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होशियारपुर में 21 अक्टूबर को सामूहिक कैजुअल लीव पर रहेंगे शिक्षक, कर्मचारी संगठनों के प्रदर्शन को समर्थन
DA जारी करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने और ग्रामीण भत्ते समेत रोके गए भत्तों की बहाली की मांग
पंजाब के होशियारपुर जिले में विभिन्न शिक्षक यूनियनों ने 21 अक्टूबर को सामूहिक कैजुअल लीव लेने का फैसला किया है। शिक्षक संगठनों ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में जिला शिक्षा अधिकारियों को इसकी सूचना सौंप दी है।
पंजाब के होशियारपुर जिले में विभिन्न शिक्षक यूनियनों ने 21 अक्टूबर को सामूहिक कैजुअल लीव पर रहने का फैसला किया है। यह कदम पंजाब कर्मचारी यूनियनों की ओर से दिए गए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के आह्वान के समर्थन में उठाया जा रहा है।
शिक्षक यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी हरजिंदर कौर और उप जिला शिक्षा अधिकारी अमनदीप शर्मा को प्रस्तावित सामूहिक अवकाश का नोटिस सौंपा।
कई शिक्षक संगठनों के नेता रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) के जिला अध्यक्ष सुखदेव दंसिवाल ने किया। उनके साथ संगठन के महासचिव इंदर सुखदीप सिंह ओधरा, गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह चौटाला, ओल्ड पेंशन अचीवमेंट फ्रंट के जिला महासचिव बलजीत सिंह मेहिमोवाल, संयुक्त सचिव प्रवीण शेरपुर और अध्यापक दल के सरबजीत कंग भी मौजूद रहे।
शिक्षक नेताओं ने अधिकारियों को सामूहिक अवकाश के फैसले की जानकारी देते हुए अपनी मांगों से अवगत कराया।
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांगें
शिक्षक यूनियनों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में कर्मचारियों का पूरा महंगाई भत्ता (DA) जारी करना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने 17 जुलाई 2020 और 15 जनवरी 2015 को जारी उन पत्रों को वापस लेने की मांग की, जिन्हें वे कर्मचारी-विरोधी बताते हैं।
संगठनों ने वर्ष 2022 में जारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) की अधिसूचना लागू करने और ग्रामीण भत्ते सहित वापस लिए गए सभी भत्तों को बहाल करने की मांग भी उठाई।
अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की मांग
शिक्षक नेताओं ने अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े इन मुद्दों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
21 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश का फैसला राज्य कर्मचारी यूनियनों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में लिया गया है। उपलब्ध जानकारी में सरकार की ओर से इन मांगों पर किसी नई प्रतिक्रिया या प्रस्तावित कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है।
मुख्य बातें
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होशियारपुर में विभिन्न शिक्षक यूनियनों ने 21 अक्टूबर को सामूहिक कैजुअल लीव लेने का फैसला किया।
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यह कदम पंजाब कर्मचारी यूनियनों के राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में उठाया जा रहा है।
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शिक्षक नेताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी और उप जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस सौंपा।
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प्रमुख मांगों में पूरा महंगाई भत्ता जारी करना और पुरानी पेंशन योजना लागू करना शामिल है।
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यूनियनों ने ग्रामीण भत्ते समेत वापस लिए गए सभी भत्तों की बहाली की मांग की।
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अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. होशियारपुर में शिक्षक सामूहिक अवकाश कब लेंगे?
विभिन्न शिक्षक यूनियनों ने 21 अक्टूबर को सामूहिक कैजुअल लीव लेने का फैसला किया है।
2. शिक्षक सामूहिक अवकाश क्यों ले रहे हैं?
यह फैसला पंजाब कर्मचारी यूनियनों की ओर से किए गए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के आह्वान के समर्थन में लिया गया है।
3. शिक्षक संगठनों की मुख्य मांगें क्या हैं?
उनकी मांगों में पूरा DA जारी करना, पुरानी पेंशन योजना लागू करना, ग्रामीण भत्ते सहित रोके गए भत्तों को बहाल करना और अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है।
4. शिक्षक यूनियनों ने अपना नोटिस किन अधिकारियों को सौंपा?
प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी हरजिंदर कौर और उप जिला शिक्षा अधिकारी अमनदीप शर्मा को नोटिस सौंपा।
5. क्या सरकार ने इन मांगों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
उपलब्ध जानकारी में सरकार की ओर से इन मांगों पर किसी नई प्रतिक्रिया का विवरण नहीं है।
निष्कर्ष
होशियारपुर जिले में शिक्षक यूनियनों का 21 अक्टूबर को सामूहिक कैजुअल लीव लेने का फैसला पंजाब में कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहे विरोध के समर्थन में है। शिक्षक संगठन महंगाई भत्ता, पुरानी पेंशन योजना, भत्तों की बहाली और अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने जैसे मुद्दों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

