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गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर स्वर्ण मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा
अमृतसर में गुरबाणी कीर्तन और धार्मिक समागमों से भक्तिमय हुआ माहौल; स्वर्ण मंदिर, अकाल तख्त और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में सजे पवित्र वस्तुओं के दर्शन
चौथे सिख गुरु और अमृतसर के संस्थापक गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु श्री दरबार साहिब पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गुरबाणी कीर्तन सुना, अरदास की और सिख धर्म की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी पवित्र वस्तुओं के दर्शन किए।
अमृतसर में चौथे सिख गुरु श्री गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) पहुंचे और गुरु घर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे शहर में धार्मिक माहौल देखने को मिला और गुरबाणी कीर्तन की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण के लिए अरदास की।
श्री गुरु रामदास जी सिख धर्म के चौथे गुरु और अमृतसर शहर के संस्थापक थे। उनके प्रकाश पर्व पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान ऐतिहासिक सिख विरासत, गुरुओं की शिक्षाओं और धार्मिक परंपराओं के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था देखने को मिली।
स्वर्ण मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़
प्रकाश पर्व के अवसर पर श्री दरबार साहिब में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। संगत ने पवित्र गुरबाणी का श्रवण किया और धार्मिक मर्यादाओं के अनुसार माथा टेककर अरदास की।
देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु इस विशेष अवसर पर अमृतसर पहुंचे। गुरु घर में कीर्तन और धार्मिक गतिविधियों ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
स्वर्ण मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर सजे पवित्र जालौ
प्रकाश पर्व के दौरान श्री दरबार साहिब, अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में विशेष जालौ सजाए गए। इन जालौ में सिख धर्म से जुड़ी ऐतिहासिक और पवित्र वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया।
श्रद्धालुओं ने किए ऐतिहासिक वस्तुओं के दर्शन
इन प्रदर्शनों के माध्यम से संगत को सिख समुदाय की धार्मिक विरासत और इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण वस्तुओं को देखने का अवसर मिला। श्रद्धालुओं ने इन पवित्र निशानियों के दर्शन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में मुख्य धार्मिक समागम
प्रकाश पर्व का मुख्य धार्मिक कार्यक्रम गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में आयोजित किया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से यहां अखंड पाठ साहिब के भोग की रस्म निभाई गई।
इस अवसर पर प्रमुख रागी, ढाडी और कविशरी जत्थों ने धार्मिक रचनाओं का गायन किया। इसके साथ ही सिख इतिहास और गुरुओं की शिक्षाओं से संबंधित प्रसंग भी संगत के साथ साझा किए गए।
धार्मिक समागम में श्रद्धालुओं ने गुरबाणी का श्रवण किया और गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संदेश ग्रहण किया।
गुरु रामदास जी की शिक्षाएं पूरी मानवता के लिए प्रेरणा: हरजिंदर सिंह धामी
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु रामदास जी द्वारा स्थापित पवित्र तीर्थ आज पूरी मानवता के लिए आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। यहां दुनिया भर से लोग बिना किसी भेदभाव के श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु रामदास जी का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी मानवता का मार्गदर्शन करती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरबाणी, सिख परंपराओं और गुरु साहिब की शिक्षाओं के प्रति समर्पित रहने की अपील की।
पिंडरपाल सिंह ने गुरु रामदास जी के जीवन पर डाला प्रकाश
इससे पहले सिख प्रचारक भाई पिंडरपाल सिंह ने गुरु रामदास जी के जीवन, योगदान और शिक्षाओं के बारे में संगत को जानकारी दी। उन्होंने गुरु साहिब के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने रखा।
Key Highlights:
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गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर अमृतसर में लाखों श्रद्धालु पहुंचे।
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श्री दरबार साहिब में गुरबाणी कीर्तन और अरदास का आयोजन हुआ।
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स्वर्ण मंदिर, अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में विशेष जालौ सजाए गए।
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गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में अखंड पाठ साहिब के भोग की रस्म निभाई गई।
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रागी, ढाडी और कविशरी जत्थों ने धार्मिक रचनाओं का गायन किया।
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SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने गुरु रामदास जी की शिक्षाओं पर चलने का संदेश दिया।
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सिख प्रचारक भाई पिंडरपाल सिंह ने गुरु रामदास जी के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।
FAQ Section:
1. गुरु रामदास जी कौन थे?
श्री गुरु रामदास जी सिख धर्म के चौथे गुरु और अमृतसर शहर के संस्थापक थे। सिख समुदाय में उनका जीवन और उनकी शिक्षाएं विशेष महत्व रखती हैं।
2. गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व कहां मनाया गया?
प्रकाश पर्व पर मुख्य धार्मिक गतिविधियां अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब और अन्य प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों पर आयोजित की गईं।
3. प्रकाश पर्व पर किन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ?
इस अवसर पर गुरबाणी कीर्तन, अरदास, अखंड पाठ साहिब के भोग और धार्मिक समागम आयोजित किए गए। ऐतिहासिक पवित्र वस्तुओं के दर्शन के लिए विशेष जालौ भी सजाए गए।
4. SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने क्या संदेश दिया?
उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु रामदास जी की शिक्षाओं का पालन करने और गुरबाणी व सिख परंपराओं के प्रति समर्पित रहने की अपील की।
5. गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व का क्या महत्व है?
यह दिन गुरु रामदास जी के जीवन, योगदान और शिक्षाओं को याद करने का अवसर है। इस मौके पर श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर गुरु साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
Conclusion:
गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर अमृतसर में श्रद्धा और आध्यात्मिकता का विशेष माहौल देखने को मिला। श्री दरबार साहिब में उमड़ी संगत, गुरबाणी कीर्तन, धार्मिक समागम और ऐतिहासिक वस्तुओं के दर्शन ने इस अवसर को खास बनाया। SGPC की ओर से आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से गुरु रामदास जी की शिक्षाओं, सिख परंपराओं और मानवता के संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

