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हरियाणा: छछरौली में 84 टीबी मरीजों को लिया गया गोद, प्रशासन और समाजसेवियों ने बांटीं पोषण किट
SDM जसपाल सिंह गिल की पहल पर निक्षय मित्र अभियान के तहत टीबी मरीजों को मिल रही मदद, स्कूलों में भी चलाए जाएंगे जागरूकता कार्यक्रम।
हरियाणा के छछरौली ब्लॉक में SDM जसपाल सिंह गिल के प्रयासों से प्रशासन और समाजसेवियों ने 84 टीबी मरीजों को गोद लिया है। मरीजों को उपचार के दौरान पोषण संबंधी सहायता देने के लिए पोषण किट भी वितरित की गईं।
छछरौली में 84 टीबी मरीजों को मिला पोषण सहायता का सहारा
हरियाणा के छछरौली ब्लॉक में टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए प्रशासन और समाजसेवियों ने महत्वपूर्ण पहल की है। SDM जसपाल सिंह गिल के प्रयासों से ब्लॉक के 84 टीबी मरीजों को गोद लिया गया है। इन मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पोषण किट भी वितरित की गईं।
इस संबंध में छछरौली में SDM जसपाल सिंह गिल की अध्यक्षता में ब्लॉक टीबी फोरम की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) छछरौली के अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारी डॉ. वागीश गुटैन और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. चारू कालरा भी मौजूद रहे।
टीबी के इलाज के साथ पौष्टिक आहार भी जरूरी
बैठक में टीबी मरीजों को दवाइयों के साथ पर्याप्त और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी भी जरूरी है।बैठक को संबोधित करते हुए SDM जसपाल सिंह गिल ने कहा कि टीबी उन्मूलन का लक्ष्य हासिल करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सरकारी विभागों के साथ सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
निक्षय मित्र योजना से मरीजों को मिल रही मदद
SDM जसपाल सिंह गिल ने निक्षय मित्र पहल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत व्यक्ति, सामाजिक संस्थाएं, संगठन, औद्योगिक प्रतिष्ठान और कॉरपोरेट संस्थाएं टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार के दौरान पोषण किट और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान कर सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को उपचार की अवधि में पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना और बीमारी के उन्मूलन के लिए सामुदायिक सहयोग को मजबूत करना है।
उन्होंने अधिक से अधिक लोगों और संस्थाओं से इस अभियान से जुड़ने तथा टीबी मरीजों की मदद करने की अपील की।
स्कूलों में भी चलेंगे टीबी जागरूकता कार्यक्रम
टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग को स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी जाएगी।
SDM ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक एवं कॉरपोरेट संस्थानों और आम जनता की भागीदारी भी आवश्यक है।
टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर
बैठक में निक्षय मित्र पहल के तहत अधिक लोगों को जोड़ने और मरीजों को उपचार के दौरान लगातार पोषण सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य टीबी मरीजों को आवश्यक सहयोग देकर बीमारी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जनभागीदारी बढ़ाना है।
मुख्य बातें
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छछरौली ब्लॉक में 84 टीबी मरीजों को गोद लिया गया।
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SDM जसपाल सिंह गिल के प्रयासों से प्रशासन और समाजसेवी इस अभियान से जुड़े।
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मरीजों को पोषण किट वितरित की गईं।
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निक्षय मित्र योजना के तहत टीबी मरीजों को उपचार के दौरान पोषण सहायता दी जा रही है।
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स्कूलों में टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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SDM ने अधिक लोगों और संस्थाओं से टीबी उन्मूलन अभियान में शामिल होने की अपील की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. छछरौली में कितने टीबी मरीजों को गोद लिया गया है?
छछरौली ब्लॉक में प्रशासन और समाजसेवियों की पहल से 84 टीबी मरीजों को गोद लिया गया है।
2. टीबी मरीजों को गोद लेने का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य मरीजों को उपचार के दौरान पौष्टिक आहार और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
3. निक्षय मित्र योजना क्या है?
निक्षय मित्र पहल के तहत व्यक्ति, सामाजिक संस्थाएं, संगठन और औद्योगिक प्रतिष्ठान टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण किट और अन्य सहायता प्रदान कर सकते हैं।
4. छछरौली में टीबी जागरूकता के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
शिक्षा विभाग को स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
5. टीबी उन्मूलन अभियान में कौन भाग ले सकता है?
आम नागरिक, सरकारी विभाग, सामाजिक संगठन, औद्योगिक प्रतिष्ठान और कॉरपोरेट संस्थाएं इस अभियान में भाग ले सकती हैं।
निष्कर्ष
छछरौली ब्लॉक में 84 टीबी मरीजों को गोद लेने और पोषण किट वितरित करने की पहल से मरीजों को उपचार के दौरान अतिरिक्त सहायता मिल रही है। निक्षय मित्र योजना के माध्यम से प्रशासन सामाजिक भागीदारी बढ़ाने और टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दे रहा है। स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना भी इसी दिशा में एक कदम है।
