सीएम सैनी का कांग्रेस विधायक के घर अचानक दौरा
Sirsa में रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रमों के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने अचानक Gokul Setia के घर पहुंचकर उन्हें उनके छोटे भाई की शादी की बधाई दी।
कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने बाद में अपने Facebook पेज पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री पहले से तय कार्यक्रमों के कारण शादी में शामिल नहीं हो पाए थे, इसलिए उन्होंने व्यक्तिगत रूप से घर जाकर बधाई दी।
यह मुलाकात आगामी Rajya Sabha चुनाव से पहले होने के कारण चर्चा का विषय बन गई है। गोकुल सेतिया पहले भी सार्वजनिक रूप से सीएम सैनी की प्रशंसा कर चुके हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके Bharatiya Janata Party में शामिल होने की अटकलें भी लगाईं।
दिलचस्प बात यह रही कि सैनी के करीबी माने जाने वाले कांडा बंधुओं का घर भी सेतिया के घर के पास है। उनके घर के दरवाजे मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए खुले थे, लेकिन सीएम केवल सेतिया से मिलकर वापस लौट गए।
किसान नेता ने सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने की अपील
Kurukshetra में किसानों के अधिकारों को लेकर आंदोलन तेज होने के बीच Bhartiya Kisan Union (Charuni) के प्रमुख Gurnam Singh Charuni ने अपने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि आंदोलन का संदेश तेजी से फैलाने के लिए सोशल मीडिया और वीडियो महत्वपूर्ण साधन हैं। उन्होंने सदस्यों से उनके Facebook पेज को फॉलो करने और किसान नेताओं द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो साझा करने का आग्रह किया, ताकि अधिक लोगों तक संदेश पहुंच सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से अचानक कोई आह्वान किया जाता है तो किसान जल्दी एकत्र हो सकें।
राज्यसभा चुनाव में रोचक मुकाबला, रोहतक से जीत तय
Rohtak में लोगों का मानना है कि हरियाणा की दो Rajya Sabha सीटों के चुनाव का परिणाम चाहे जो हो, एक सीट पर रोहतक का प्रतिनिधि जरूर पहुंचेगा।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष Satish Nandal के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में आने से मुकाबला त्रिकोणीय और रोचक हो गया है।
नंदल और कांग्रेस उम्मीदवार Karamvir Singh Boudh दोनों रोहतक से हैं, जबकि भाजपा ने Sanjay Bhatia को उम्मीदवार बनाया है, जो Karnal से हैं।
30 साल बाद प्लॉट मिले, फिर भी घर का इंतजार
Panipat के Khukhrana village के 445 निवासियों को शनिवार को पुनर्वास स्थल पर प्लॉट आवंटन पत्र मिले।
हालांकि तीन दशक बाद प्लॉट मिलने के बावजूद उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई है। उन्हें पहले अपने प्लॉट का पंजीकरण कराना होगा और फिर पुराने घरों के मुआवजे का इंतजार करना पड़ेगा।
खुखराना के लोगों को थर्मल पावर स्टेशन और सीमेंट प्लांट से होने वाले हवा और पानी के प्रदूषण के कारण वर्षों से खराब परिस्थितियों में रहना पड़ रहा था। मुआवजा मिलने के बाद ही वे नए स्थान पर घर बना सकेंगे।

