PM श्री स्कूलों पर फंड लैप्स होने का संकट, यूनिफॉर्म और एजुकेशनल टूर के भुगतान अटके

पंजाब में नए शैक्षणिक सत्र के बीच 2025-26 की ग्रांट जारी नहीं होने से स्कूल प्रबंधन परेशान, विक्रेताओं के बकाया भुगतान को लेकर बढ़ी चिंता

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पंजाब के PM श्री स्कूलों में फंड की कमी के कारण आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF), पंजाब के अनुसार, 2025-26 सत्र के लिए निर्धारित ग्रांट जारी नहीं होने से स्कूल यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक दौरों सहित कई मदों के भुगतान प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षक संगठन ने लंबित फंड जल्द जारी करने की मांग उठाई है।

पंजाब के PM श्री स्कूलों के सामने ग्रांट जारी नहीं होने के कारण आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। शिक्षक संगठन डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF), पंजाब ने चिंता जताई है कि 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए निर्धारित फंड समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके कारण स्कूलों के लिए विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है।

संगठन के मुताबिक, स्कूल यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक टूर और अन्य गतिविधियों पर होने वाला खर्च इन ग्रांट से पूरा किया जाना था। लेकिन फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण स्कूल प्रमुखों को बकाया भुगतान को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

समय पर इस्तेमाल नहीं होने से ग्रांट लैप्स होने का दावा

DTF पंजाब के राज्य अध्यक्ष विक्रमदेव सिंह ने कहा कि पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान PM श्री स्कूलों के लिए आवंटित कुछ फंड निर्धारित अवधि में इस्तेमाल नहीं हो सके, जिसके चलते वे लैप्स हो गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि नया सत्र शुरू होने के बावजूद संबंधित फंड दोबारा जारी नहीं किए गए। इससे स्कूलों की वित्तीय मुश्किलें बढ़ गई हैं।

संगठन के अनुसार, शैक्षणिक दौरों के लिए निर्धारित 10 लाख रुपये से अधिक की राशि भी प्रभावित हुई है। जिन कंपनियों और विक्रेताओं ने स्कूलों को टूर और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई थीं, वे अब बकाया भुगतान के लिए स्कूल प्रमुखों से संपर्क कर रहे हैं।

यूनिफॉर्म ग्रांट के प्रस्ताव भी प्रभावित

DTF की अमृतसर इकाई के प्रमुख अश्विनी अवस्थी ने कहा कि प्रिंसिपल और हेडमास्टर भुगतान नहीं कर पाने के कारण दबाव में हैं।

उन्होंने बताया कि कई स्कूलों की ओर से निर्धारित PPA प्रक्रिया के तहत भेजे गए यूनिफॉर्म ग्रांट के प्रस्ताव कथित तौर पर बिना स्पष्ट कारण के अस्वीकार कर दिए गए। संगठन का कहना है कि नए सिरे से फंड जारी करने की मांग के बावजूद राशि लंबित है।

ग्रांट और उपयोगिता प्रमाणपत्र की समय-सीमा पर सवाल

अश्विनी अवस्थी के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को ग्रांट संबंधी पत्र जारी किया गया था, लेकिन स्कूलों को फंड नहीं मिला। वहीं, उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने की समय-सीमा 25 अक्टूबर बताई गई।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्कूलों को राशि मिली ही नहीं, तो वे खर्च का उपयोगिता प्रमाणपत्र कैसे जमा कर सकते हैं और लंबित बिलों का भुगतान कैसे कर सकते हैं?

शिक्षक संगठन ने जताई चिंता

DTF पंजाब के पदाधिकारियों ने अलग-अलग जिलों में इस मुद्दे को उठाया। संगठन के राज्य महासचिव महिंदर कौरवाली और वित्त सचिव एवं अमृतसर जिला अध्यक्ष अश्विनी अवस्थी ने भी स्कूलों की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताई।

संगठन का कहना है कि फंड जारी करने में देरी से न केवल स्कूलों का दैनिक प्रबंधन प्रभावित हो रहा है, बल्कि यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े भुगतान भी अटक रहे हैं।

मुख्य बातें

  • पंजाब के PM श्री स्कूलों में 2025-26 की ग्रांट जारी नहीं होने का मुद्दा सामने आया है।

  • स्कूल यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक दौरों के भुगतान प्रभावित होने की आशंका है।

  • DTF पंजाब के अनुसार, कुछ ग्रांट निर्धारित अवधि में इस्तेमाल नहीं होने से लैप्स हो गईं।

  • सेवा प्रदाता और विक्रेता स्कूलों से लंबित बिलों का भुगतान मांग रहे हैं।

  • शिक्षक संगठन ने फंड जारी करने और भुगतान संबंधी अनिश्चितता दूर करने की मांग उठाई है।

FAQs

1. PM श्री स्कूलों में क्या समस्या सामने आई है? 2025-26 सत्र की ग्रांट जारी नहीं होने और कुछ फंड लैप्स होने की आशंका के कारण स्कूलों के भुगतान प्रभावित हो रहे हैं।

2. किन मदों के भुगतान पर असर पड़ रहा है? स्कूल यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक टूर और अन्य सेवाओं से जुड़े खर्च प्रभावित होने की बात कही गई है।

3. DTF पंजाब ने क्या मांग उठाई है? शिक्षक संगठन ने लंबित फंड जल्द जारी करने और स्कूलों की वित्तीय समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।

4. उपयोगिता प्रमाणपत्र को लेकर क्या सवाल उठाया गया? संगठन ने सवाल किया कि फंड प्राप्त हुए बिना स्कूल खर्च का उपयोगिता प्रमाणपत्र कैसे जमा कर सकते हैं।

5. इस मुद्दे को किसने उठाया? DTF पंजाब के राज्य अध्यक्ष विक्रमदेव सिंह, महासचिव महिंदर कौरवाली और वित्त सचिव एवं अमृतसर जिला अध्यक्ष अश्विनी अवस्थी सहित संगठन के पदाधिकारियों ने यह मुद्दा उठाया।

निष्कर्ष

पंजाब के PM श्री स्कूलों में ग्रांट जारी होने में देरी से वित्तीय अनिश्चितता बढ़ने की बात सामने आई है। शिक्षक संगठन के मुताबिक, भुगतान अटकने से स्कूलों और सेवा प्रदाताओं दोनों को परेशानी हो रही है। अब लंबित फंड जारी होने और उपयोगिता प्रमाणपत्र की समय-सीमा से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर नजर रहेगी।Screenshot_651

Edited By: Atul Sharma

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