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हरियाणा कांग्रेस में Gen-Next की पैरवी, बीरेंद्र सिंह बोले- जन्मदिन पर हुड्डा को चुनावी राजनीति से हटने की सलाह दूंगा
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को युवा नेताओं के लिए रास्ता बनाने की सलाह देने की बात कही, कांग्रेस संगठन के विस्तार पर भी जताई उम्मीद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव और युवा नेतृत्व की बड़ी भूमिका की वकालत की है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुनावी राजनीति से हटकर अगली पीढ़ी के नेताओं के लिए जगह बनाने की सलाह देंगे।
हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस के भीतर पीढ़ीगत बदलाव और युवा नेतृत्व को लेकर वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को उनके जन्मदिन पर चुनावी राजनीति से हटने और अगली पीढ़ी के नेताओं के लिए रास्ता बनाने की सलाह देंगे।
द ट्रिब्यून से बातचीत में बीरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने फोन पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र तथा सफलता की कामना की।
हुड्डा को Gen-Next के लिए रास्ता बनाने की सलाह
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा उनके छोटे भाई, मित्र और लंबे समय से पार्टी सहयोगी रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले भी हुड्डा को अगली पीढ़ी के नेताओं के लिए जगह बनाने की सलाह दे चुके हैं और आगे भी यही सुझाव देंगे।उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने बीजेपी में रहते हुए 75 वर्ष की उम्र में चुनावी राजनीति छोड़ दी थी। इसके बाद उनके बेटे बृजेंद्र सिंह को हिसार से चुनाव लड़ने के लिए पार्टी टिकट मिला था।
युवा नेतृत्व को लेकर क्या बोले बीरेंद्र सिंह?
बीरेंद्र सिंह का कहना है कि राजनीतिक दलों में समय के साथ नई पीढ़ी को आगे आने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस में युवा नेताओं की भूमिका बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस को मजबूत करने के लिए अब भी सक्रिय हैं और पार्टी को मजबूत करने के लिए उनके पास ऊर्जा और अनुभव दोनों हैं।
हरियाणा कांग्रेस के संगठन को लेकर जताई उम्मीद
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस का संगठन करीब 12 वर्षों तक प्रभावी रूप से मौजूद नहीं रहा और इसके कारण पार्टी को चुनावों में नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यदि संगठन पहले से मजबूत होता तो परिस्थितियां अलग हो सकती थीं। उनके मुताबिक, वर्तमान में कांग्रेस संगठन के विस्तार की प्रक्रिया से पार्टी को राज्य में दोबारा राजनीतिक जमीन मजबूत करने की उम्मीद है।
पार्टी के अंदर गुटबाजी पर भी टिप्पणी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि संगठन के विस्तार से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद पैदा हो रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे राज्य इकाई में एक विशेष गुट के प्रभुत्व को खत्म करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, यह बीरेंद्र सिंह का राजनीतिक आकलन है और कांग्रेस की मौजूदा संगठनात्मक स्थिति तथा विभिन्न नेताओं की भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग विचार हो सकते हैं।
युवाओं और सामाजिक एकता पर जोर
बीरेंद्र सिंह ने CJP विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि इससे देश के युवाओं में जागरूकता आई है। उन्होंने अपने बेटे बृजेंद्र सिंह की ‘सद्भाव यात्रा’ को भी हरियाणा के युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों में सामाजिक सद्भाव तथा संघर्ष की भावना को बढ़ाने का प्रयास बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों के जरिए समाज के अलग-अलग वर्गों और युवाओं के बीच सामाजिक एकता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस को मजबूत करने की बात दोहराई
बीरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि वह दो बार हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री रह चुके हैं।
उनके मुताबिक, संगठन को मजबूत करने में उनका अनुभव और ऊर्जा पार्टी के लिए उपयोगी हो सकती है।
Key Highlights:
- बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस में पीढ़ीगत बदलाव की वकालत की।
- उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को Gen-Next के लिए रास्ता बनाने की सलाह देने की बात कही।
- सिंह ने बताया कि उन्होंने हुड्डा को जन्मदिन पर फोन कर शुभकामनाएं दीं।
- उन्होंने कहा कि वह खुद 75 वर्ष की उम्र में चुनावी राजनीति से हटे थे।
- कांग्रेस के संगठनात्मक विस्तार को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई।
- उन्होंने कहा कि कांग्रेस करीब 12 वर्षों तक मजबूत संगठन के अभाव से प्रभावित रही।
- बृजेंद्र सिंह की ‘सद्भाव यात्रा’ का भी उन्होंने उल्लेख किया।
- बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
FAQ Section:
Q1. बीरेंद्र सिंह ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को क्या सलाह दी?
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अगली पीढ़ी के नेताओं के लिए जगह बनाने और चुनावी राजनीति से हटने की सलाह देंगे।
Q2. बीरेंद्र सिंह ने खुद चुनावी राजनीति कब छोड़ी थी?
उन्होंने बताया कि उन्होंने बीजेपी में रहते हुए 75 वर्ष की उम्र में चुनावी राजनीति छोड़ दी थी।
Q3. कांग्रेस संगठन को लेकर बीरेंद्र सिंह ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस करीब 12 वर्षों तक उचित संगठन के अभाव से प्रभावित रही और इसका असर चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा।
Q4. बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा का बीरेंद्र सिंह ने क्यों जिक्र किया?
उन्होंने सद्भाव यात्रा को हरियाणा के युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों में सामाजिक सद्भाव तथा संघर्ष की भावना को बढ़ाने का प्रयास बताया।
Q5. बीरेंद्र सिंह का कांग्रेस को लेकर क्या रुख है?
उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनके पास पार्टी के लिए काम करने का अनुभव और ऊर्जा दोनों हैं।
Conclusion:
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह के बयान से हरियाणा कांग्रेस में पीढ़ीगत बदलाव और युवा नेतृत्व को लेकर बहस फिर सामने आई है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अगली पीढ़ी के नेताओं के लिए अवसर देने की सलाह देने की बात कही है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के संगठन विस्तार, युवाओं की भूमिका और पार्टी को मजबूत करने के लिए अपने अनुभव का इस्तेमाल करने की प्रतिबद्धता भी जताई।
