कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महिलाओं के लिए सुरक्षित और समावेशी कैंपस पर कार्यशाला

आईसीसी की भूमिका पर चर्चा, महिला सुरक्षा और समान अवसरों पर दिया गया जोर

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Kurukshetra University में “महिलाओं के लिए समावेशी कैंपस को बढ़ावा देना: आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें महिला सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

Kurukshetra University में “महिलाओं के लिए समावेशी कैंपस को बढ़ावा देना: आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका” विषय पर एक एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के महत्व को उजागर करना था।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति Som Nath Sachdeva ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर एक विकसित समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि आज समाज काफी हद तक पुरुष प्रधान बन गया है, इसलिए ऐसे सकारात्मक सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने की जरूरत है जो महिलाओं के प्रति समानता और सम्मान को बढ़ावा दें

कुलपति ने यह भी बताया कि Kurukshetra University में करीब 99 प्रतिशत गोल्ड मेडल विजेता छात्राएं हैं, जो इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी और लाइफ साइंसेज जैसे विभिन्न विषयों में अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन कर रही हैं।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि Sudesh, कुलपति Bhagat Phool Singh Mahila Vishwavidyalaya, Khanpur Kalan ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित किए बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनी प्रावधानों पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि जागरूकता, सामाजिक संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता Shubhangi Vaidya, Indira Gandhi National Open University, New Delhi से, ने बताया कि कानूनी व्यवस्था, परिवार, शिक्षा और मीडिया जैसी सामाजिक संस्थाएं लैंगिक पहचान और समानता को प्रभावित करती हैं

उन्होंने स्कूलों, संस्थानों और समुदायों में जेंडर संवेदनशीलता (Gender Sensitisation) को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने इस मुद्दे को वैश्विक विकास लक्ष्यों से जोड़ते हुए Sustainable Development Goal 5 (SDG-5) का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य लैंगिक समानता हासिल करना और महिलाओं व लड़कियों को सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम के दौरान आईसीसी की अध्यक्ष Sunita Siroha ने समिति की विभिन्न पहलों और गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।Screenshot_1935

Edited By: Karan Singh

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