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₹50 हजार रिश्वत मामले में गिरफ्तार SHO सुनीता बावा की अदालत में चुप्पी, विजिलेंस को मिला एक दिन का और रिमांड
मोगा की कोट इसे खां थाना प्रभारी को गनमैन के साथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद कैमरे पर मुस्कुराकर बयान देने वाली SHO ने अदालत में मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
पंजाब के मोगा में ₹50,000 की कथित रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार थाना प्रभारी सुनीता बावा को बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने विजिलेंस ब्यूरो को एक दिन का अतिरिक्त पुलिस रिमांड दिया। वहीं, विजिलेंस अब कॉल डिटेल, डिलीट किए गए संदेशों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है।
पंजाब के मोगा में रिश्वत के कथित मामले में गिरफ्तार कोट इसे खां थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा एक बार फिर चर्चा में हैं। गिरफ्तारी के बाद कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए बेफिक्र नजर आने वाली सुनीता बावा ने बुधवार को अदालत में पेशी के दौरान पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। मीडिया के सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी के दौरान पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सुनीता बावा का एक दिन का अतिरिक्त पुलिस रिमांड हासिल किया। विजिलेंस अब इस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और संभावित अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
गिरफ्तारी के बाद मुस्कुराते हुए दिया था बयान
सुनीता बावा की गिरफ्तारी के बाद उनके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो में वह पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुस्कुराती नजर आई थीं। गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि सब ठीक है और नौकरी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।उन्होंने यह भी कहा था कि व्यक्ति को हिम्मत बनाए रखनी चाहिए और अच्छे परिणाम की उम्मीद करनी चाहिए। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कुछ यूजर्स ने कथित रिश्वतखोरी के आरोपों के बीच उनके इस रवैये पर सवाल उठाए थे।
हालांकि, बुधवार को अदालत में पेशी के दौरान उनका व्यवहार पहले के वायरल वीडियो से बिल्कुल अलग रहा। उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।
₹50 हजार की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार हुई थीं SHO
इंस्पेक्टर सुनीता बावा और उनके गनमैन होमगार्ड जवान गुरवतर सिंह को फिरोजपुर रोड के पास कथित तौर पर ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुताबिक, यह कार्रवाई नूरपुर हकीमा निवासी राजविंदर सिंह की शिकायत के आधार पर की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उससे रिश्वत की मांग की जा रही थी।
NDPS मामले में नाम शामिल करने की धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता राजविंदर सिंह के अनुसार, कोट इसे खां पुलिस ने पहले एक व्यक्ति को नशीले पदार्थों से जुड़े मामले में पकड़ा था। आरोप है कि सुनीता बावा ने शिकायतकर्ता को भी इस मामले में सह-आरोपी बनाने की धमकी दी थी।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि इससे बचने के लिए उससे एक लाख रुपये की मांग की गई थी। उसने दावा किया कि वह पहले ही ₹50,000 दे चुका था और उससे शेष ₹50,000 की मांग की जा रही थी।
कथित रूप से दोबारा पैसे देने के दबाव से परेशान होकर राजविंदर सिंह ने फिरोजपुर स्थित विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया था।
विजिलेंस ने जाल बिछाकर की गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो की इंस्पेक्टर गगनप्रीत कौर के नेतृत्व में एक टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। आधिकारिक गवाहों की मौजूदगी में कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते समय सुनीता बावा और उनके गनमैन गुरवतर सिंह को पकड़ लिया गया।
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
कॉल डिटेल और डिलीट किए गए मैसेज की जांच
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों की ओर से सुनीता बावा और उनके गनमैन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिलीट किए गए मैसेज और डिजिटल भुगतान से जुड़े लेनदेन की जांच की जा रही है।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित रिश्वतखोरी में कोई अन्य व्यक्ति, बिचौलिया या सहयोगी शामिल था या नहीं। डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
अदालत ने दिया एक दिन का अतिरिक्त रिमांड
बुधवार को सुनीता बावा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया। अदालत ने विजिलेंस ब्यूरो की मांग पर उन्हें एक दिन के अतिरिक्त पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
विजिलेंस अब रिमांड के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल, सुनीता बावा और उनके गनमैन पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।
Key Highlights
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मोगा की कोट इसे खां थाना प्रभारी सुनीता बावा रिश्वत के कथित मामले में गिरफ्तार हैं।
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उन पर ₹50,000 की रिश्वत लेने का आरोप है।
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उनके गनमैन होमगार्ड जवान गुरवतर सिंह को भी गिरफ्तार किया गया।
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बुधवार को अदालत में पेशी के दौरान सुनीता बावा ने मीडिया के सवालों पर चुप्पी साधी।
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अदालत ने विजिलेंस ब्यूरो को एक दिन का अतिरिक्त पुलिस रिमांड दिया।
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शिकायतकर्ता ने NDPS मामले में सह-आरोपी बनाने की धमकी देकर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
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विजिलेंस कॉल डिटेल, डिलीट किए गए मैसेज और डिजिटल भुगतान की जांच कर रही है।
FAQ Section
1. सुनीता बावा को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
सुनीता बावा को ₹50,000 की कथित रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनके साथ उनके गनमैन गुरवतर सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था।
2. सुनीता बावा किस थाने की SHO थीं?
वह पंजाब के मोगा जिले के कोट इसे खां पुलिस स्टेशन की थाना प्रभारी थीं।
3. सुनीता बावा की गिरफ्तारी किसकी शिकायत पर हुई?
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई नूरपुर हकीमा निवासी राजविंदर सिंह की शिकायत पर की गई थी।
4. अदालत ने सुनीता बावा के रिमांड को लेकर क्या फैसला दिया?
बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने विजिलेंस ब्यूरो को सुनीता बावा का एक दिन का अतिरिक्त पुलिस रिमांड दिया।
5. विजिलेंस ब्यूरो अब किन पहलुओं की जांच कर रहा है?
विजिलेंस ब्यूरो दोनों आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिलीट किए गए संदेशों और डिजिटल भुगतान की जांच कर रहा है। इसका उद्देश्य कथित मामले में अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाना है।
6. सुनीता बावा ने गिरफ्तारी के बाद क्या कहा था?
गिरफ्तारी के बाद वायरल वीडियो में सुनीता बावा ने मुस्कुराते हुए कहा था कि सब ठीक है और नौकरी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। हालांकि, अदालत में पेशी के दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया।
Conclusion
मोगा में SHO सुनीता बावा और उनके गनमैन की गिरफ्तारी से जुड़ा कथित रिश्वतखोरी का मामला अब विजिलेंस जांच के अगले चरण में पहुंच गया है। अदालत से एक दिन का अतिरिक्त रिमांड मिलने के बाद विजिलेंस डिजिटल साक्ष्यों और संभावित बिचौलियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य सामने आने के बाद ही मामले के सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
