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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़ा परिवार, आंदोलन 10वें दिन भी जारी
पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा—एक्शन कमेटी के साथ बैठक में बनी सहमति; मुख्यमंत्री और पंजाब DGP के इस्तीफे समेत कई मांगों पर अड़ा परिवार
पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन लगातार 10वें दिन भी जारी रहा। परिवार ने स्पष्ट किया है कि सभी मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं दी जाएगी। झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है।
मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम नहीं: मनप्रीत कौर
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में परिवार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने गुरुवार शाम एक्शन कमेटी के साथ बैठक के बाद बताया कि इस मुद्दे पर सहमति बन गई है।
उन्होंने कहा कि परिवार अपनी मांगों पर कायम है और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान उनके साथ उनके ससुर और पूर्व सैनिक भीम सिंह मौजूद थे।
10वें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
झोटा की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन गुरुवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गया। फिलहाल दो स्थानों पर प्रदर्शन किया जा रहा है। एक प्रदर्शन उपायुक्त के आवास के नजदीक टिंकोनी में चल रहा है, जबकि दूसरा सिविल अस्पताल में हो रहा है।
झोटा का शव अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है और परिवार की सहमति नहीं मिलने के कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया लंबित है।
भीम सिंह ने कहा कि परिवार भी नहीं चाहता कि शव लंबे समय तक अस्पताल की मोर्चरी में रखा रहे, लेकिन उनकी प्राथमिकता पहले मांगों को पूरा करवाना है। उन्होंने सरकार, विपक्ष और अन्य संगठनों से मामले में स्वतंत्र रूप से हस्तक्षेप करने की अपील की।
पूरी संगत की सहमति से लिया जाएगा फैसला
भीम सिंह के मुताबिक, सिख पंथ की ओर से भी परिवार को सलाह दी गई है कि पोस्टमार्टम की अनुमति देने से पहले उनकी मांगें स्वीकार की जाएं।
उन्होंने कहा कि आगे का फैसला एक्शन कमेटी के माध्यम से प्रदर्शनकारियों तक पहुंचाया जाएगा और निर्णय पूरी संगत की सहमति से ही लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैसला होने के बाद वह या मनप्रीत कौर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करेंगे।
भीम सिंह ने इस आंदोलन को पंजाब में अगली पीढ़ी के भविष्य की रक्षा के लिए चल रहा जन आंदोलन बताया। उन्होंने यह भी दोहराया कि परिवार हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में सहयोग करेगा।
परिवार की प्रमुख मांगें क्या हैं?
परिवार ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) का इस्तीफा।
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चंडीगढ़ स्थित PGIMER के वरिष्ठ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम करवाना।
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हत्या और कथित तौर पर नशा तस्करों, पुलिसकर्मियों तथा राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच गठजोड़ की CBI जांच।
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जिस दुकान पर झोटा को गोली मारी गई थी, वहां उनकी प्रतिमा स्थापित करना।
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मानसा के दो थाना प्रभारियों (SHO), DSP और ड्रग इंस्पेक्टर को बर्खास्त करना।
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ख्याला कलां गांव में झोटा के नाम पर ट्रॉमा सेंटर स्थापित करना।
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आरोपियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाकर कड़ी सजा दिलाना।
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गोलीबारी में घायल चार लोगों का इलाज किसी प्रमुख चिकित्सा संस्थान में सरकारी खर्च पर करवाना।
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प्रत्येक घायल को तत्काल 20 लाख रुपये का मुआवजा देना।
कुछ पुलिस अधिकारियों पर पहले ही हुई कार्रवाई
परिवार की मांगों के बीच DSP, ड्रग इंस्पेक्टर और एक SHO को निलंबित भी किया जा चुका है। हालांकि, परिवार की ओर से पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने समेत अन्य मांगें भी उठाई जा रही हैं।
परिवार ने दोहराया है कि पोस्टमार्टम और आगे की प्रक्रिया को लेकर कोई भी फैसला मांगों पर सहमति बनने के बाद ही लिया जाएगा।
मुख्य बातें
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परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में प्रदर्शन 10वें दिन भी जारी।
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पत्नी मनप्रीत कौर ने पोस्टमार्टम की अनुमति देने से पहले मांगें पूरी करने की बात कही।
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झोटा का शव सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा है।
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परिवार ने मुख्यमंत्री और पंजाब DGP के इस्तीफे की मांग की।
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CBI जांच जारी है और परिवार ने जांच में सहयोग देने की बात कही।
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गोलीबारी में घायल चार लोगों के लिए 20-20 लाख रुपये मुआवजे की मांग।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. परविंदर सिंह झोटा के मामले में पोस्टमार्टम क्यों नहीं हो रहा है?
परिवार ने कहा है कि सभी मांगें पूरी होने तक वह पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देगा।
2. प्रदर्शन कितने दिनों से जारी है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुरुवार को आंदोलन का 10वां दिन था।
3. परिवार की प्रमुख मांगें क्या हैं?
परिवार मुख्यमंत्री और पंजाब DGP के इस्तीफे, PGIMER के वरिष्ठ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम, CBI जांच, आरोपियों के लिए फास्ट-ट्रैक सुनवाई और घायलों को मुआवजा देने की मांग कर रहा है।
4. क्या मामले की CBI जांच शुरू हो चुकी है?
हां, रिपोर्ट के अनुसार हत्या और कथित गठजोड़ से जुड़े मामले की CBI जांच शुरू हो चुकी है। परिवार ने जांच में सहयोग करने की बात कही है।
निष्कर्ष
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर पंजाब में आंदोलन लगातार जारी है। परिवार ने स्पष्ट कर दिया है कि मांगों पर सहमति बनने के बाद ही पोस्टमार्टम की अनुमति देने पर फैसला होगा। अब सरकार और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

