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अमृतसर के भगवान वाल्मीकि तीर्थ सरोवर में छोड़ी गईं 500 रंग-बिरंगी मछलियां, विकास कार्यों पर खर्च हो रहे ₹17.72 करोड़
रामतीर्थ मेले और भगवान वाल्मीकि के प्रकाश उत्सव से पहले धार्मिक स्थल पर विशेष कार्यक्रम, पंजाब सरकार ने सरोवर की सफाई और सौंदर्यीकरण पर भी किया काम
अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के पवित्र सरोवर में सोमवार को 500 रंग-बिरंगी मछलियों के बच्चे छोड़े गए। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल और कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ सहित कई गणमान्य लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। तीर्थ स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण पर करीब 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
पंजाब के अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के पवित्र सरोवर में सोमवार को 500 रंग-बिरंगी मछलियों के बच्चे छोड़े गए। यह कार्यक्रम 10 दिवसीय रामतीर्थ मेले और भगवान वाल्मीकि के प्रकाश उत्सव से पहले आयोजित किया गया।
इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल, भगवान वाल्मीकि जी तीर्थ स्थल श्राइन बोर्ड की सलाहकार समिति के अध्यक्ष बाल योगी प्रगट नाथ और कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ मौजूद रहे।
पंजाब सरकार ने हाल ही में सरोवर की सफाई और अन्य जरूरी कार्य करवाए हैं। सफाई के बाद सरोवर को दोबारा पानी से भर दिया गया है।
भगवान वाल्मीकि के उपदेश आज भी मानवता को देते हैं प्रेरणा: संधवां
विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि पंजाब ऋषि-मुनियों, संतों और गुरुओं की धरती है। उन्होंने भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को पवित्र स्थान बताते हुए कहा कि मान्यता के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि ने यहां तपस्या की, अपना आश्रम स्थापित किया और लव-कुश को शिक्षा दी।
संधवां ने कहा कि भगवान वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी मानवता को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने इस पवित्र स्थल की सुंदरता बढ़ाने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विकास कार्य शुरू किए हैं।
पिछले सप्ताह भी सरोवर में छोड़े गए थे 2,500 मछली के बच्चे
लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने बताया कि पिछले सप्ताह सरोवर में करीब 2,500 मछली के बच्चे छोड़े गए थे। इनमें रोहू, मृगल कार्प, कॉमन कार्प और ग्रास कार्प जैसी प्रजातियां शामिल थीं।
सोमवार को छोड़े गए 500 मछली के बच्चों में कोई कार्प, रेड हेड और इसी तरह की अन्य रंग-बिरंगी किस्में शामिल थीं।
इस तरह धार्मिक आयोजन से पहले सरोवर में मछलियों की विभिन्न प्रजातियां छोड़ी गईं।
तीर्थ स्थल के विकास पर खर्च हो रहे 17.72 करोड़ रुपये
हरभजन सिंह ईटीओ के अनुसार, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण पर करीब 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें सरोवर की सफाई, इमारतों की मरम्मत और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने से जुड़े कई कार्य शामिल हैं।
प्रमुख कार्यों का विवरण इस प्रकार है:
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सरोवर की सफाई पर 3.74 करोड़ रुपये: सरोवर की सफाई, गाद निकालने, साफ रेत बिछाने और संबंधित कार्यों पर यह राशि खर्च की गई है।
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करीब 2.80 करोड़ रुपये के कार्य: मुख्य मंदिर की पेंटिंग और पॉलिश, रास्तों के किनारे बने स्तंभों की मरम्मत और बलुआ पत्थर पर सिलिकॉन कटिंग का काम जारी है।
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करीब 2.42 करोड़ रुपये के कार्य: संगत हॉल में पत्थर के काम की मरम्मत तथा लंगर हॉल, सराय और पैनोरमा परिसर के हॉल में रंग-रोगन कराया जा रहा है।
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करीब 1.74 करोड़ रुपये की सुविधाएं: सराय में नया फर्नीचर, एयर कंडीशनर और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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5 करोड़ रुपये से अधिक के अन्य कार्य: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता बढ़ाने, बाथरूम की मरम्मत, नए एयर कंडीशनर और गीजर लगाने तथा अग्नि सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने जैसे कार्य शामिल हैं।
रामतीर्थ मेले से पहले सुविधाएं बेहतर बनाने पर जोर
रामतीर्थ मेला और भगवान वाल्मीकि के प्रकाश उत्सव से पहले तीर्थ स्थल पर सफाई, सौंदर्यीकरण और सुविधाओं को बेहतर बनाने के कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इन कार्यों का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना और धार्मिक स्थल की सुंदरता बढ़ाना है।
मुख्य बातें
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भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के सरोवर में सोमवार को 500 रंग-बिरंगी मछलियों के बच्चे छोड़े गए।
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कार्यक्रम रामतीर्थ मेले और भगवान वाल्मीकि के प्रकाश उत्सव से पहले आयोजित हुआ।
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पिछले सप्ताह सरोवर में करीब 2,500 मछली के बच्चे छोड़े गए थे।
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तीर्थ स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण पर लगभग 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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सरोवर की सफाई, मंदिर की मरम्मत और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर काम जारी है।
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STP की क्षमता बढ़ाने और अग्नि सुरक्षा प्रणाली लगाने सहित कई अन्य कार्य भी किए जा रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के सरोवर में कितनी मछलियां छोड़ी गईं?
सोमवार को सरोवर में 500 रंग-बिरंगी मछलियों के बच्चे छोड़े गए। इससे पहले पिछले सप्ताह करीब 2,500 मछली के बच्चे छोड़े गए थे।
2. सरोवर में कौन-कौन सी मछलियां छोड़ी गईं?
पहले चरण में रोहू, मृगल कार्प, कॉमन कार्प और ग्रास कार्प की किस्में छोड़ी गई थीं। सोमवार को कोई कार्प, रेड हेड और अन्य रंग-बिरंगी किस्में छोड़ी गईं।
3. भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के विकास पर कितना खर्च हो रहा है?
लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के अनुसार, तीर्थ स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण पर करीब 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
4. सरोवर की सफाई पर कितनी राशि खर्च की गई?
सरोवर की सफाई, गाद निकालने, साफ रेत बिछाने और संबंधित कार्यों पर करीब 3.74 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
5. तीर्थ स्थल पर कौन-से विकास कार्य चल रहे हैं?
मुख्य मंदिर की पेंटिंग और पॉलिश, रास्तों के स्तंभों की मरम्मत, संगत हॉल के पत्थर के काम की मरम्मत, सराय में सुविधाएं बढ़ाने, STP की क्षमता बढ़ाने और अग्नि सुरक्षा प्रणाली लगाने जैसे कार्य चल रहे हैं।
निष्कर्ष
अमृतसर के भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर रामतीर्थ मेले और प्रकाश उत्सव से पहले सरोवर में 500 रंग-बिरंगी मछलियों के बच्चे छोड़े गए। इसके साथ ही तीर्थ स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए करीब 17.72 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं में सरोवर की सफाई, मंदिर और भवनों की मरम्मत तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार शामिल है।

