जज को अपशब्द कहना पड़ा भारी, लाइव कैमरे के सामने बिना शर्त माफी मांगेंगे वरिष्ठ वकील फिरदौस शमीम

कलकत्ता हाई कोर्ट ने अदालत में आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर कड़ा रुख अपनाया, माफी से संतुष्ट नहीं होने पर आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी।

On

कलकत्ता हाई कोर्ट ने वरिष्ठ वकील फिरदौस शमीम को जज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर उसी अदालत में लाइव कैमरे के सामने बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया है।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने न्यायाधीश के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में वरिष्ठ वकील फिरदौस शमीम को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने उन्हें उसी कोर्टरूम में लाइव कैमरे के सामने बिना शर्त माफी मांगने का आदेश दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि वकील की माफी से न्यायालय संतुष्ट नहीं होता है, तो उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इस आदेश के साथ कोर्ट ने न्यायिक गरिमा और अदालत की मर्यादा बनाए रखने पर सख्त संदेश दिया है।

जज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा पर कोर्ट सख्त

मामला उस समय सामने आया जब वरिष्ठ वकील फिरदौस शमीम पर न्यायाधीश के लिए आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा। मामले पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने इस व्यवहार को गंभीरता से लिया।

लाइव कैमरे के सामने मांगनी होगी माफी

कलकत्ता हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि वरिष्ठ वकील को उसी अदालत में लाइव कैमरे के सामने बिना शर्त माफी मांगनी होगी। कोर्ट ने माफी को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं, बल्कि न्यायालय की गरिमा को स्वीकार करते हुए पेश करने की बात कही।

माफी स्वीकार नहीं हुई तो होगी अवमानना कार्रवाई

अदालत ने चेतावनी दी कि यदि माफी संतोषजनक नहीं पाई गई, तो वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही की जा सकती है। यानी मामले में आगे कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा।

अदालत की गरिमा पर जोर

हाई कोर्ट के इस रुख से साफ है कि न्यायिक अधिकारियों के प्रति अपमानजनक भाषा और अदालत की कार्यवाही के दौरान अनुशासनहीन व्यवहार को गंभीरता से लिया जाएगा। न्यायालय ने अपने आदेश के जरिए कोर्ट की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

Key Highlights:

• कलकत्ता हाई कोर्ट ने वरिष्ठ वकील फिरदौस शमीम को माफी मांगने का आदेश दिया।
• जज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया।
• माफी उसी अदालत में लाइव कैमरे के सामने मांगनी होगी।
• माफी बिना शर्त होनी चाहिए।
• माफी से संतुष्ट नहीं होने पर आपराधिक अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।

FAQ Section:

फिरदौस शमीम को माफी क्यों मांगनी होगी?
वरिष्ठ वकील फिरदौस शमीम पर जज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। इसी मामले में हाई कोर्ट ने उन्हें बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया है।

माफी कहां मांगनी होगी?
उन्हें उसी अदालत में लाइव कैमरे के सामने माफी मांगने का आदेश दिया गया है।

क्या माफी मांगने के बाद मामला खत्म हो जाएगा?
जरूरी नहीं। अदालत ने कहा है कि यदि माफी से वह संतुष्ट नहीं होती, तो आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।

कोर्ट ने किस तरह की माफी मांगने को कहा है?
अदालत ने बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया है।

इस मामले में हाई कोर्ट ने क्या संदेश दिया?
अदालत के रुख से न्यायिक गरिमा और कोर्ट की कार्यवाही में अनुशासन बनाए रखने की गंभीरता स्पष्ट होती है।

Conclusion:

कलकत्ता हाई कोर्ट ने जज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ वकील फिरदौस शमीम को लाइव कैमरे के सामने बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि माफी संतोषजनक नहीं होने पर आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।Untitled design (39).jpg (1)

Edited By: Atul Sharma

खबरें और भी हैं

Punjab Flood Alert: Baupur Bundh टूटने की पुरानी यादें फिर ताजा, Beas के बढ़ते जलस्तर से गांवों में चिंता

Advertisement

नवीनतम

Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software