झज्जर सिविल अस्पताल में CT स्कैन और MRI की सुविधा नहीं, मरीजों को दूसरे शहरों का करना पड़ रहा रुख

रोजाना करीब 800 मरीज पहुंचते हैं अस्पताल, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से भी बढ़ रही परेशानी; निजी अस्पतालों में जांच कराने पर खर्च करनी पड़ रही मोटी रकम।

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हरियाणा के झज्जर सिविल अस्पताल में CT स्कैन और MRI की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को बहादुरगढ़, रोहतक और निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में जाना पड़ रहा है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी मरीजों की मुश्किलें बढ़ा रही है।

झज्जर सिविल अस्पताल में जरूरी जांच सुविधाओं का अभाव

हरियाणा के झज्जर स्थित सिविल अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को CT स्कैन और MRI जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं नहीं मिलने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन सुविधाओं के अभाव में मरीजों को जांच कराने के लिए बहादुरगढ़, PGIMS रोहतक या निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का रुख करना पड़ता है। इससे न केवल उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।

अस्पताल में प्रतिदिन करीब 800 ओपीडी मरीज पहुंचते हैं। इनमें से कई मरीजों को बीमारी की सही पहचान और उपचार के लिए CT स्कैन और MRI जैसी जांचों की आवश्यकता होती है। सरकारी अस्पताल में ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को दूसरे शहरों में जाना पड़ता है।

निजी अस्पतालों में जांच कराने से बढ़ रहा आर्थिक बोझ

स्थानीय निवासी परवीन के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बावजूद झज्जर सिविल अस्पताल में CT स्कैन और MRI की सुविधा नहीं है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में उनके एक रिश्तेदार को CT स्कैन कराने की सलाह दी गई थी। जांच जरूरी होने के कारण उन्हें निजी अस्पताल में जाना पड़ा, जहां इसके लिए काफी पैसे खर्च करने पड़े।

परवीन ने यह भी कहा कि बहादुरगढ़ और PGIMS रोहतक में बीपीएल परिवारों को ये जांचें मुफ्त उपलब्ध हैं, जबकि झज्जर में सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

गरीब मरीजों के लिए बढ़ी मुश्किलें

सरकारी अस्पतालों पर विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की निर्भरता अधिक होती है। ऐसे में CT स्कैन और MRI की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से गरीब मरीजों को समय पर जांच कराने में दिक्कत होती है।

स्थानीय निवासी ने सरकार से मांग की है कि सभी जिला अस्पतालों में CT स्कैन और MRI की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मरीजों को समय पर और किफायती दरों पर जांच की सुविधा मिल सके।

त्वचा और ENT विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी कमी

झज्जर सिविल अस्पताल में केवल जांच सुविधाओं का ही अभाव नहीं है, बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ और कान, नाक एवं गला (ENT) विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, ओपीडी में मरीजों को देखने के लिए केवल एक मेडिसिन विशेषज्ञ तैनात है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को संबंधित बीमारियों के इलाज और परामर्श के लिए दूसरे अस्पतालों का सहारा लेना पड़ सकता है।

100 बेड के अस्पताल को 200 बेड में अपग्रेड करने की योजना

वर्ष 2025 के बजट में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झज्जर के मौजूदा 100 बेड वाले सिविल अस्पताल को 200 बेड के अस्पताल में अपग्रेड करने की घोषणा की थी।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल के अपग्रेडेशन की प्रक्रिया जारी है। अतिरिक्त सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्पताल परिसर में एक नए ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।

हालांकि, CT स्कैन, MRI और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर मरीजों की समस्याएं बनी हुई हैं।

मुख्य बातें

  • झज्जर सिविल अस्पताल में CT स्कैन और MRI की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

  • अस्पताल में रोजाना करीब 800 ओपीडी मरीज पहुंचते हैं।

  • मरीजों को जांच के लिए बहादुरगढ़, PGIMS रोहतक और निजी केंद्रों में जाना पड़ रहा है।

  • अस्पताल में त्वचा रोग और ENT विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं।

  • ओपीडी में केवल एक मेडिसिन विशेषज्ञ उपलब्ध है।

  • 100 बेड वाले अस्पताल को 200 बेड में अपग्रेड करने की योजना पर काम जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. झज्जर सिविल अस्पताल में CT स्कैन की सुविधा उपलब्ध है?

नहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार झज्जर सिविल अस्पताल में फिलहाल CT स्कैन की सुविधा नहीं है।

2. झज्जर के मरीज MRI और CT स्कैन कहां करवा सकते हैं?

मरीज बहादुरगढ़, PGIMS रोहतक या निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में ये जांच करवा सकते हैं।

3. झज्जर सिविल अस्पताल में प्रतिदिन कितने मरीज आते हैं?

अस्पताल में प्रतिदिन करीब 800 ओपीडी मरीज आते हैं।

4. झज्जर सिविल अस्पताल में किन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है?

अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ और ENT विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। मेडिसिन विभाग में भी केवल एक विशेषज्ञ डॉक्टर है।

5. क्या झज्जर सिविल अस्पताल को 200 बेड का बनाया जाएगा?

हां, वर्ष 2025 के बजट में मौजूदा 100 बेड वाले अस्पताल को 200 बेड में अपग्रेड करने की घोषणा की गई थी। इसके लिए नए ब्लॉक का निर्माण प्रस्तावित है।

निष्कर्ष

झज्जर सिविल अस्पताल में CT स्कैन और MRI जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाओं की कमी मरीजों के लिए गंभीर व्यावहारिक समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा रही है। अस्पताल के विस्तार की योजना के बीच इन सुविधाओं और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना मरीजों की प्रमुख मांग है।

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Edited By: Atul Sharma

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