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UP NEET UG Re-Exam 2026: उत्तर प्रदेश में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई नीट यूजी पुनर्परीक्षा, 3.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी हुए शामिल
59 जिलों के 760 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से हुई परीक्षा, CCTV निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन के बीच हुई एंट्री।
उत्तर प्रदेश में रविवार को NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित की गई। राज्य के 59 जिलों में बनाए गए 760 परीक्षा केंद्रों पर 3.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। प्रशासन ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की।
उत्तर प्रदेश में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को उत्तर प्रदेश के 59 जिलों में बनाए गए 760 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा में 3.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।
परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक किया गया। अभ्यर्थियों को अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया गया।
लखनऊ में 75 केंद्रों पर हुई परीक्षा
राजधानी लखनऊ में कुल 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिला प्रशासन के अनुसार, पंजीकृत 35,594 अभ्यर्थियों में से 32,761 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक प्रवेश दिया गया।
पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित मूल NEET-UG परीक्षा को कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद लाखों छात्रों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित की गई।
इस बार परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई।
CCTV, बायोमेट्रिक और GPS निगरानी के बीच हुई परीक्षा
परीक्षा के दौरान गोपनीय प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री को GPS युक्त वाहनों से सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया।
सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई। अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले कई स्तरों पर जांच की गई, जिसमें शामिल थे—
- एडमिट कार्ड की जांच
- पहचान पत्र का सत्यापन
- फोटो और हस्ताक्षर का मिलान
- बायोमेट्रिक सत्यापन
इन सभी प्रक्रियाओं के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और नकल रोकने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती की गई।
तैनात सुरक्षा बल में शामिल थे—
- 192 राजपत्रित अधिकारी
- 512 इंस्पेक्टर
- 1,747 सब-इंस्पेक्टर
- 2,152 हेड कांस्टेबल
- 5,882 कांस्टेबल
- 207 होमगार्ड
इसके अलावा, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) की तीन कंपनियां और जीआरपी क्षेत्र में एक प्लाटून भी तैनात किया गया।
कंट्रोल रूम से हुई लाइव मॉनिटरिंग
लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में एक अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया गया, जहां से परीक्षा की लाइव निगरानी की गई।
राज्य स्तरीय समन्वय समिति और NTA के अधिकारियों ने CCTV फीड के माध्यम से सभी केंद्रों पर नजर रखी। साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर भी प्रशासन ने विशेष निगरानी रखी।
Key Highlights:
- उत्तर प्रदेश के 59 जिलों में 760 केंद्रों पर हुई NEET-UG पुनर्परीक्षा।
- 3.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
- लखनऊ में 35,594 में से 32,761 उम्मीदवारों ने दी परीक्षा।
- CCTV, GPS और बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था।
- पेपर लीक विवाद के बाद NTA ने कराया पुनर्परीक्षा का आयोजन।
- परीक्षा के दौरान हजारों पुलिसकर्मी और PAC बल तैनात रहे।
FAQ Section
Q1. उत्तर प्रदेश में NEET-UG पुनर्परीक्षा कितने केंद्रों पर हुई?
राज्य के 59 जिलों में कुल 760 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई।
Q2. कितने अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी?
उत्तर प्रदेश में 3.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पुनर्परीक्षा में भाग लिया।
Q3. लखनऊ में कितने उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए?
35,594 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 32,761 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए।
Q4. परीक्षा में कौन-कौन से सुरक्षा इंतजाम किए गए थे?
CCTV निगरानी, GPS युक्त वाहनों से प्रश्नपत्र परिवहन, बायोमेट्रिक सत्यापन और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।
Q5. पुनर्परीक्षा क्यों कराई गई?
मूल NEET-UG परीक्षा कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी, जिसके चलते पुनर्परीक्षा आयोजित की गई।
Conclusion:
उत्तर प्रदेश में NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुई। प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी और सुरक्षा दोनों स्तरों पर व्यापक व्यवस्थाएं कीं। अब अभ्यर्थियों की नजरें परीक्षा परिणाम पर टिकी हैं।

