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Sugar Price Hike: चीनी के बाद शक्कर, गुड़ और ब्राउन शुगर भी महंगे, एक महीने में 10-15% तक बढ़े दाम; मिठाई कारोबार पर असर
अमृतसर में चीनी की कीमत 54-56 रुपये प्रति किलो तक पहुंची। शक्कर और गुड़ 80 से बढ़कर 90 रुपये तथा ब्राउन शुगर 75 से 90 रुपये किलो हो गई।
चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच अब शक्कर, गुड़ और ब्राउन शुगर के दामों में भी तेजी आई है। पिछले एक महीने में इन उत्पादों की कीमतें करीब 10 से 15 फीसदी तक बढ़ी हैं, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच अब रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले दूसरे मीठे उत्पाद भी महंगे हो गए हैं। अमृतसर में पिछले एक महीने के दौरान शक्कर, गुड़ और ब्राउन शुगर के दामों में करीब 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ मिठाई और अन्य खाद्य उत्पाद बनाने वाले कारोबारियों की चिंता भी बढ़ गई है।
स्थानीय किराना कारोबारियों के मुताबिक चीनी की कीमत भी अब 54 से 56 रुपये प्रति किलो के बीच पहुंच गई है, जबकि पहले यह 46 से 48 रुपये प्रति किलो के आसपास थी।
शक्कर, गुड़ और ब्राउन शुगर के दाम बढ़ेशहर के प्रमुख किराना कारोबारियों में शामिल Sandeep Gupta के अनुसार, चीनी के अलावा शक्कर, गुड़ और ब्राउन शुगर के दामों में भी तेज उछाल आया है।
वर्तमान कीमतों की तुलना पहले के दामों से करें तो स्थिति इस प्रकार है:
- चीनी: 46-48 रुपये से बढ़कर 54-56 रुपये प्रति किलो
- शक्कर: 80 रुपये से बढ़कर 90 रुपये प्रति किलो
- गुड़: 80 रुपये से बढ़कर 90 रुपये प्रति किलो
- ब्राउन शुगर: 75 रुपये से बढ़कर 90 रुपये प्रति किलो
किराना कारोबारियों की चिंता बढ़ी
Sandeep Gupta ने कहा कि चीनी और अन्य मीठे उत्पादों की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने कारोबारियों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आवश्यक खाद्य वस्तुएं आगे कितनी सस्ती या महंगी रहेंगी।
उन्होंने सरकार से चीनी की कीमतों को स्थिर रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। उनका कहना है कि चीनी को एथेनॉल उत्पादन की ओर डायवर्ट किए जाने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने की जरूरत है, ताकि घरेलू बाजार में कीमतें एक स्थिर दायरे में बनी रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई अनधिकृत व्यक्ति बड़ी मात्रा में चीनी का भंडारण करके बाद में ऊंची कीमत पर उसकी बिक्री न कर सके।
मिठाई कारोबारियों पर पड़ सकता है असर
जानकारों का कहना है कि चीनी और इससे जुड़े उत्पादों की कीमत बढ़ने का सीधा असर मिठाई कारोबार पर पड़ सकता है। मिठाइयों के निर्माण में चीनी प्रमुख कच्चे माल में शामिल है, इसलिए लंबे समय तक कीमतों में तेजी रहने पर उत्पादन लागत बढ़ना तय माना जा रहा है।
हालांकि, अमृतसर के एक प्रमुख पारंपरिक मिठाई विक्रेता Sanket Kamboj ने फिलहाल मिठाइयों के दाम बढ़ाने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि हाल में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में करीब 7 फीसदी की वृद्धि के बावजूद मिठाइयों के दाम नहीं बढ़ाए गए थे।
एप्पल मुरब्बा भी होगा महंगा
Achaar Murabba Association, Punjab के अध्यक्ष Rakesh Thukral ने बताया कि पड़ोसी पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से सेब की आवक बाजार में शुरू हो गई है। सेब के मुरब्बे की मांग हमेशा अधिक रहती है।
उन्होंने कहा कि चूंकि मुरब्बा बनाने में चीनी की बड़ी भूमिका होती है, इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी का असर उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। ऐसे उत्पाद खरीदने के लिए लोगों को पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
Key Highlights:
- अमृतसर में चीनी के दाम 54-56 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
- पहले चीनी 46-48 रुपये प्रति किलो बिक रही थी।
- शक्कर की कीमत 80 से बढ़कर 90 रुपये किलो हुई।
- गुड़ के दाम भी 80 से बढ़कर 90 रुपये किलो हो गए।
- ब्राउन शुगर 75 से बढ़कर 90 रुपये किलो हो गई।
- पिछले एक महीने में इन उत्पादों की कीमतों में करीब 10-15 फीसदी तक तेजी आई।
- कारोबारियों ने चीनी की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की मांग की।
- विशेषज्ञों के मुताबिक मिठाई और चीनी आधारित उत्पादों की लागत बढ़ सकती है।
- फिलहाल एक प्रमुख मिठाई कारोबारी ने मिठाइयों के दाम बढ़ाने से इनकार किया है।
- सेब मुरब्बा जैसे उत्पाद भी महंगे होने की संभावना जताई गई है।
FAQ Section:
अमृतसर में चीनी की कीमत कितनी हो गई है?
अमृतसर में चीनी की कीमत फिलहाल 54 से 56 रुपये प्रति किलो के बीच बताई गई है।
चीनी के दाम पहले कितने थे?
स्थानीय किराना कारोबारी के अनुसार, पहले चीनी 46 से 48 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही थी।
शक्कर और गुड़ की कीमत कितनी बढ़ी?
शक्कर और गुड़ दोनों की कीमत 80 रुपये से बढ़कर 90 रुपये प्रति किलो हो गई है।
ब्राउन शुगर कितने रुपये किलो हो गई?
ब्राउन शुगर की कीमत 75 रुपये से बढ़कर 90 रुपये प्रति किलो बताई गई है।
क्या मिठाइयां भी महंगी होंगी?
चीनी की कीमत बढ़ने से मिठाई बनाने की लागत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, एक प्रमुख पारंपरिक मिठाई कारोबारी ने फिलहाल कीमत बढ़ाने से इनकार किया है।
चीनी के दाम बढ़ने की वजह क्या बताई जा रही है?
स्थानीय कारोबारी ने चीनी को एथेनॉल उत्पादन की ओर डायवर्ट करने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने और बाजार में अनधिकृत भंडारण पर रोक लगाने की जरूरत बताई है।
Conclusion:
चीनी के साथ शक्कर, गुड़ और ब्राउन शुगर की कीमतों में आई तेजी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। अमृतसर में पिछले एक महीने में इन उत्पादों के दाम 10 से 15 फीसदी तक बढ़े हैं। इसका असर आने वाले समय में मिठाई, मुरब्बा और अन्य चीनी आधारित उत्पादों की कीमतों पर पड़ सकता है। फिलहाल कारोबारियों की नजर बाजार की स्थिति और सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर है।
