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यमुनानगर में HMGIS पोर्टल पर कथित बड़ा फर्जीवाड़ा, 1.41 लाख MT खनिज का रिकॉर्ड संदिग्ध
स्क्रीनिंग प्लांट के खरीद और ई-रवाना रिकॉर्ड में भारी अंतर, अगस्त में 2,359 और सितंबर में 808 ई-रवाना बिल जारी
यमुनानगर के बेलगढ़ गांव स्थित एक स्क्रीनिंग प्लांट से जुड़े HMGIS रिकॉर्ड की जांच में खरीद और बिक्री की मात्रा के बीच 1,41,702 मीट्रिक टन का अंतर सामने आया है। माइनिंग विभाग ने पोर्टल के संभावित दुरुपयोग और रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका जताई है।
हरियाणा के यमुनानगर में खनन खनिजों के लेनदेन की निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे Haryana Mines and Geology Information System (HMGIS) पोर्टल के रिकॉर्ड में कथित बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। दिसंबर 2023 में शुरू किए गए इस पोर्टल पर बेलगढ़ गांव स्थित एक स्क्रीनिंग प्लांट से जुड़े खनिज खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड की जांच के दौरान गंभीर विसंगतियां मिली हैं।
माइंस एंड जियोलॉजी विभाग की विस्तृत जांच में वैध रूप से खरीदी गई और उपलब्ध खनिज मात्रा तथा जिसके आधार पर ई-रवाना बिल जारी किए गए, उनके बीच 1,41,702 मीट्रिक टन का अंतर पाया गया।
10 सितंबर को जांच के दौरान सामने आया मामला
मामला 10 सितंबर को HMGIS पोर्टल पर दर्ज ई-रवाना रिकॉर्ड की जांच के दौरान सामने आया। अधिकारियों ने देखा कि संबंधित स्क्रीनिंग प्लांट से असामान्य रूप से बड़ी संख्या में ई-रवाना बिल जारी किए गए थे।रिकॉर्ड के मुताबिक अगस्त महीने में प्लांट से 2,359 ई-रवाना जनरेट किए गए। इसके बाद सितंबर में भी 808 ई-रवाना जारी किए गए।
लेनदेन की असामान्य संख्या को देखते हुए विभाग ने दिसंबर 2023 से अब तक के खरीद और बिक्री रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू की। इसी जांच में खरीद की वास्तविक मात्रा और ई-रवाना के जरिए दिखाई गई बिक्री के बीच बड़ा अंतर सामने आया।
खरीद रिकॉर्ड से कई गुना अधिक दिखाई गई मात्रा
जांच में सामने आया कि स्क्रीनिंग प्लांट के संचालकों द्वारा खरीदे गए खनिज की मात्रा की तुलना में पोर्टल पर उससे कई गुना अधिक सामग्री की बिक्री दिखाई गई।
विभागीय रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया कहा गया कि अतिरिक्त ई-रवाना बिल संबंधित खरीद या रिसीट रिकॉर्ड के बिना बनाए गए प्रतीत होते हैं। रिपोर्ट में इसे ई-रवाना पोर्टल के संभावित दुरुपयोग और कथित फर्जी हेरफेर का संकेत बताया गया है।
1,41,702 MT का अंतर
विभाग की विस्तृत जांच में वैध रूप से उपलब्ध यानी खरीदी गई मात्रा और ई-रवाना बिलों के आधार पर दिखाई गई बिक्री के बीच कुल 1,41,702 मीट्रिक टन की विसंगति दर्ज की गई।
अब विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि अतिरिक्त मात्रा से जुड़े ई-रवाना किस आधार पर जारी किए गए और रिकॉर्ड में दिखाई गई सामग्री का वास्तविक स्रोत क्या था।
पुराने ई-रवाना पोर्टल का डेटा भी जांच में शामिल
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पुराने ई-रवाना पोर्टल से 465 मीट्रिक टन सामग्री का रिकॉर्ड HMGIS पोर्टल पर ट्रांसफर किया गया था।
विभाग के अनुसार, उपलब्ध स्टॉक का सही आकलन करते समय इस मात्रा को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। इसलिए पुराने और नए दोनों पोर्टल के रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है।
32,880 MT स्टॉक पर भी सवाल
HMGIS पोर्टल पर संबंधित स्क्रीनिंग प्लांट के पास 32,880 मीट्रिक टन सामग्री उपलब्ध दिखाई जा रही है।
विभाग ने इस स्टॉक के स्रोत और वास्तविकता की भी जांच की आवश्यकता जताई है। अब यह सत्यापित किया जाएगा कि पोर्टल पर दर्ज सामग्री वास्तव में प्लांट के पास मौजूद है या नहीं और यदि मौजूद है तो वह किस स्रोत से आई है।
आगे की जांच में सामने आएगी पूरी तस्वीर
माइनिंग एवं जियोलॉजी विभाग की जांच रिपोर्ट में अतिरिक्त ई-रवाना बिलों को संबंधित खरीद रिकॉर्ड से जोड़कर सत्यापित करने की जरूरत बताई गई है।
मामले में सामने आई विसंगतियों के आधार पर संबंधित रिकॉर्ड, उपलब्ध स्टॉक और ई-रवाना लेनदेन की जांच आगे भी जारी रहने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित अनियमितता की वास्तविक प्रकृति और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
Key Highlights:
- HMGIS पोर्टल पर यमुनानगर के स्क्रीनिंग प्लांट से जुड़े रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी सामने आई।
- खरीद और ई-रवाना बिक्री रिकॉर्ड के बीच 1,41,702 MT का अंतर मिला।
- अगस्त में 2,359 ई-रवाना जारी किए गए।
- सितंबर में 808 और ई-रवाना जनरेट हुए।
- दिसंबर 2023 से रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की गई।
- पुराने ई-रवाना पोर्टल से 465 MT सामग्री HMGIS में ट्रांसफर हुई थी।
- HMGIS पर 32,880 MT सामग्री उपलब्ध दिखाई जा रही है।
- विभाग ने इस स्टॉक के स्रोत और वास्तविकता की जांच की जरूरत बताई है।
FAQ Section:
Q1. HMGIS क्या है?
HMGIS यानी Haryana Mines and Geology Information System हरियाणा में खनन खनिजों से जुड़े लेनदेन की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला पोर्टल है। इसे दिसंबर 2023 में लॉन्च किया गया था।
Q2. यमुनानगर मामले में कितनी विसंगति सामने आई है?
माइनिंग एवं जियोलॉजी विभाग की जांच में खरीद और ई-रवाना बिक्री रिकॉर्ड के बीच 1,41,702 मीट्रिक टन की विसंगति सामने आई है।
Q3. मामला कब सामने आया?
HMGIS पोर्टल पर ई-रवाना रिकॉर्ड की जांच के दौरान 10 सितंबर को यह मामला सामने आया।
Q4. संबंधित स्क्रीनिंग प्लांट कहां स्थित है?
संबंधित स्क्रीनिंग प्लांट यमुनानगर जिले के बेलगढ़ गांव में स्थित बताया गया है।
Q5. HMGIS पर कितना स्टॉक उपलब्ध दिखाया गया है?
पोर्टल के रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित स्क्रीनिंग प्लांट के पास 32,880 मीट्रिक टन सामग्री उपलब्ध दिखाई जा रही है, जिसके स्रोत और वास्तविकता की जांच की जानी है।
Conclusion:
यमुनानगर के बेलगढ़ गांव स्थित स्क्रीनिंग प्लांट से जुड़े HMGIS रिकॉर्ड में सामने आई 1,41,702 मीट्रिक टन की विसंगति ने खनन लेनदेन की जांच को गंभीर बना दिया है। विभाग ने खरीद, बिक्री, पुराने पोर्टल से ट्रांसफर हुए स्टॉक और पोर्टल पर उपलब्ध दिख रही सामग्री का सत्यापन शुरू किया है। विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रिकॉर्ड में सामने आया अंतर किस वजह से हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
