते हुए कहा कि दुखद घटना के बावजूद परिवार ने दृढ़ता दिखाई है।
चार घायलों के लिए 5-5 लाख रुपये की सहायता
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने 17 अक्टूबर को मानसा दौरे के दौरान हमले में घायल हुए चार लोगों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की थी।
प्रत्येक घायल को कुल 5 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी। इसमें 2.5 लाख रुपये चिकित्सा खर्च के लिए और 2.5 लाख रुपये आर्थिक सहायता के रूप में शामिल हैं।
गुरुवार को ज्ञानी टेक सिंह धनौला ने इसी सहायता के तहत घायलों को चेक वितरित किए।
‘यह किसी एक परिवार नहीं, पूरे पंथ का मुद्दा’
सभा को संबोधित करते हुए ज्ञानी टेक सिंह ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या केवल एक व्यक्ति या परिवार का मामला नहीं है, बल्कि इसे पूरे पंथ से जुड़ा मुद्दा माना जाना चाहिए।
उन्होंने आंदोलन में शामिल लोगों से अपील की कि वे राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर एकजुट हों और न्याय की मांग को मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि झोटा का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए और हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय मिलने तक सिख समुदाय अपनी आवाज उठाता रहेगा।
स्वर्ण मंदिर परिसर के संग्रहालय में लगेगा झोटा का चित्र
इससे पहले SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने घोषणा की थी कि परविंदर सिंह झोटा का चित्र अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब परिसर के केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाया जाएगा।
यह कदम झोटा को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
वहीं, 16 अक्टूबर को अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मानसा दौरे के दौरान झोटा को मौखिक रूप से ‘कौमी शहीद’ की उपाधि प्रदान की थी।
मुख्य बातें
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परविंदर सिंह झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को हुई थी।
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तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह धनौला ने घायलों को सहायता के चेक बांटे।
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हमले में घायल चार लोगों के लिए 5-5 लाख रुपये की सहायता घोषित की गई थी।
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झोटा की याद में पंजाब के सभी गुरुद्वारों में अरदास होगी।
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अरदास की तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
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SGPC ने झोटा का चित्र केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाने की घोषणा की है।
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अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ने झोटा को मौखिक रूप से ‘कौमी शहीद’ कहा था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. परविंदर सिंह झोटा कौन थे?
परविंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता थे। 13 अक्टूबर को एक हमले में उनकी हत्या हो गई थी।
2. घायलों को कितनी आर्थिक सहायता दी गई?
SGPC अध्यक्ष की घोषणा के अनुसार, हमले में घायल चार लोगों में से प्रत्येक को 5 लाख रुपये की सहायता दी जानी थी।
3. झोटा की याद में अरदास कहां होगी?
जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह धनौला के अनुसार, पंजाब के सभी गुरुद्वारों में अरदास आयोजित की जाएगी। इसकी तारीख जल्द घोषित होगी।
4. झोटा का चित्र कहां लगाया जाएगा?
SGPC अध्यक्ष के अनुसार, उनका चित्र अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब परिसर स्थित केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाया जाएगा।
निष्कर्ष
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद धार्मिक संगठनों की ओर से पीड़ितों के समर्थन और न्याय की मांग को लेकर गतिविधियां जारी हैं। घायलों को आर्थिक सहायता देने के साथ पंजाब के सभी गुरुद्वारों में अरदास आयोजित करने की घोषणा की गई है। अब अरदास की तारीख और मामले में न्यायिक कार्रवाई से जुड़े अगले कदमों पर नजर रहेगी।

