बेअदबी के खिलाफ कानून में संशोधनों को लेकर SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा विरोध जताया, 31 मई को बुलाया पंथक सम्मेलन

SGPC प्रधान ने बताया कि इस मामले को लेकर पहले तख्त श्री दमदमा साहिब में बैठक की गई थी और अब 31 मई को गुरुद्वारा श्री बाबा बकाला साहिब में बड़ा पंथक सम्मेलन बुलाया गया है।

On

बेअदबी के खिलाफ कानून में संशोधनों को लेकर SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा विरोध जताया, 31 मई को बुलाया पंथक सम्मेलन

बेअदबी विरोधी कानून : SGPC प्रधान ने बताया कि इस मामले को लेकर पहले तख्त श्री दमदमा साहिब में बैठक की गई थी और अब 31 मई को गुरुद्वारा श्री बाबा बकाला साहिब में बड़ा पंथक सम्मेलन बुलाया गया है।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान से जुड़े कानून में किए गए संशोधनों पर गंभीर आपत्ति जताई गई। एडवोकेट धामी ने कहा कि पंजाब सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब में विधानसभा सत्र के दौरान 2008 के एक्ट में संशोधन किए, लेकिन इस मामले में SGPC और श्री अकाल तख्त साहिब से कोई उचित सलाह-मशविरा नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 के तहत विशेष अधिकार प्राप्त हैं और धार्मिक मामलों में सरकार को दखल देने के बजाय पहले SGPC और श्री अकाल तख्त साहिब से चर्चा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि SGPC को बेअदबी के लिए सख्त सजा देने पर कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि कमेटी इसका स्वागत करती है, लेकिन एक्ट की कुछ धाराएं धार्मिक प्रबंधों और SGPC के अधिकारों को सीधे प्रभावित करती हैं।

उन्होंने खास तौर पर “कस्टोडियन” और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने वाली धारा पर सवाल उठाए। धामी ने कहा कि SGPC के पास पहले से ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की देखरेख और रिकॉर्ड रखने के लिए आधुनिक व्यवस्था मौजूद है। हर स्वरूप को देने से पहले गुरुद्वारे की जांच, कैमरे, अग्निशमन व्यवस्था और ग्रंथी सिंहों की पुष्टि की जाती है।

उन्होंने कहा कि यदि स्वरूपों की पूरी जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी जाए तो यह सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं होगा और इससे गुरु साहिब की महानता को सामान्य वस्तु की तरह प्रस्तुत करने की स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि “सिख रहित मर्यादा” धार्मिक विषय है और इससे जुड़े फैसले श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, न कि सरकारी कानूनी प्रक्रिया के तहत।

SGPC प्रधान ने बताया कि इस मुद्दे पर पहले तख्त श्री दमदमा साहिब में बैठक की गई थी, जिसमें विभिन्न संप्रदायों, गुरुद्वारा कमेटियों और सिंह सभाओं ने हिस्सा लिया। अब 31 मई को गुरुद्वारा श्री बाबा बकाला साहिब में बड़ा पंथक सम्मेलन बुलाया गया है, जिसमें सभी पंथक जत्थेबंदियों, निहंग सिंह दलों, दमदमी टकसाल, निर्मल संप्रदाय और अन्य धार्मिक संस्थाओं को आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक अधिकारों और सिख संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा के लिए आयोजित किया जा रहा है। धामी ने पंजाब सरकार से अपील की कि आपत्तिजनक धाराओं को वापस लिया जाए और धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप से बचा जाए।

बेअदबी के खिलाफ कानून में संशोधनों को लेकर SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा विरोध जताया, 31 मई को बुलाया पंथक सम्मेलन

बेअदबी विरोधी कानून : SGPC प्रधान ने बताया कि इस मामले को लेकर पहले तख्त श्री दमदमा साहिब में बैठक की गई थी और अब 31 मई को गुरुद्वारा श्री बाबा बकाला साहिब में बड़ा पंथक सम्मेलन बुलाया गया है।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान से जुड़े कानून में किए गए संशोधनों पर गंभीर आपत्ति जताई गई। एडवोकेट धामी ने कहा कि पंजाब सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब में विधानसभा सत्र के दौरान 2008 के एक्ट में संशोधन किए, लेकिन इस मामले में SGPC और श्री अकाल तख्त साहिब से कोई उचित सलाह-मशविरा नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 के तहत विशेष अधिकार प्राप्त हैं और धार्मिक मामलों में सरकार को दखल देने के बजाय पहले SGPC और श्री अकाल तख्त साहिब से चर्चा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि SGPC को बेअदबी के लिए सख्त सजा देने पर कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि कमेटी इसका स्वागत करती है, लेकिन एक्ट की कुछ धाराएं धार्मिक प्रबंधों और SGPC के अधिकारों को सीधे प्रभावित करती हैं।

उन्होंने खास तौर पर “कस्टोडियन” और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने वाली धारा पर सवाल उठाए। धामी ने कहा कि SGPC के पास पहले से ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की देखरेख और रिकॉर्ड रखने के लिए आधुनिक व्यवस्था मौजूद है। हर स्वरूप को देने से पहले गुरुद्वारे की जांच, कैमरे, अग्निशमन व्यवस्था और ग्रंथी सिंहों की पुष्टि की जाती है।

उन्होंने कहा कि यदि स्वरूपों की पूरी जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी जाए तो यह सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं होगा और इससे गुरु साहिब की महानता को सामान्य वस्तु की तरह प्रस्तुत करने की स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि “सिख रहित मर्यादा” धार्मिक विषय है और इससे जुड़े फैसले श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, न कि सरकारी कानूनी प्रक्रिया के तहत।

SGPC प्रधान ने बताया कि इस मुद्दे पर पहले तख्त श्री दमदमा साहिब में बैठक की गई थी, जिसमें विभिन्न संप्रदायों, गुरुद्वारा कमेटियों और सिंह सभाओं ने हिस्सा लिया। अब 31 मई को गुरुद्वारा श्री बाबा बकाला साहिब में बड़ा पंथक सम्मेलन बुलाया गया है, जिसमें सभी पंथक जत्थेबंदियों, निहंग सिंह दलों, दमदमी टकसाल, निर्मल संप्रदाय और अन्य धार्मिक संस्थाओं को आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक अधिकारों और सिख संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा के लिए आयोजित किया जा रहा है। धामी ने पंजाब सरकार से अपील की कि आपत्तिजनक धाराओं को वापस लिया जाए और धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप से बचा जाए।

बेअदबी के खिलाफ कानून में संशोधनों को लेकर SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा विरोध जताया, 31 मई को बुलाया पंथक सम्मेलन
बेअदबी के खिलाफ कानून में संशोधनों को लेकर SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा विरोध जताया, 31 मई को बुलाया पंथक सम्मेलन
Edited By: Harwinder Singh

खबरें और भी हैं

ब्रिगेडियर एके भारद्वाज ने सैनिक स्कूल कपूरथला में NCC कंपनी का किया वार्षिक निरीक्षण

Advertisement

नवीनतम

ब्रिगेडियर एके भारद्वाज ने सैनिक स्कूल कपूरथला में NCC कंपनी का किया वार्षिक निरीक्षण ब्रिगेडियर एके भारद्वाज ने सैनिक स्कूल कपूरथला में NCC कंपनी का किया वार्षिक निरीक्षण
एनसीसी मुख्यालय जालंधर के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एके भारद्वाज ने सैनिक स्कूल कपूरथला में नंबर-1 एनसीसी कंपनी का वार्षिक निरीक्षण...
BHU के परीक्षा प्रश्न पर विवाद, ‘ब्राह्मणवादी पितृसत्ता’ वाले सवाल को लेकर बढ़ा विरोध
ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के खिलाफ भारत बंद का असर सीमित, जालंधर में खुली रहेंगी अधिकतर मेडिकल दुकानें
बांदा में STF की बड़ी कार्रवाई, ₹50 हजार का इनामी गैंगस्टर शिबू अंसारी गिरफ्तार
बेअदबी के खिलाफ कानून में संशोधनों को लेकर SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा विरोध जताया, 31 मई को बुलाया पंथक सम्मेलन
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software