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जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: आखिर क्यों भगवान जगन्नाथ का प्रसाद सड़क पर बिखेरा जाता है? जानिए इसके पीछे की मान्यता
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: आखिर क्यों भगवान जगन्नाथ का प्रसाद सड़क पर बिखेरा जाता है? जानिए इसके पीछे की मान्यता
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: आखिर क्यों भगवान जगन्नाथ का प्रसाद सड़क पर बिखेरा जाता है? जानिए इसके पीछे की मान्यता
Jagannath Rath Yatra 2026: आज से ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ हो गया है। हर साल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के अवसर पर निकलने वाली यह भव्य यात्रा देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा भव्य रथों पर विराजमान होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं।
रथ यात्रा के दौरान कई धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं, जिनमें से एक है भगवान जगन्नाथ के प्रसाद को मार्ग में बिखेरना। पहली नजर में यह अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे गहरी धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है।
मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ के रथ के मार्ग पर प्रसाद बिखेरना शुभ माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि इससे यात्रा मार्ग पवित्र होता है और भगवान का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं तक समान रूप से पहुंचता है। कई भक्त इस प्रसाद को श्रद्धा से ग्रहण करते हैं और इसे सौभाग्य व समृद्धि का प्रतीक मानते हैं।
पुरी की ऐतिहासिक बड़दांडा (ग्रैंड रोड) पर निकलने वाली यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान और भक्त के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का अद्भुत उत्सव मानी जाती है। रथ यात्रा के दौरान भगवान स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं, इसलिए इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है।
Jagannath Rath Yatra 2026: आज से ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ हो गया है। हर साल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के अवसर पर निकलने वाली यह भव्य यात्रा देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा भव्य रथों पर विराजमान होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं।
रथ यात्रा के दौरान कई धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं, जिनमें से एक है भगवान जगन्नाथ के प्रसाद को मार्ग में बिखेरना। पहली नजर में यह अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे गहरी धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है।
मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ के रथ के मार्ग पर प्रसाद बिखेरना शुभ माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि इससे यात्रा मार्ग पवित्र होता है और भगवान का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं तक समान रूप से पहुंचता है। कई भक्त इस प्रसाद को श्रद्धा से ग्रहण करते हैं और इसे सौभाग्य व समृद्धि का प्रतीक मानते हैं।पुरी की ऐतिहासिक बड़दांडा (ग्रैंड रोड) पर निकलने वाली यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान और भक्त के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का अद्भुत उत्सव मानी जाती है। रथ यात्रा के दौरान भगवान स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं, इसलिए इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है।

