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हरियाणा में 6,000 गेस्ट टीचरों का आंदोलन स्थगित, 2 नवंबर को CM नायब सैनी से होगी मुलाकात
नियमित करने की मांग को लेकर कुरुक्षेत्र से चंडीगढ़ जा रहे शिक्षकों ने अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद रोका पैदल मार्च
हरियाणा में सेवाएं नियमित करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे गेस्ट टीचरों ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद अपना न्याय यात्रा मार्च अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। शिक्षकों को 2 नवंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात का आश्वासन मिला है।
गेस्ट टीचरों का पैदल मार्च अस्थायी रूप से स्थगित
अंबाला: हरियाणा में अपनी सेवाएं नियमित करने की मांग को लेकर चंडीगढ़ की ओर कूच कर रहे सैकड़ों गेस्ट टीचरों ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद अपना पैदल मार्च अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया। शिक्षकों को आश्वासन दिया गया है कि 2 नवंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ उनकी बैठक कराई जाएगी।
गेस्ट टीचर्स ज्वाइंट स्ट्रगल मोर्चा के बैनर तले शिक्षक न्याय यात्रा निकाल रहे थे। मार्च के दौरान वे अंबाला कैंट में मंत्री अनिल विज के आवास के पास रुके थे। इस आंदोलन में हरियाणा के अलग-अलग जिलों से करीब 6,000 गेस्ट टीचर शामिल होने की बात कही गई है।
अनिल विज से मुलाकात के बाद लिया फैसला
आंदोलनकारी शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से मुलाकात की। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री से बैठक कराने का आश्वासन मिलने के बाद मोर्चे ने मार्च को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की।
शिक्षकों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक में उनकी लंबे समय से लंबित मांग पर चर्चा होगी और नियमितीकरण को लेकर आगे का रास्ता निकलेगा।
10,757 गेस्ट टीचरों को नियमित करने की मांग
गेस्ट टीचर मोर्चा हरियाणा के शिक्षा विभाग में कार्यरत 10,757 अतिथि शिक्षकों की सेवाएं नियमित करने की मांग कर रहा है। मोर्चे के अनुसार, ये शिक्षक पिछले 21 वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं।
शिक्षकों ने राज्य सरकार से 2014 में बनाई गई तीन वर्षीय नीति के तहत नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उनकी मांग पर अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं हुआ है।
कुरुक्षेत्र से शुरू हुई थी न्याय यात्रा
मोर्चा अध्यक्ष कृष्ण धरशूल के अनुसार, शिक्षकों ने रविवार को कुरुक्षेत्र से पैदल यात्रा शुरू की थी और रात को शाहाबाद में ठहराव किया था। इसके बाद यात्रा चंडीगढ़ की ओर बढ़ रही थी।
आंदोलन का उद्देश्य सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना और सेवाएं नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करवाना है। मुख्यमंत्री के साथ 2 नवंबर को प्रस्तावित बैठक को इस आंदोलन के अगले महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
अब मुख्यमंत्री के साथ बैठक पर टिकी नजरें
मार्च स्थगित होने के बाद अब गेस्ट टीचरों की नजर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ होने वाली बैठक पर है। शिक्षक चाहते हैं कि सरकार उनकी मांग पर ठोस निर्णय लेकर नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाए।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य सरकार ने नियमितीकरण को लेकर कोई अंतिम निर्णय लिया है या नहीं। फिलहाल मार्च को अस्थायी रूप से रोका गया है और आगे की स्थिति प्रस्तावित बैठक के बाद स्पष्ट हो सकती है।

