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यूपी के संत कबीर नगर में अवैध मदरसा ध्वस्त, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
640 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर बना था ढांचा, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला बुलडोजर
संत कबीर नगर में प्रशासन ने अवैध रूप से बने तीन मंजिला मदरसे को ध्वस्त कर दिया, जिसे सरकारी जमीन पर बनाया गया बताया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में प्रशासन ने रविवार को एक अवैध मदरसे को ध्वस्त कर दिया। यह मदरसा शम्सुल हुडा खान नामक एक यूके-आधारित मौलवी का बताया जा रहा है, जो मूल रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश का निवासी है।
अधिकारियों के अनुसार, यह निर्माण खलीलाबाद के मोतीनगर इलाके में 640 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया गया था। यह कार्रवाई बस्ती मंडल आयुक्त द्वारा जारी ध्वस्तीकरण आदेश के बाद की गई, जिसे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में 10 टीमों ने अंजाम दिया।
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में छह बुलडोजरों की मदद से तीन मंजिला इमारत को गिराया गया। इस इमारत में 25 कमरे थे और इसकी निर्माण लागत लगभग 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पूरे अभियान के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मौके पर 100 से अधिक पुलिसकर्मी, जिनमें 30 महिला कांस्टेबल शामिल थीं, के अलावा प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) की दो कंपनियां भी तैनात थीं।
अधिकारियों ने बताया कि यह मदरसा 2024 से बंद था, जबकि इससे पहले इसमें लगभग 400 छात्र पढ़ते थे। प्रशासन का आरोप है कि करीब आठ साल पहले बनाए गए इस निर्माण के लिए विदेशी स्रोतों से धन जुटाया गया था और यह सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था।
एएसपी एसके सिंह ने बताया कि यह संपत्ति शम्सुल हुडा खान से जुड़ी है, जो वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम में रहते हैं और 2013 में ब्रिटिश नागरिकता ले चुके हैं। वह 2017 में भारत छोड़कर चले गए थे, जबकि उनका परिवार अभी भी खलीलाबाद में रहता है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। 2024 में एक स्थानीय निवासी द्वारा एसडीएम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें अवैध निर्माण का आरोप लगाया गया था।
नवंबर 2025 में कोर्ट ने ध्वस्तीकरण का आदेश देते हुए 15 दिनों का समय दिया था। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट और फिर बस्ती मंडल आयुक्त के समक्ष दायर अपीलें खारिज कर दी गईं। मंडल आयुक्त ने 25 अप्रैल को आदेश को बरकरार रखा, जिसके बाद अंतिम नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई।

