UP Weather Update: उत्तर प्रदेश के 34 जिलों में बारिश का भारी संकट, मानसून की धीमी रफ्तार से बढ़ी चिंता

IMD की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, 75 में से 34 जिलों में सामान्य से 60% से अधिक कम बारिश, जबकि पश्चिमी यूपी के कई जिलों में सामान्य से ज्यादा वर्षा दर्ज।

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उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की धीमी प्रगति के कारण बारिश का वितरण असंतुलित बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 1 से 21 जून के बीच राज्य के 34 जिलों में भारी वर्षा की कमी दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी यूपी के कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई।

उत्तर प्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार, 34 जिलों में बारिश का बड़ा घाटा

उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अनुकूल परिस्थितियां नहीं बनने से इस बार बारिश का वितरण काफी असमान रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 21 जून के बीच राज्य के 75 में से 34 जिलों में सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा की कमी दर्ज की गई है।

दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण प्रदेश में मानसून का प्रभाव असंतुलित दिखाई दे रहा है।


16 जिलों में सामान्य, 11 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश

लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार समीक्षा अवधि के दौरान—

  • 16 जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज की गई।
  • 11 जिलों में सामान्य से अधिक या अत्यधिक वर्षा हुई।
  • 34 जिलों में भारी वर्षा की कमी रिकॉर्ड की गई।
  • 13 जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई।

इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार जिन जिलों में सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई, उनमें प्रमुख हैं—

  • आगरा – 158% अधिक
  • एटा – 146% अधिक
  • संभल – 145% अधिक
  • हाथरस – 94% अधिक
  • फिरोजाबाद – 85% अधिक
  • मुजफ्फरनगर – 73% अधिक
  • मथुरा – 64% अधिक

इसके अलावा—

  • कन्नौज – 55% अधिक
  • बुलंदशहर – 51% अधिक
  • मेरठ – 31% अधिक
  • कानपुर नगर – 24% अधिक

पूर्वी और मध्य यूपी में बारिश का गंभीर संकट

पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई।

बड़े वर्षा घाटे वाले प्रमुख जिले हैं—

  • लखनऊ – 66% कमी
  • अयोध्या – 69% कमी
  • अमेठी – 72% कमी
  • बहराइच – 80% कमी
  • बांदा – 96% कमी
  • बस्ती – 66% कमी
  • चित्रकूट – 65% कमी
  • देवरिया – 82% कमी
  • फतेहपुर – 94% कमी
  • गोंडा – 80% कमी
  • कानपुर देहात – 81% कमी
  • लखीमपुर खीरी – 72% कमी
  • कुशीनगर – 98% कमी
  • प्रयागराज – 76% कमी
  • संत कबीर नगर – 73% कमी
  • झांसी – 85% कमी
  • जालौन – 64% कमी
  • महोबा – 90% कमी
  • हमीरपुर – 65% कमी

कौशांबी में एक बूंद भी बारिश नहीं

IMD की रिपोर्ट के अनुसार कौशांबी राज्य का एकमात्र जिला रहा, जहां समीक्षा अवधि के दौरान 100 प्रतिशत वर्षा घाटा दर्ज किया गया। यानी 1 जून से 21 जून के बीच यहां बिल्कुल बारिश नहीं हुई।


13 जिलों में सामान्य से कम बारिश

इन जिलों में 20 से 59 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई—

  • बाराबंकी – 57%
  • गोरखपुर – 54%
  • हरदोई – 34%
  • मऊ – 54%
  • प्रतापगढ़ – 52%
  • सीतापुर – 48%
  • अलीगढ़ – 23%
  • बरेली – 38%
  • बिजनौर – 43%
  • सहारनपुर – 40%

24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?

21 जून सुबह 8:30 बजे तक के पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की और छिटपुट बारिश दर्ज की गई।

मुख्य आंकड़े—

  • आगरा के खैरागढ़ में 18 मिमी वर्षा (सर्वाधिक)
  • सोनभद्र के चुर्क में 8.6 मिमी
  • सुल्तानपुर में 8.6 मिमी
  • लखनऊ में 2.6 मिमी बारिश दर्ज हुई।

मानसून की असमान प्रगति बनी चिंता

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून अपेक्षाकृत सक्रिय रहा, जबकि पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से अब भी सामान्य वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार नहीं बढ़ी तो कृषि और जल संसाधनों पर इसका असर पड़ सकता है।


Key Highlights:

  • उत्तर प्रदेश के 34 जिलों में भारी वर्षा की कमी।
  • 16 जिलों में सामान्य और 11 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश।
  • आगरा में सबसे अधिक 158% अतिरिक्त वर्षा दर्ज।
  • कौशांबी में 100% वर्षा घाटा, एक बूंद भी बारिश नहीं।
  • पूर्वी और मध्य यूपी में मानसून कमजोर।
  • IMD ने असमान वर्षा वितरण पर जताई चिंता।

FAQ Section

Q1. उत्तर प्रदेश में कितने जिलों में बारिश की भारी कमी दर्ज हुई है?

IMD के अनुसार 75 में से 34 जिलों में 60 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा की कमी दर्ज की गई है।

Q2. किस जिले में सबसे अधिक अतिरिक्त बारिश हुई?

आगरा में सामान्य से 158 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई।

Q3. किस जिले में बिल्कुल बारिश नहीं हुई?

कौशांबी में 100 प्रतिशत वर्षा घाटा दर्ज किया गया, यानी वहां एक भी बारिश नहीं हुई।

Q4. किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बारिश की कमी है?

पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है।

Q5. IMD ने क्या कहा है?

मौसम विभाग के अनुसार मानसून का वितरण असमान रहा है और पश्चिमी यूपी की तुलना में पूर्वी एवं मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश काफी कम हुई है।


Conclusion:

उत्तर प्रदेश में मानसून की धीमी और असमान प्रगति ने कई जिलों में जल संकट और कृषि संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। जहां पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, वहीं पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिले अब भी पर्याप्त वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता राज्य की स्थिति तय करेगी।Screenshot_2632

Edited By: Karan Singh

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