- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- पंजाब कांग्रेस में ‘घर वापसी’ की तैयारी तेज, फतेहजंग बाजवा और राणा इंदर प्रताप सिंह की वापसी पर चर्च...
पंजाब कांग्रेस में ‘घर वापसी’ की तैयारी तेज, फतेहजंग बाजवा और राणा इंदर प्रताप सिंह की वापसी पर चर्चा
राहुल गांधी की 4 नवंबर को संगरूर रैली से पहले राजनीतिक हलचल तेज; भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौटने वाले नेताओं को लेकर चल रही बातचीत
पंजाब में कांग्रेस से दूसरे दलों में गए नेताओं की घर वापसी को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्व विधायक फतेहजंग बाजवा की कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की खबरों के बीच सुल्तानपुर लोधी के निर्दलीय विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह की संभावित वापसी की भी चर्चा है।
पंजाब की राजनीति में कांग्रेस की ओर से संगठन को मजबूत करने और पुराने नेताओं को वापस लाने की कोशिशों की चर्चा तेज हो गई है। पूर्व कांग्रेस विधायक रमिंदर सिंह आवला के शिरोमणि अकाली दल (SAD) में शामिल होने के कुछ दिनों बाद अब उन नेताओं की संभावित घर वापसी को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है, जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा, आम आदमी पार्टी (AAP) या अकाली दल का रुख किया था।
यह गतिविधियां ऐसे समय में सामने आई हैं, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की 4 नवंबर को संगरूर में प्रस्तावित रैली को लेकर पार्टी की तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच माझा क्षेत्र के एक पूर्व कांग्रेस विधायक की वापसी की संभावनाओं पर भी बातचीत होने की खबर है।
फतेहजंग बाजवा की कांग्रेस में वापसी को लेकर चर्चा
पूर्व विधायक फतेहजंग बाजवा की कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। फतेहजंग बाजवा पहले कांग्रेस में थे, लेकिन बाद में पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए थे।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर उनकी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई। बताया गया है कि उस समय वेणुगोपाल दिल्ली लौट रहे थे और पंजाब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद थे।
हालांकि, इस मुलाकात में क्या बातचीत हुई और क्या फतेहजंग बाजवा की कांग्रेस में वापसी को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया गया, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। फतेहजंग बाजवा ने भी इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की।
एक ही परिवार के दो सदस्यों को टिकट देने की चुनौती
फतेहजंग बाजवा की संभावित वापसी के साथ कांग्रेस के सामने विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण से जुड़ा सवाल भी उठ सकता है। वह पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के भाई हैं।
पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यदि फतेहजंग बाजवा कांग्रेस में लौटते हैं, तो एक ही परिवार के दो सदस्यों को विधानसभा चुनाव का टिकट देने के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
राणा इंदर प्रताप सिंह की भी कांग्रेस में वापसी के संकेत
कांग्रेस में संभावित वापसी की चर्चाओं के बीच सुल्तानपुर लोधी के निर्दलीय विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह का नाम भी सामने आया है। वह वरिष्ठ कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के बेटे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, राणा इंदर प्रताप सिंह भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उनके संभावित फैसले और पार्टी में शामिल होने की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राहुल गांधी की रैली से पहले पंजाब कांग्रेस में हलचल
राहुल गांधी की 4 नवंबर को संगरूर में होने वाली रैली से पहले इन राजनीतिक घटनाक्रमों को अहम माना जा रहा है। पुराने नेताओं की वापसी से पार्टी संगठन को मजबूती मिलने की संभावना पर चर्चा हो रही है।
हालांकि, फतेहजंग बाजवा और राणा इंदर प्रताप सिंह की कांग्रेस में वापसी को लेकर अभी तक कोई अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन चर्चाओं के बीच पार्टी नेतृत्व की अगली रणनीति पर नजर बनी हुई है।
Key Highlights:
-
पूर्व कांग्रेस विधायक रमिंदर सिंह आवला हाल ही में शिरोमणि अकाली दल में शामिल हुए।
-
फतेहजंग बाजवा ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।
-
सूत्रों के मुताबिक, फतेहजंग बाजवा की केसी वेणुगोपाल से चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर मुलाकात हुई।
-
फतेहजंग बाजवा, पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के भाई हैं।
-
निर्दलीय विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह की भी कांग्रेस में वापसी की चर्चा है।
-
राहुल गांधी की 4 नवंबर की संगरूर रैली से पहले पंजाब कांग्रेस में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
FAQ Section:
1. फतेहजंग बाजवा कौन हैं?
फतेहजंग बाजवा पंजाब के पूर्व विधायक हैं। वह कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे और प्रताप सिंह बाजवा के भाई हैं।
2. क्या फतेहजंग बाजवा कांग्रेस में वापस आ रहे हैं?
उनकी कांग्रेस में वापसी को लेकर चर्चा चल रही है। केसी वेणुगोपाल से उनकी कथित मुलाकात की जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है, लेकिन वापसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
3. राणा इंदर प्रताप सिंह कौन हैं?
राणा इंदर प्रताप सिंह सुल्तानपुर लोधी से निर्दलीय विधायक हैं। वह वरिष्ठ कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के बेटे हैं।
4. राहुल गांधी की संगरूर रैली कब होगी?
दी गई जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी की संगरूर रैली 4 नवंबर को प्रस्तावित है।
5. क्या कांग्रेस ने नेताओं की घर वापसी की आधिकारिक घोषणा की है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फतेहजंग बाजवा और राणा इंदर प्रताप सिंह की संभावित वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
Conclusion:
पंजाब कांग्रेस में पुराने नेताओं की संभावित घर वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फतेहजंग बाजवा और राणा इंदर प्रताप सिंह के नाम सामने आने से पार्टी की राजनीतिक रणनीति को लेकर अटकलें बढ़ी हैं। हालांकि, किसी भी नेता की वापसी पर अंतिम स्थिति आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। राहुल गांधी की संगरूर रैली से पहले होने वाले घटनाक्रम पंजाब की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

