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हरियाणा में पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 31.75 लाख की ठगी, अंबाला और यमुनानगर से दो आरोपी गिरफ्तार
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद निवासी युवक को सरकारी नौकरी का झांसा देने का आरोप, पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 31.75 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में अंबाला निवासी राम और यमुनानगर निवासी रेणु बाला को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे पैसे और मूल शैक्षणिक दस्तावेज लिए थे।
हरियाणा में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कुरुक्षेत्र पुलिस ने पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक से 31.75 लाख रुपये ठगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अंबाला निवासी राम और यमुनानगर निवासी रेणु बाला के रूप में हुई है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद निवासी अंकित मलिक की शिकायत पर सामने आया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे संपर्क बढ़ाया और बाद में बड़ी रकम तथा उसके मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र हासिल कर लिए।
2022 में हुई थी आरोपी राम से मुलाकात
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, अंकित मलिक की मुलाकात वर्ष 2022 में राम से हुई थी। आरोप है कि राम ने खुद को चंडीगढ़ के एसएसपी के निजी सहायक (PA) का परिचित बताया और अंकित को पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
इस भरोसे के आधार पर शिकायतकर्ता आरोपियों के संपर्क में बना रहा। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 20 लाख रुपये की मांग की थी।
नौकरी के नाम पर चंडीगढ़ ले जाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, 11 जनवरी 2023 को आरोपी अंकित मलिक को चंडीगढ़ ले गए, जहां निजी सहायक से मुलाकात कराने की बात कही गई। इस दौरान आरोपियों ने उससे 12 पासपोर्ट साइज तस्वीरें और सभी मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी ले लिए।
इसके बाद शिकायतकर्ता को सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच कराने के लिए कहा गया। पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, अंकित ने 18 जनवरी 2023 को मेडिकल जांच पूरी की और अपने मूल दस्तावेज आरोपियों को सौंप दिए।
20 जनवरी को 7 लाख रुपये लेने का आरोप
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि 20 जनवरी 2023 को राम ने अंकित से 7 लाख रुपये लिए। पुलिस के अनुसार, पूरे मामले में शिकायतकर्ता से कुल 31.75 लाख रुपये की कथित ठगी की गई।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पूरी रकम के लेन-देन का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
अंबाला और यमुनानगर के दो आरोपी गिरफ्तार
कुरुक्षेत्र पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान अंबाला निवासी राम और यमुनानगर निवासी रेणु बाला के तौर पर हुई है।
पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। मामले में आगे की जांच के दौरान कथित ठगी, रकम के लेन-देन और नौकरी दिलाने के लिए किए गए दावों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जानी है।
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी से रहें सावधान
यह मामला सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किए जाने वाले कथित फर्जीवाड़े के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करता है। किसी भी व्यक्ति द्वारा अधिकारी से पहचान होने या पैसे लेकर नौकरी लगवाने का दावा किए जाने पर सावधानी बरतनी चाहिए।
उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया की जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी अधिसूचनाओं से ही सत्यापित करनी चाहिए। किसी को भी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे देने या मूल शैक्षणिक दस्तावेज सौंपने से पहले पूरी जांच करना जरूरी है।
Key Highlights
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कुरुक्षेत्र पुलिस ने नौकरी के नाम पर कथित ठगी के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया।
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शिकायतकर्ता अंकित मलिक शाहाबाद का निवासी है।
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पुलिस के अनुसार, कथित ठगी की रकम 31.75 लाख रुपये है।
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आरोपियों की पहचान अंबाला निवासी राम और यमुनानगर निवासी रेणु बाला के रूप में हुई।
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शिकायत के अनुसार, अंकित की राम से मुलाकात 2022 में हुई थी।
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11 जनवरी 2023 को उसे चंडीगढ़ ले जाने का आरोप है।
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शिकायतकर्ता से मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र और 12 पासपोर्ट साइज तस्वीरें लेने की बात कही गई है।
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18 जनवरी 2023 को मेडिकल जांच के बाद मूल दस्तावेज सौंपने और 20 जनवरी को 7 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है।
FAQ Section
1. कुरुक्षेत्र में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस के अनुसार, पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
2. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्या है?
आरोपियों की पहचान अंबाला निवासी राम और यमुनानगर निवासी रेणु बाला के रूप में हुई है।
3. कथित ठगी कितने रुपये की है?
कुरुक्षेत्र पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता से 31.75 लाख रुपये की कथित ठगी की गई।
4. शिकायतकर्ता कौन है?
शिकायतकर्ता अंकित मलिक हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद का निवासी है।
5. ठगी किस बहाने से की गई?
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी सिलसिले में पैसे और मूल शैक्षणिक दस्तावेज लेने का आरोप है।
6. क्या मामले में जांच जारी है?
पुलिस ने दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और कथित लेन-देन की जांच के संबंध में आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
Conclusion
कुरुक्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 31.75 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला युवाओं के लिए सतर्कता का संदेश है। पुलिस ने मामले में अंबाला और यमुनानगर के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शिकायत के अनुसार, नौकरी का भरोसा देकर शिकायतकर्ता से पैसे और मूल दस्तावेज लिए गए थे। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

