Rohtak में प्रयोगशाला जांच में 11 खाद्य प्रतिष्ठानों द्वारा घटिया गुणवत्ता के खाद्य उत्पाद बेचने का मामला सामने आया, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 5.95 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत की गई।
जिला प्रशासन ने संबंधित फूड सेफ्टी अधिकारी को नियमित रूप से खाद्य व्यवसायों से सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं।
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025–26 के दौरान जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 112 सैंपल एकत्र किए गए और उनकी जांच कराई गई। इनमें से 11 दुकानों से लिए गए 32 सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में असफल पाए गए।
इसके अलावा पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को देखते हुए उपायुक्त Sachin Gupta ने खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय के अधिकारियों को जिले में घरेलू एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीसी ने कहा कि जिले में घरेलू गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन एलपीजी की ब्लैक मार्केटिंग पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि किसी गैस एजेंसी के खिलाफ शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
गुप्ता ने यह भी कहा कि सभी खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) का लाइसेंस लेना अनिवार्य है।
उन्होंने फूड सेफ्टी अधिकारी को निर्देश दिए कि खाद्य उद्यमियों और संस्थान संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के बारे में जागरूक करने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
इसके साथ ही उन्होंने बाजारों में खुले तौर पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों, खासकर दूध और डेयरी उत्पादों के अधिक से अधिक सैंपल लेने के भी निर्देश दिए।

