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देशभर के गुरुद्वारों के लिए बनेगा एक समान कानून? जगदीश सिंह झिंडा ने उठाई नेशनल सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की मांग
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट बनाने और राष्ट्रीय स्तर पर 211 सदस्यीय कमेटी गठित करने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए देशभर में अभियान चलाने की तैयारी है।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने देशभर के गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट और नेशनल सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी बनाने की मांग की है। उन्होंने सभी राज्यों में सिखों को प्रतिनिधित्व देने का प्रस्ताव रखा है।
देशभर के गुरुद्वारों के लिए बनेगा एक समान कानून, झिंडा ने उठाई नई मांग
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने देशभर के गुरुद्वारों के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट बनाने की मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (NSGMC) गठित करने का प्रस्ताव भी रखा है।
झिंडा का कहना है कि देश के सभी गुरुद्वारों के प्रशासन और प्रबंधन के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए। इससे गुरुद्वारों के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
राष्ट्रीय स्तर पर 211 सदस्यीय कमेटी बनाने का प्रस्ताव
पंथक दल झिंडा के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने द ट्रिब्यून से बातचीत में कहा कि प्रस्तावित नेशनल सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी में देश के सभी राज्यों के सिखों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।उनके मुताबिक, इस कमेटी में सदस्यों की संख्या संबंधित राज्यों की सिख आबादी के आधार पर तय की जाएगी। शुरुआती गणना के अनुसार, राष्ट्रीय कमेटी में लगभग 211 सदस्य हो सकते हैं। इन सदस्यों का चुनाव कराया जाएगा।
झिंडा ने यह भी कहा कि विदेशों में रहने वाले सिखों को भी इस व्यवस्था से जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके लिए उन्हें सह-नामित सदस्यों के रूप में कमेटी में शामिल होने का अवसर दिया जा सकता है।
गुरुद्वारों के प्रबंधन में राजनीतिक हस्तक्षेप पर जताई चिंता
जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि गुरुद्वारे सिखों के धार्मिक और राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण समय के साथ सिख संस्थाओं की गरिमा प्रभावित हुई है।
उन्होंने प्रस्ताव दिया कि राष्ट्रीय स्तर पर गठित कमेटी में सभी राज्यों के सिखों को प्रतिनिधित्व मिले और प्रत्येक राज्य के गुरुद्वारों का प्रबंधन वहां की अलग कमेटियां संभालें।
उनका मानना है कि राष्ट्रीय कमेटी सिखों की संसद की तरह काम कर सकती है, जबकि राज्य स्तरीय कमेटियां स्थानीय गुरुद्वारों के संचालन की जिम्मेदारी निभा सकती हैं।
मांग को लेकर देशव्यापी अभियान की तैयारी
झिंडा ने बताया कि इस मांग को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए शुरुआत में 101 सदस्यों की एक अस्थायी समिति बनाई जाएगी। यह समिति विभिन्न राज्यों के सिख नेताओं को एकजुट करने और राष्ट्रीय कमेटी की मांग को लेकर अभियान चलाने का काम करेगी।
उन्होंने मंगलवार को लद्दाख के उपराज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी। झिंडा के मुताबिक, आने वाले समय में इसी मुद्दे पर देश के सभी राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और सांसदों को भी ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
हरियाणा की तर्ज पर अन्य राज्यों में भी उठ रही मांग
झिंडा ने कहा कि हरियाणा के सिख समुदाय ने अपनी अलग गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी बनवाने में सफलता हासिल की है। उनके अनुसार, अन्य राज्यों में भी इसी तरह की मांगें सामने आ रही हैं।
फिलहाल देश के अलग-अलग राज्यों में गुरुद्वारों के प्रबंधन से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक नियम एक जैसे नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने व्यापक केंद्रीय कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कानून तैयार करने से पहले सिख धार्मिक संस्थाओं, समुदाय के प्रतिनिधियों, कानूनी विशेषज्ञों और संबंधित राज्य सरकारों से विचार-विमर्श किया जाना चाहिए, ताकि गुरुद्वारों के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और एकरूपता लाई जा सके।
मुख्य बातें
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जगदीश सिंह झिंडा ने ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट बनाने की मांग दोहराई।
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देशभर के गुरुद्वारों के लिए नेशनल सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी गठित करने का प्रस्ताव रखा।
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प्रस्तावित राष्ट्रीय कमेटी में लगभग 211 सदस्य हो सकते हैं।
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राज्यों को सिख आबादी के आधार पर प्रतिनिधित्व देने की योजना है।
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विदेशों में रहने वाले सिखों को सह-नामित सदस्य बनाने का प्रस्ताव है।
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मांग को आगे बढ़ाने के लिए 101 सदस्यीय अस्थायी समिति बनाई जाएगी।
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झिंडा ने लद्दाख के उपराज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और अन्य राज्यों में भी ज्ञापन देने की बात कही।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. जगदीश सिंह झिंडा ने क्या मांग उठाई है?
उन्होंने देशभर के गुरुद्वारों के लिए ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट बनाने और नेशनल सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी गठित करने की मांग की है।
2. प्रस्तावित NSGMC में कितने सदस्य होंगे?
झिंडा के शुरुआती आकलन के अनुसार, राष्ट्रीय कमेटी में लगभग 211 सदस्य हो सकते हैं।
3. राष्ट्रीय कमेटी के सदस्यों का चयन कैसे होगा?
प्रस्ताव के मुताबिक, सदस्यों का चुनाव होगा और राज्यों को वहां की सिख आबादी के आधार पर प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
4. क्या विदेशों में रहने वाले सिखों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा?
झिंडा ने विदेशों में रहने वाले सिखों को सह-नामित सदस्यों के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है।
5. 101 सदस्यीय अस्थायी समिति का क्या काम होगा?
इस समिति का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के सिख नेताओं को एकजुट करना और राष्ट्रीय स्तर पर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की मांग को आगे बढ़ाना होगा।
निष्कर्ष
जगदीश सिंह झिंडा की ओर से ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट और नेशनल सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की मांग ने देशभर में गुरुद्वारों के प्रबंधन को लेकर एक नई बहस का विषय सामने रखा है। प्रस्तावित व्यवस्था में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व के साथ-साथ राज्यों की अलग-अलग प्रबंधन कमेटियों की भूमिका भी निर्धारित करने की बात कही गई है। हालांकि, इस प्रस्ताव को कानून का रूप देने के लिए संबंधित संस्थाओं और सरकारों के साथ विचार-विमर्श की आवश्यकता होगी।
