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बहादुरगढ़ की लेदर फैक्ट्री पर बंद होने का खतरा, प्रदूषण बोर्ड ने जारी किया नोटिस; 15 दिन में देना होगा जवाब
हरियाणा में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर सख्ती तेज, झज्जर प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई बढ़ाने के दिए निर्देश
बहादुरगढ़ की एक लेदर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के आरोप में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यूनिट को 15 दिन के भीतर जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर फैक्ट्री बंद करने, बिजली-पानी की आपूर्ति पर रोक और पर्यावरणीय मुआवजे सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बहादुरगढ़ की लेदर यूनिट पर प्रदूषण नियमों के उल्लंघन के आरोप
हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक लेदर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर पर्यावरण नियमों का पालन नहीं करने के आरोप लगे हैं। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, झज्जर जिला प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा गठित संयुक्त समिति की जांच के बाद की गई है। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में कई पर्यावरणीय कमियां सामने आने की बात कही गई है।
जांच में सामने आईं कई गंभीर कमियां
ETP सही तरीके से काम नहीं कर रहा था
संयुक्त समिति ने पाया कि फैक्ट्री का एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) ठीक से काम नहीं कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, बाईपास व्यवस्था के जरिए छोड़े गए दूषित पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रयोगशाला में भेजे गए।
डीजल जनरेटर में जरूरी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था नहीं
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि यूनिट में 125 KVA का डीजल जनरेटर सेट चलाया जा रहा था। समिति के अनुसार, इसमें आवश्यक रेट्रोफिट एमिशन-कंट्रोल डिवाइस किट या ड्यूल-फ्यूल व्यवस्था और पर्याप्त ऊंचाई वाली चिमनी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं नहीं थीं।
खतरनाक कचरे के निपटान में भी कमियां
फैक्ट्री के पास इस्तेमाल किए गए तेल सहित खतरनाक कचरे के निपटान के लिए अनिवार्य प्राधिकरण नहीं होने की बात सामने आई। यह प्राधिकरण Hazardous and Other Wastes (Management and Transboundary Movement) Rules, 2016 के तहत जरूरी है।
इसके अलावा, फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर खतरनाक कचरे से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं था। ETP में निर्धारित इनलेट फ्लो मीटर की कमी और ट्रीटमेंट सिस्टम के संचालन से जुड़े रिकॉर्ड नहीं रखने जैसी खामियां भी दर्ज की गईं।
पर्यावरणीय मंजूरी की शर्तों का पालन नहीं करने के आरोप
समिति ने भूजल निकालने की अनुमति नहीं होने और पर्यावरणीय मंजूरी के तहत जरूरी कई सुरक्षा उपायों की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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परिवेशी वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए स्टेशन का अभाव
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पर्याप्त ग्रीन बेल्ट विकसित नहीं होना
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क्रोम रिकवरी प्लांट की कमी
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वर्षा जल संचयन प्रणाली का अभाव
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सोलर इवैपोरेशन पॉन्ड या इलेक्ट्रिक इवैपोरेटर की कमी
इन कमियों को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यूनिट से स्पष्टीकरण मांगा है।
15 दिन में देना होगा जवाब, बंदी और जुर्माने की कार्रवाई संभव
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री को नोटिस प्राप्त होने की तारीख से 15 दिन का समय दिया है। यूनिट को बताना होगा कि उसके खिलाफ बंदी के निर्देश और बिजली, पानी सहित अन्य सेवाओं पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।
प्रस्तावित कार्रवाई में पर्यावरणीय मुआवजा, वैधानिक दंड की प्रक्रिया और कानून के तहत संभव अभियोजन या अन्य कानूनी कदम भी शामिल हैं। हालांकि, ये प्रस्तावित कार्रवाइयां हैं और अंतिम निर्णय संबंधित प्रक्रिया के बाद लिया जाएगा।
झज्जर प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
झज्जर जिला प्रशासन ने अधिकारियों को प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी और नियमों के प्रवर्तन को तेज करने के निर्देश दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना और उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना है।
मुख्य बातें
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बहादुरगढ़ की लेदर फैक्ट्री को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कारण बताओ नोटिस।
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NGT द्वारा गठित संयुक्त समिति ने निरीक्षण के दौरान कई कमियां दर्ज कीं।
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ETP, डीजल जनरेटर और खतरनाक कचरे के प्रबंधन पर सवाल उठे।
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भूजल उपयोग की अनुमति और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों में कमियां बताई गईं।
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नोटिस मिलने के 15 दिन के भीतर जवाब देना जरूरी।
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जवाब संतोषजनक नहीं होने पर फैक्ट्री बंद करने और अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव।
FAQs
1. बहादुरगढ़ की लेदर फैक्ट्री को नोटिस क्यों मिला?
फैक्ट्री में अपशिष्ट जल उपचार, डीजल जनरेटर के प्रदूषण नियंत्रण, खतरनाक कचरे के निपटान और पर्यावरणीय मंजूरी की शर्तों से जुड़ी कथित कमियों के कारण नोटिस जारी किया गया।
2. फैक्ट्री को जवाब देने के लिए कितना समय मिला है?
नोटिस प्राप्त होने की तारीख से 15 दिन का समय दिया गया है।
3. क्या फैक्ट्री तुरंत बंद हो जाएगी?
अभी बंदी की कार्रवाई प्रस्तावित है। बोर्ड ने फैक्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा है। आगे का निर्णय जवाब और लागू कानूनी प्रक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।
4. फैक्ट्री पर कौन-कौन सी कार्रवाई हो सकती है?
प्रस्तावित कार्रवाई में फैक्ट्री बंद करने के निर्देश, बिजली-पानी जैसी सेवाओं पर प्रतिबंध, पर्यावरणीय मुआवजा, वैधानिक दंड और कानून के तहत अभियोजन शामिल हो सकते हैं।
5. जांच किसने की थी?
यह निरीक्षण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा गठित संयुक्त समिति ने किया था।
निष्कर्ष
बहादुरगढ़ की लेदर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के खिलाफ जारी नोटिस हरियाणा में औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती बढ़ने का संकेत है। फैक्ट्री को अब 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद संबंधित प्राधिकरण आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकते हैं। मामले में अंतिम कार्रवाई की स्थिति आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।

