Punjab Flood Alert: Baupur Bundh टूटने की पुरानी यादें फिर ताजा, Beas के बढ़ते जलस्तर से गांवों में चिंता

पिछले साल 11 अगस्त को Baupur में बांध टूटने से आई भीषण बाढ़ को ग्रामीण आज भी नहीं भूल पाए हैं। Aahli Kalan में bundh के कमजोर हिस्से को लेकर चिंता बढ़ी है, प्रशासन ने एहतियाती इंतजाम किए हैं।

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Beas नदी के किनारे बसे गांवों में पिछले साल की बाढ़ की यादें फिर ताजा हो गई हैं। Aahli Kalan में bundh के पास रखे पत्थरों के बह जाने के बाद ग्रामीणों ने sandbags से कमजोर हिस्से को मजबूत करने की अपील की है।

 

पंजाब में Beas नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए पिछले साल की बाढ़ की भयावह यादें अभी भी ताजा हैं। 11 अगस्त को Baupur गांव में bundh टूटने की घटना ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी थी। एक साल बाद भी उस घटना का डर ग्रामीणों के मन से पूरी तरह नहीं निकला है।

अब Aahli Kalan गांव में bundh के एक हिस्से को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि bundh के किनारे सुरक्षा के लिए रखे गए पत्थर नदी में बह गए हैं, जिससे कमजोर हिस्से पर खतरा बढ़ सकता है।

ग्रामीणों ने sandbags जुटाने की अपील की

गांव के निवासियों की ओर से जारी एक वीडियो में एक ग्रामीण लोगों से आगे आने और sandbags लेकर bundh के कमजोर हिस्से को मजबूत करने में मदद करने की अपील करता नजर आया।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल की तबाही को देखते हुए किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि समय रहते bundh को मजबूत करने से किसी बड़ी समस्या को टाला जा सकता है।

जुलाई में भी बढ़ा था Beas का जलस्तर

यह चिंता ऐसे समय सामने आई है जब जुलाई में Beas नदी का जलस्तर बढ़ गया था। उस दौरान पानी कुछ खेतों तक पहुंच गया था, हालांकि बाद में नदी का जलस्तर घटने के साथ स्थिति सामान्य हो गई।

पिछले साल की बाढ़ की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीण अब किसी भी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रशासन और ग्रामीणों को मिलकर पहले से तैयारी करनी चाहिए।

प्रशासन ने कहा- फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं

प्रशासन ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया है। अधिकारियों के अनुसार Beas नदी में इस समय करीब 22,000 से 25,000 cusecs पानी बह रहा है और मौजूदा स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है।

गांव के किसान नेता Rashpal Singh ने बताया कि bundh को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मंगलवार को मजदूरों की कमी के कारण काम प्रभावित हुआ। उन्होंने ग्रामीणों से ज्यादा संख्या में आगे आकर इस काम में सहयोग करने की अपील की।

Rashpal Singh ने कहा कि पिछले साल की घटना को भुलाना आसान नहीं है और ग्रामीणों को डर है कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

Drainage Department ने उपलब्ध कराए sandbags

Drainage Department के एक अधिकारी ने बताया कि bundh को मजबूत करने के लिए प्रशासन की ओर से sandbags उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

अधिकारी के मुताबिक, यदि नदी का जलस्तर बढ़ता है या किसी तरह की असामान्य स्थिति दिखाई देती है तो ग्रामीणों को पहले से सूचना दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

नौ relief centres तैयार, कमजोर हिस्सों की पहचान

Sultanpur Lodhi के SDM Jasjit Singh ने इससे पहले बताया था कि Beas के किनारे संवेदनशील हिस्सों को देखते हुए प्रशासन ने precautionary measures लागू किए हैं।

प्रशासन के अनुसार:

  • नौ relief centres स्थापित किए गए हैं।
  • Drainage Department के अधिकारियों और tehsildars को संयुक्त निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
  • Dhussi bundh के कमजोर हिस्सों की पहचान की गई है।
  • संवेदनशील स्थानों पर strengthening work शुरू किया गया है।
  • अतिरिक्त sandbags का इंतजाम किया गया है।
  • petrol और diesel का reserve stock रखा गया है।
  • food packets और अन्य जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया गया है।

पिछले साल की बाढ़ का खौफ अभी बरकरार

Baupur में पिछले साल bundh टूटने की घटना ग्रामीणों के लिए आज भी एक दर्दनाक याद है। एक साल बाद भी नदी का जलस्तर बढ़ने या bundh के कमजोर होने की खबरें सामने आते ही लोगों में चिंता बढ़ जाती है।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन संवेदनशील हिस्सों की नियमित निगरानी करे और जहां भी bundh कमजोर है, वहां समय रहते मरम्मत एवं मजबूती का काम पूरा किया जाए।

Key Highlights:

  • 11 अगस्त को Baupur में bundh टूटने की घटना को एक साल पूरा हुआ।
  • पिछले साल की बाढ़ की यादें ग्रामीणों के बीच अभी भी ताजा हैं।
  • Aahli Kalan में bundh के कमजोर हिस्से को लेकर चिंता जताई गई।
  • ग्रामीणों के अनुसार bundh के किनारे रखे पत्थर नदी में बह गए।
  • ग्रामीणों ने sandbags लेकर bundh मजबूत करने की अपील की।
  • Beas में फिलहाल करीब 22,000–25,000 cusecs पानी बह रहा है।
  • प्रशासन ने मौजूदा स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
  • नौ relief centres तैयार किए गए हैं।
  • कमजोर हिस्सों की पहचान कर strengthening work शुरू किया गया है।
  • प्रशासन ने sandbags, ईंधन, food packets और अन्य जरूरी सामान का इंतजाम किया है।

FAQ Section:

Aahli Kalan में चिंता क्यों बढ़ी है?

ग्रामीणों के अनुसार bundh के पास सुरक्षा के लिए रखे गए कुछ पत्थर नदी में बह गए हैं, जिससे bundh के एक कमजोर हिस्से को लेकर चिंता बढ़ी है।

पिछले साल Baupur में क्या हुआ था?

11 अगस्त को Baupur गांव में bundh टूटने के बाद क्षेत्र में विनाशकारी बाढ़ आई थी, जिसकी यादें ग्रामीणों के बीच अभी भी बनी हुई हैं।

Beas में फिलहाल कितना पानी बह रहा है?

प्रशासन के अनुसार Beas नदी में वर्तमान में करीब 22,000 से 25,000 cusecs पानी बह रहा है।

क्या प्रशासन ने कोई तैयारी की है?

हां। प्रशासन ने नौ relief centres स्थापित किए हैं, कमजोर हिस्सों की पहचान की है और strengthening work के लिए sandbags समेत जरूरी सामान उपलब्ध कराया है।

ग्रामीण bundh को मजबूत करने के लिए क्या कर रहे हैं?

ग्रामीणों से sandbags लेकर आगे आने और bundh के कमजोर हिस्सों को मजबूत करने में सहयोग करने की अपील की गई है।

Conclusion:

पिछले साल Baupur में bundh टूटने से हुई तबाही की यादें आज भी Beas किनारे बसे ग्रामीणों को सतर्क कर रही हैं। Aahli Kalan में bundh के कमजोर हिस्से को लेकर सामने आई चिंता के बीच प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने और जरूरी एहतियाती कदम उठाने की बात कही है। फिलहाल जलस्तर नियंत्रण में बताया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पिछले अनुभव को देखते हुए किसी भी संभावित खतरे से पहले तैयारी पूरी रखना जरूरी है।Screenshot_694

Edited By: Atul Sharma

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