हरियाणा: दौखेरा गांव में खनन शुरू करने के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग

महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर उठाए सवाल, कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की जताई आशंका

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हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र के दौखेरा गांव में प्रस्तावित खनन कार्य के विरोध में ग्रामीणों ने मिनी सचिवालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर खनन क्षेत्र की सीमाओं, जरूरी अनुमतियों और पर्यावरणीय नियमों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

 

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में खनन कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। नांगल चौधरी क्षेत्र के दौखेरा गांव में प्रस्तावित खनन गतिविधियों के विरोध में स्थानीय निवासियों ने मिनी सचिवालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन कार्य से जुड़े कुछ काम निर्धारित नियमों के विपरीत किए जा रहे हैं, जिससे उनकी कृषि भूमि और स्थानीय लोगों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

पंचायत की कृषि भूमि को समतल करने पर उठाए सवाल

ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि खनन कार्य की तैयारी के तहत गांव की आबादी के नजदीक स्थित पंचायत की कृषि भूमि को समतल किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह काम निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा है और इससे आसपास की कृषि भूमि प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने कहा कि इस गतिविधि से किसानों की जमीन और स्थानीय निवासियों के हितों पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

पहले भी अधिकारियों के सामने उठाया था मामला

ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने पहले भी संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी चिंताएं रखी थीं, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पहले मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखने के बाद एक कंपनी की खनन गतिविधियां बंद कर दी गई थीं। अब उनका दावा है कि प्रशासन की मिलीभगत से अलग नाम के तहत दोबारा खनन की अनुमति दी गई है।

ये आरोप ग्रामीणों की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में प्रशासन या संबंधित कंपनी का इस मामले पर पक्ष शामिल नहीं है।

खनन क्षेत्र की सीमाओं और अनुमति की जांच की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से खनन क्षेत्र की सीमाओं और वहां उपलब्ध खनिजों की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने खनन कार्य के लिए जरूरी अनुमतियों और दस्तावेजों की भी पड़ताल करने की अपील की।

ज्ञापन में पर्यावरण संबंधी नियमों और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच कराने की मांग भी शामिल है। ग्रामीण चाहते हैं कि खनन गतिविधियों से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो, ताकि किसी भी संभावित अनियमितता का पता लगाया जा सके।

कृषि भूमि और ग्रामीणों के हितों को लेकर चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि कृषि भूमि पर खनन गतिविधियां होने से किसानों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच के दौरान भूमि के उपयोग, खनन क्षेत्र की सीमाओं और संबंधित नियमों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

फिलहाल, ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। मामले में प्रशासन की ओर से किसी जांच या निर्णय की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।

मुख्य बातें

  • महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र के दौखेरा गांव में प्रस्तावित खनन कार्य का विरोध।

  • ग्रामीणों ने मिनी सचिवालय में प्रदर्शन कर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।

  • पंचायत की कृषि भूमि को समतल करने और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए।

  • ग्रामीणों ने पहले भी शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का दावा किया।

  • खनन क्षेत्र की सीमाओं, जरूरी अनुमतियों, पर्यावरणीय नियमों और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग।

  • उपलब्ध जानकारी में प्रशासन और संबंधित कंपनी का पक्ष सामने नहीं आया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. दौखेरा गांव में ग्रामीणों ने प्रदर्शन क्यों किया?

ग्रामीणों ने गांव में प्रस्तावित खनन कार्य का विरोध किया। उनका आरोप है कि खनन की तैयारी में नियमों का उल्लंघन हो रहा है और कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है।

2. यह मामला हरियाणा के किस क्षेत्र का है?

यह मामला महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र के दौखेरा गांव से संबंधित है।

3. ग्रामीणों ने उपायुक्त से क्या मांग की?

ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई तथा खनन क्षेत्र की सीमाओं, अनुमतियों, पर्यावरणीय नियमों और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग की।

4. ग्रामीणों ने पहले क्या कार्रवाई होने का दावा किया?

ग्रामीणों के अनुसार, मुख्यमंत्री के सामने मामला उठाने के बाद पहले एक कंपनी की खनन गतिविधियां बंद कर दी गई थीं। उनका आरोप है कि अब अलग नाम के तहत फिर से अनुमति दी गई है।

5. क्या प्रशासन ने मामले पर कोई निर्णय लिया है?

उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की ओर से जांच या किसी निर्णय की पुष्टि नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

निष्कर्ष

दौखेरा गांव में प्रस्तावित खनन कार्य को लेकर ग्रामीणों ने कृषि भूमि, नियमों के पालन और पर्यावरणीय सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने उपायुक्त से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब मामले में प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।Screenshot_88

Edited By: Atul Sharma

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