हरियाणा से Haryana की दो Rajya Sabha सीटों के लिए नामांकन वापसी की अंतिम तिथि सोमवार को समाप्त हो गई। इसके बाद अब चुनावी मैदान में तीन उम्मीदवार रह गए हैं— Sanjay Bhatia (भाजपा), Karamvir Singh Boudh (कांग्रेस) और निर्दलीय उम्मीदवार Subhash Nandal।
इन सीटों पर वर्तमान सांसद Kiran Choudhry और Ram Chander Jangra का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।
निर्दलीय उम्मीदवार के आने से मुकाबला दिलचस्प
भाजपा के पूर्व उम्मीदवार सुभाष नंदल ने गुरुवार को निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया, जिससे मुकाबला रोचक हो गया। उन्होंने 2019 के विधानसभा चुनाव में Bhupinder Singh Hooda के खिलाफ Garhi-Sampla-Kiloi constituency से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे।
नंदल ने कहा कि वह अभी भी भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष हैं, लेकिन चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ रहे हैं।
विधानसभा में दलों की स्थिति
90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में दलों की स्थिति इस प्रकार है:
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Bharatiya Janata Party – 48 विधायक
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Indian National Congress – 37 विधायक
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Indian National Lok Dal – 2 विधायक
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3 निर्दलीय विधायक
राज्यसभा की दो सीटें जीतने के लिए 31 वोट आवश्यक हैं।
क्रॉस वोटिंग से बदल सकता है समीकरण
कांग्रेस के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या है, लेकिन यदि क्रॉस वोटिंग होती है तो स्थिति बदल सकती है।
निर्दलीय उम्मीदवार नंदल को जीतने के लिए भाजपा के 17 दूसरे वरीयता वोट, तीन निर्दलीय विधायकों, दो Indian National Lok Dal विधायकों और कम से कम आठ कांग्रेस विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।
चुनाव कार्यक्रम
राज्यसभा चुनाव के लिए 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी।
उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि
भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया (58) Karnal से पूर्व लोकसभा सांसद रह चुके हैं और उन्हें केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री Manohar Lal Khattar का करीबी माना जाता है।
कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर सिंह बौद्ध हरियाणा सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और दलित समुदाय के मुद्दों को उठाने वाले सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं।
