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मानसा में किसान की संदिग्ध मौत के बाद बवाल, शव लेकर जा रहे प्रदर्शनकारियों से पुलिस की झड़प; कई हिरासत में
दलजीत सिंह की मौत पर परिवार ने चिट्टे की ओवरडोज का जताया संदेह, SSP बोले- शुरुआती जांच में हत्या की आशंका; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पंजाब के मानसा में 35 वर्षीय सीमांत किसान दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद तनाव बढ़ गया। परिवार ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि पुलिस ने शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए AIIMS बठिंडा भेजा गया है।
पंजाब के मानसा जिले में मंगलवार को एक 35 वर्षीय सीमांत किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद तनावपूर्ण स्थिति बन गई। मृतक की पहचान सरदूलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के भम्मे कलां गांव निवासी दलजीत सिंह के रूप में हुई है। उसका शव मंगलवार सुबह रामानंदी गांव की सड़क के किनारे मिला।
दलजीत सिंह के परिवार ने आशंका जताई कि उसकी मौत चिट्टे की ओवरडोज के कारण हुई है और नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वैभव चौधरी ने शुरुआती जांच का हवाला देते हुए हत्या की आशंका जताई है। पुलिस के मुताबिक, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
शव लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे परिजन और समर्थक
दलजीत सिंह की मौत के बाद उसके परिवार और मारे गए नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने शुरुआत में शव को सड़क पर रखकर मानसा-सिरसा मार्ग अवरुद्ध कर दिया।
इसके बाद प्रदर्शनकारी शव लेकर मानसा की ओर रवाना हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक उनके साथ थे, जिनमें निहंग सिंह और परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह शामिल थे।
रामदित्तेवाला चौक पर पुलिस ने रोका काफिला
पुलिस ने मानसा के रामदित्तेवाला चौक पर प्रदर्शनकारियों के काफिले को रोक दिया। रास्ते में ट्रक खड़े कर आवाजाही रोकने की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।
पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इनमें महिलाएं और गैंगस्टर से नेता बने लखवीर सिंह लाखा सिधाना भी शामिल बताए गए। बाद में पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर AIIMS बठिंडा भेज दिया।
घटनास्थल पर बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह और मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी भी मौजूद थे।
SSP का दावा: शुरुआती जांच में हत्या की आशंका
मानसा के SSP वैभव चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला नशे की ओवरडोज के बजाय हत्या का प्रतीत हो रहा है। उनके अनुसार, सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार चार लोग शव को सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए थे।
पुलिस ने संदिग्ध मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम और आगे की जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।
पुलिस ने अफवाह फैलाने का भी लगाया आरोप
SSP ने आरोप लगाया कि मौत के कारण को लेकर गलत जानकारी फैलाई गई और कुछ लोगों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और शांति बनाए रखी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, लेकिन कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आगे तनाव बढ़ने से रोकने के लिए हिरासत में लिए गए लोगों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, शव को मानसा से बाहर AIIMS बठिंडा ले जाया गया है और अंतिम संस्कार परिवार की इच्छा के अनुसार ही किया जाएगा।
SSP ने यह भी कहा कि एक डीएसपी पर मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोपों की जांच कराई जाएगी। पुलिस कर्मियों पर हमले के आरोप में संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की बात भी कही गई।
पत्नी का दावा: तीन सप्ताह पहले नशा छोड़ चुका था दलजीत
दलजीत सिंह की पत्नी परमजीत कौर ने बताया कि उनका पति कई वर्षों से नशे की लत से जूझ रहा था, लेकिन करीब तीन सप्ताह पहले उसने नशा छोड़ दिया था।
परमजीत कौर के मुताबिक, दलजीत मंगलवार सुबह मोटरसाइकिल लेकर घर से निकला था। सुबह करीब 9:55 बजे तक वह फोन पर उनसे बात कर रहा था। इसके बाद कुछ लोग कार में आए और उसके शव को सड़क किनारे फेंककर चले गए।
उन्होंने यह भी बताया कि दलजीत की मोटरसाइकिल अब तक नहीं मिली है। परिवार ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी ने उसे चिट्टा उपलब्ध कराया था, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
परिवार के आरोपों और पुलिस के शुरुआती निष्कर्षों में अंतर होने के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के नतीजे इस मामले में अहम होंगे।
झोटा हत्याकांड को लेकर पहले से जारी है विरोध
मानसा में यह घटना ऐसे समय हुई है, जब नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर पहले से विरोध प्रदर्शन जारी है। टिंकोनी इलाके में डिप्टी कमिश्नर के आवास के पास पिछले 14 दिनों से धरना चल रहा है।
झोटा के लिए न्याय की मांग को लेकर गठित एक्शन कमेटी ने दलजीत सिंह की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। समिति ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया और प्रशासन से अपील की कि दलजीत के शव का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में न कराया जाए।
समिति ने पंजाब में नशे की समस्या पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
भीम सिंह ने नशे की उपलब्धता पर उठाए सवाल
परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दावों के बावजूद इलाके में नशा आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने दावा किया कि चिट्टा अब अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है और यहां तक कि SSP के आवास के पास घर तक इसकी आपूर्ति होने का आरोप भी लगाया।
ये आरोप भीम सिंह ने लगाए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
सुखबीर बादल ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोग शव को धरना स्थल तक ले जाकर अपना विरोध जताना और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करना चाहते थे।
बादल ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस नशे के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय दुखी परिवारों के साथ सख्ती कर रही है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
Key Highlights:
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मानसा जिले में 35 वर्षीय सीमांत किसान दलजीत सिंह का शव सड़क किनारे मिला।
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परिवार ने चिट्टे की ओवरडोज की आशंका जताकर नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई मांगी।
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SSP वैभव चौधरी ने शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई।
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पुलिस के अनुसार, सफेद स्विफ्ट कार में चार लोग शव छोड़कर फरार हुए।
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संदिग्ध मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।
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प्रदर्शन के दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
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शव को पोस्टमार्टम के लिए AIIMS बठिंडा भेजा गया।
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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर मानसा में पहले से धरना जारी है।
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सुखबीर सिंह बादल ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
FAQ Section:
1. मानसा में मृत मिले व्यक्ति का नाम क्या है?
मृतक की पहचान दलजीत सिंह के रूप में हुई है। वह भम्मे कलां गांव का निवासी और 35 वर्षीय सीमांत किसान था।
2. दलजीत सिंह की मौत कैसे हुई?
मौत का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। परिवार ने चिट्टे की ओवरडोज की आशंका जताई है, जबकि पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या की आशंका सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
3. पुलिस ने कितने लोगों को हिरासत में लिया?
SSP के बयान के अनुसार, शव को सड़क किनारे छोड़ने के मामले में संदिग्ध मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के दौरान अलग से कई लोगों को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है।
4. दलजीत सिंह का शव कहां भेजा गया?
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम और आगे की जांच के लिए AIIMS बठिंडा भेजा।
5. परविंदर सिंह झोटा कौन थे?
परविंदर सिंह झोटा को खबर में नशा विरोधी कार्यकर्ता के रूप में वर्णित किया गया है। उनकी हत्या के मामले को लेकर मानसा में विरोध प्रदर्शन जारी है।
6. क्या दलजीत सिंह की मौत का कारण चिट्टे की ओवरडोज साबित हुआ है?
नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मौत का कारण पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
Conclusion:
मानसा में दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत ने नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां परिवार ने चिट्टे की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, वहीं पुलिस शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जता रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ और आगे की जांच इस मामले की दिशा तय करेंगे। प्रशासन के सामने निष्पक्ष जांच के साथ क्षेत्र में शांति बनाए रखने की चुनौती भी है।

