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अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर SAD (अमृतसर) का प्रदर्शन, सिख धार्मिक अधिकार और SGPC चुनाव का मुद्दा उठा
सिमरनजीत सिंह मान ने धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता, आनंद मैरिज एक्ट और 1984 हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांगों को उठाया
अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने हेरिटेज स्ट्रीट स्थित सारागढ़ी सराय के बाहर सभा की। कार्यक्रम में सिख धार्मिक स्वतंत्रता, SGPC चुनाव और धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता समेत कई मुद्दे उठाए गए।
अमृतसर में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने सारागढ़ी सराय के बाहर एक बड़ी सभा आयोजित की। कार्यक्रम के दौरान पार्टी ने सिख धार्मिक स्वतंत्रता, सिख संस्थाओं की स्वायत्तता, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के चुनाव, आनंद मैरिज एक्ट और 1984 की हिंसा के पीड़ितों को न्याय सहित कई मुद्दे उठाए।
धार्मिक अधिकार और संस्थाओं की स्वायत्तता का मुद्दा
सभा को संबोधित करते हुए SAD (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि सिख समुदाय के सामने यह सवाल महत्वपूर्ण है कि किसी सिख की धार्मिक मान्यताओं, धार्मिक संस्थाओं और अंतरात्मा से जुड़े मामलों में अंतिम अधिकार किसका होना चाहिए।
मान ने कहा कि उनकी पार्टी इन मुद्दों को पंजाब और भारत के विभिन्न संस्थानों के अलावा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठा चुकी है। उनके अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार तंत्र, US Commission on International Religious Freedom (USCIRF), यूरोपीय संसद तथा ब्रिटेन और कनाडा की संसदों के सामने भी इन विषयों को रखा गया है।वंदे मातरम को लेकर क्या कहा?
धार्मिक आस्था के अनुरूप अधिकार की बात
वंदे मातरम के मुद्दे पर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि किसी सिख को ऐसा कुछ बोलने या गाने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए, जो उसकी धार्मिक मान्यताओं और अंतरात्मा के विपरीत हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके दल की आपत्ति हिंदू धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि धार्मिक आस्था के विपरीत किसी व्यक्ति को धार्मिक अभिव्यक्ति में शामिल करने की अनिवार्यता को लेकर है।
SGPC चुनाव को लेकर उठी मांग
सभा में SGPC चुनाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मान ने कहा कि SGPC का पिछला आम चुनाव 2011 में हुआ था और इसके बाद लगभग 15 वर्षों से नया चुनाव नहीं हुआ है। उन्होंने तत्काल चुनाव कराने की मांग रखी।
मान ने यह भी कहा कि SGPC चुनाव के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसके तहत हर पांच साल में चुनाव स्वतः आयोजित हों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण चुनाव लंबे समय तक टलने की स्थिति न बने।
सिख परिवार कानून की भी मांग
सिमरनजीत सिंह मान ने एक व्यापक सिख परिवार कानून तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, इसमें आनंद कारज, विवाह पंजीकरण, तलाक, भरण-पोषण, विरासत, गोद लेने, अभिभावकत्व, बच्चों के अधिकार, विधवा पुनर्विवाह, संपत्ति अधिकार और लैंगिक समानता जैसे विषय शामिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कानून को तैयार करने के लिए सिख संस्थाओं को आवश्यक बौद्धिक और कानूनी कार्य स्वयं करना चाहिए, बजाय इसके कि भविष्य में किसी Uniform Civil Code का इंतजार किया जाए।
1984 हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय का मुद्दा
सभा में 1984 की हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा सिख धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता और धार्मिक मामलों में समुदाय की भूमिका जैसे विषयों पर भी पार्टी की ओर से अपनी मांगें रखी गईं।
Key Highlights:
- अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर SAD (अमृतसर) ने सभा आयोजित की।
- कार्यक्रम सारागढ़ी सराय, हेरिटेज स्ट्रीट के बाहर हुआ।
- सिख धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता के मुद्दे उठाए गए।
- SGPC के तत्काल चुनाव कराने की मांग की गई।
- SGPC चुनाव हर पांच साल में कराने की व्यवस्था की मांग रखी गई।
- वंदे मातरम को लेकर धार्मिक आस्था और अंतरात्मा के अधिकार का मुद्दा उठाया गया।
- आनंद कारज समेत विभिन्न मामलों के लिए व्यापक सिख परिवार कानून की मांग की गई।
- 1984 की हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय का मुद्दा भी उठाया गया।
FAQ Section:
Q1. अमृतसर में SAD (अमृतसर) ने सभा क्यों आयोजित की?
अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर पार्टी ने सिख धार्मिक स्वतंत्रता, संस्थाओं की स्वायत्तता, SGPC चुनाव और अन्य मुद्दों को लेकर सभा आयोजित की।
Q2. SGPC चुनाव को लेकर क्या मांग की गई?
सिमरनजीत सिंह मान ने तत्काल SGPC चुनाव कराने और भविष्य में हर पांच साल में चुनाव सुनिश्चित करने वाली व्यवस्था की मांग की।
Q3. वंदे मातरम को लेकर सिमरनजीत सिंह मान ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि किसी सिख को उसकी धार्मिक मान्यताओं और अंतरात्मा के विपरीत कुछ गाने या बोलने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।
Q4. सिख परिवार कानून में किन मुद्दों को शामिल करने की बात कही गई?
आनंद कारज, विवाह पंजीकरण, तलाक, भरण-पोषण, विरासत, गोद लेना, अभिभावकत्व, बच्चों के अधिकार, विधवा पुनर्विवाह, संपत्ति अधिकार और लैंगिक समानता जैसे विषयों का उल्लेख किया गया।
Conclusion:
अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर आयोजित इस सभा में SAD (अमृतसर) ने सिख धार्मिक अधिकारों और संस्थागत स्वायत्तता से जुड़े कई मुद्दे उठाए। SGPC चुनाव, धार्मिक स्वतंत्रता, आनंद कारज से जुड़े कानून और 1984 की हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय पार्टी के प्रमुख मुद्दों में रहे। कार्यक्रम में रखी गई मांगों पर आगे राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर चर्चा की संभावना है।
