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पंजाब में नशे की दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्ती की तैयारी, पुलिस को अधिकार देने के लिए केंद्र से कानून में बदलाव की मांग
परविंदर झोटा हत्याकांड और आदत डालने वाली दवाओं की आसान उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंता के बीच पंजाब पुलिस ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 में संशोधन की मांग उठाई है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि कुछ दवाओं को NDPS कानून के दायरे में शामिल करने की जरूरत है।
पंजाब पुलिस नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार से कानूनी बदलाव चाहती है। डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक, पुलिस को उन मामलों में भी कार्रवाई का अधिकार मिलना चाहिए, जो फिलहाल ड्रग इंस्पेक्टरों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
नशे की दवाओं पर कार्रवाई के लिए कानून में बदलाव चाहती है पंजाब पुलिस
पंजाब में आदत डालने वाली दवाओं की आसान उपलब्धता और उनके कथित दुरुपयोग को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 में संशोधन करने की मांग की है। पुलिस का उद्देश्य दवाओं की अवैध बिक्री और नशे के तौर पर उनके इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बुधवार सुबह पंजाब आर्म्ड पुलिस ग्राउंड में आयोजित 67वें पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी।
डीजीपी ने कहा कि राज्य में नशीली दवाओं की समस्या से निपटने के लिए पुलिस और नागरिक प्रशासन के साथ हुई हालिया बैठक में फार्मास्यूटिकल दवाओं की समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई थी।
पुलिस को भी मिले कार्रवाई करने के अधिकार
गौरव यादव के अनुसार, राज्य में बाहर से आने वाली फार्मास्यूटिकल दवाओं की निगरानी और उनके दुरुपयोग से निपटना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने विशेष रूप से पंजाब के दक्षिणी मालवा क्षेत्र में इस समस्या के प्रभाव का उल्लेख किया।
डीजीपी ने कहा कि इस मुद्दे को युद्धस्तर पर संबोधित करने की जरूरत है। पुलिस चाहती है कि जिन मामलों में फिलहाल कार्रवाई का अधिकार ड्रग इंस्पेक्टरों के पास है, उनमें पुलिस को भी आवश्यक अधिकार दिए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ऐसी दवाओं को NDPS कानून की अनुसूची में शामिल करने की मांग की जा रही है, जिनका आदत डालने वाले पदार्थों के रूप में दुरुपयोग हो सकता है।
पांच राज्यों के पुलिस प्रमुखों के साथ भी उठाया मुद्दा
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस ने यह मामला केवल केंद्र सरकार के सामने ही नहीं उठाया है, बल्कि दूसरे राज्यों के पुलिस प्रमुखों से भी संपर्क किया है।
उनके मुताबिक, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पुलिस प्रमुखों के साथ इस मुद्दे को मिलकर केंद्र सरकार के सामने उठाने पर चर्चा की गई है।
इस पहल का उद्देश्य दूसरे राज्यों से आने वाली दवाओं की अवैध आपूर्ति और उनके दुरुपयोग से जुड़ी चुनौतियों पर समन्वित कार्रवाई को मजबूत करना है।
परविंदर झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने पर क्या बोले DGP?
मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर झोटा की हत्या और मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने पर भी डीजीपी ने प्रतिक्रिया दी।
गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की थी और चार लोगों को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि परिवार की मांग पर पंजाब सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे और मामले में हस्तक्षेप के संदर्भ में डीजीपी ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई का उल्लेख किया। हालांकि, हत्या के मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएंगे।
मानसा में जारी विरोध-प्रदर्शन पर सरकार की नजर
परविंदर झोटा हत्याकांड को लेकर मानसा में करीब एक सप्ताह से जारी विरोध-प्रदर्शनों पर डीजीपी ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों की भावनाओं का सम्मान करती है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मामले को संभालने के लिए अधिकारियों की एक टीम भेजी है।
इस मामले में परिवार और प्रदर्शनकारियों की मांगों के बीच प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खबर की 5 बड़ी बातें
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पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 में संशोधन की मांग की है।
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DGP गौरव यादव के मुताबिक, पुलिस को उन मामलों में भी अधिकार मिलना चाहिए जो अभी ड्रग इंस्पेक्टरों के अधिकार क्षेत्र में हैं।
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कुछ आदत डालने वाली दवाओं को NDPS कानून की अनुसूची में शामिल करने की मांग की गई है।
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पंजाब ने राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पुलिस प्रमुखों के साथ भी यह मुद्दा उठाया है।
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परविंदर झोटा हत्याकांड में FIR और चार गिरफ्तारियों का हवाला देते हुए डीजीपी ने बताया कि परिवार की मांग पर मामला CBI को सौंपा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: पंजाब पुलिस केंद्र सरकार से क्या मांग कर रही है?
जवाब: पुलिस ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 में संशोधन चाहती है, ताकि दवाओं की अवैध बिक्री और दुरुपयोग के खिलाफ कार्रवाई मजबूत की जा सके।
सवाल 2: पुलिस को अतिरिक्त अधिकार क्यों चाहिए?
जवाब: डीजीपी के अनुसार, कुछ मामलों में कार्रवाई का अधिकार फिलहाल ड्रग इंस्पेक्टरों के पास है। पुलिस चाहती है कि उसे भी ऐसे मामलों में कार्रवाई करने के अधिकार मिलें।
सवाल 3: क्या कुछ दवाओं को NDPS कानून के दायरे में लाने की मांग की गई है?
जवाब: हां। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि कुछ आदत डालने वाली दवाओं को NDPS कानून की अनुसूची में शामिल करने की मांग की जा रही है।
सवाल 4: परविंदर झोटा हत्याकांड की जांच किसे सौंपी गई है?
जवाब: डीजीपी के मुताबिक, परिवार की मांग पर पंजाब सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला किया।
सवाल 5: पंजाब ने किन राज्यों के साथ यह मुद्दा उठाया है?
जवाब: राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पुलिस प्रमुखों के साथ इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने संयुक्त रूप से उठाने पर चर्चा की गई है।
निष्कर्ष
पंजाब में दवाओं की अवैध बिक्री और नशे के तौर पर उनके इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कानूनी अधिकारों को मजबूत करना चाहती है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में संशोधन, कुछ दवाओं को NDPS कानून के दायरे में लाने और दूसरे राज्यों के साथ समन्वय की मांग इसी प्रयास का हिस्सा है। वहीं, परविंदर झोटा हत्याकांड की CBI जांच और मानसा में जारी विरोध-प्रदर्शन भी इस मुद्दे को लेकर राज्य में बढ़ती चिंता को दर्शाते हैं।

