मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय ऊर्जा, आवास और शहरी कार्य मंत्री ने सोमवार को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के सबस्टेशनों पर 11.5 मेगावाट क्षमता वाली ग्राउंड-माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। ये परियोजनाएं भिवानी और हिसार में स्थापित की गई हैं।
BBMB लंबे समय से जलविद्युत उत्पादन और जल वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है और इसके माध्यम से साझेदार राज्यों—पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश—को सिंचाई और ऊर्जा आपूर्ति मिलती है।
इन सौर परियोजनाओं के शुरू होने के साथ ही बोर्ड ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी विस्तार किया है। इन परियोजनाओं को सबस्टेशनों की खाली जमीन पर 53.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।
इनमें
-
भिवानी में 10 मेगावाट का सोलर प्लांट, जो 132 केवी ग्रिड से जुड़ा है,
-
और हिसार में 1.5 मेगावाट का प्लांट, जो 33 केवी ग्रिड से जुड़ा है।
इन संयंत्रों में 25,648 से अधिक 550 Wp क्षमता वाले उच्च दक्षता वाले फोटोवोल्टिक मॉड्यूल और आधुनिक इन्वर्टर लगाए गए हैं।
अनुमान है कि ये संयंत्र लगभग 21 प्रतिशत क्षमता उपयोग कारक (Capacity Utilisation Factor) के साथ हर साल करीब 2.1 करोड़ यूनिट बिजली पैदा करेंगे।
उत्पादित बिजली साझेदार राज्यों के बीच उनके मौजूदा हिस्से के अनुसार वितरित की जाएगी:
-
हरियाणा — 5.094 मेगावाट
-
पंजाब — 2.84 मेगावाट
-
राजस्थान — 2.61 मेगावाट
इन परियोजनाओं से हर साल लगभग 15,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है, जिससे भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को भी बल मिलेगा।
मनोज त्रिपाठी, चेयरमैन, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने कहा कि ये परियोजनाएं स्थिरता और हरित ऊर्जा के प्रति BBMB की प्रतिबद्धता का उदाहरण हैं, जो खाली पड़ी जमीन को आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित ऊर्जा के स्रोत में बदल रही हैं।

