Yamunanagar-Jagadhri में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई, Pansara में 6 इमारतों के दरवाजे सील; तालाब की जमीन पर कब्जे का आरोप

पांसरा गांव में तालाब की ओर अवैध दरवाजे खोलने की शिकायत के बाद नगर निगम ने कार्रवाई की। नोटिस और व्यक्तिगत सुनवाई का मौका देने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर छह भवनों को सील किया गया।

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Municipal Corporation Yamunanagar-Jagadhri ने पांसरा गांव में सार्वजनिक जमीन और तालाब की ओर कथित अवैध प्रवेश द्वार खोलने के मामले में छह भवनों को सील कर दिया। कार्रवाई हरियाणा नगर निगम अधिनियम के तहत की गई।

यमुनानगर-जगाधरी में सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। Municipal Corporation Yamunanagar-Jagadhri (MCYJ) ने पांसरा गांव में छह इमारतों के दरवाजे सील कर दिए हैं। आरोप है कि इन भवनों के मालिकों ने गांव के तालाब की ओर अनधिकृत दरवाजे और प्रवेश द्वार खोल रखे थे।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, तालाब की ओर बनाए गए ये प्रवेश द्वार नगर निगम की जमीन पर अतिक्रमण और निर्माण नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आते हैं। कार्रवाई नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देश पर की गई।

नोटिस के बाद भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब

MCYJ को पांसरा गांव में तालाब की ओर बने कुछ भवनों के प्रवेश द्वार को लेकर शिकायतें मिली थीं। पांसरा गांव नगर निगम के वार्ड नंबर 12 के अंतर्गत आता है।

शिकायत मिलने के बाद डिप्टी टाउन प्लानर और बिल्डिंग इंस्पेक्टरों ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों की रिपोर्ट में सामने आया कि संबंधित छह भवनों के दरवाजे तालाब की ओर खोले गए थे।

नगर निगम ने इसके बाद सभी छह भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए।

इसके बाद नगर निगम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू की।

हरियाणा नगर निगम अधिनियम के तहत कार्रवाई

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि छह भवनों के खिलाफ सीलिंग कार्रवाई Haryana Municipal Corporation Act, 1994 की धाराओं 250, 261, 262 और 263-A के तहत की गई।

कार्रवाई के दौरान MCYJ की टीम में डिप्टी टाउन प्लानर मुनेश्वर भारद्वाज, मृणाल जायसवाल और जूनियर इंजीनियर मनीष कुमार शामिल रहे।

नगर निगम आयुक्त ने दी सख्त चेतावनी

नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि संबंधित भवन मालिकों को पहले नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम की जमीन, तालाबों या अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी तरह का अनधिकृत निर्माण या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नगर निगम की कार्रवाई से स्पष्ट है कि सार्वजनिक भूमि और जलस्रोतों से जुड़े मामलों में प्रशासन नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपना रहा है।

Key Highlights:

  • MCYJ ने पांसरा गांव में छह भवनों को सील किया।
  • भवनों के मालिकों पर तालाब की ओर अवैध दरवाजे खोलने का आरोप था।
  • पांसरा गांव नगर निगम के वार्ड नंबर 12 में आता है।
  • शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया।
  • छह भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
  • संबंधित लोगों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया।
  • जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर सीलिंग कार्रवाई की गई।
  • कार्रवाई Haryana Municipal Corporation Act, 1994 की धाराओं 250, 261, 262 और 263-A के तहत हुई।
  • नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने सार्वजनिक जमीन और तालाबों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

FAQ Section:

पांसरा गांव में कितने भवनों को सील किया गया?

Municipal Corporation Yamunanagar-Jagadhri ने छह भवनों के दरवाजे सील किए हैं।

भवनों को क्यों सील किया गया?

नगर निगम के अनुसार, इन भवनों में तालाब की ओर अनधिकृत प्रवेश द्वार खोले गए थे, जिसे सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण और निर्माण नियमों का उल्लंघन माना गया।

क्या भवन मालिकों को नोटिस दिया गया था?

हां। नगर निगम ने सभी छह भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया था।

कार्रवाई किस कानून के तहत हुई?

सीलिंग कार्रवाई Haryana Municipal Corporation Act, 1994 की धाराओं 250, 261, 262 और 263-A के तहत की गई।

पांसरा गांव किस वार्ड में आता है?

पांसरा गांव Municipal Corporation Yamunanagar-Jagadhri के वार्ड नंबर 12 में आता है।

नगर निगम ने आगे क्या चेतावनी दी है?

नगर निगम आयुक्त ने कहा है कि नगर निगम की जमीन, तालाबों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अनधिकृत निर्माण या अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Conclusion:

यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम ने पांसरा गांव में तालाब की ओर कथित अनधिकृत दरवाजे खोलने के मामले में छह भवनों को सील कर सख्त संदेश दिया है। नोटिस और सुनवाई का अवसर देने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कानून के तहत कार्रवाई की गई। नगर निगम ने साफ किया है कि सार्वजनिक जमीन, तालाबों और अन्य सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।Screenshot_686

Edited By: Atul Sharma

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