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हरियाणा में MSME सेक्टर को बड़ा बढ़ावा, CM नायब सिंह सैनी ने लॉन्च की नई पॉलिसी; 55,000 करोड़ निवेश का लक्ष्य
हरियाणा प्रोग्रेसिव MSME एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2026 से 5 लाख लोगों को रोजगार देने और पांच साल में राज्य का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में Haryana Progressive MSME and Export Promotion Policy 2026 लॉन्च की। सरकार का लक्ष्य MSME क्षेत्र में 55,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना, 5 लाख रोजगार पैदा करना और पांच वर्षों में निर्यात दोगुना करना है।
हरियाणा सरकार ने राज्य के MSME सेक्टर और निर्यात को नई गति देने के लिए बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को करनाल में Haryana Progressive MSME and Export Promotion Policy, 2026 लॉन्च की। नई नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को मजबूत करना और हरियाणा को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निर्यात केंद्रों में और आगे ले जाना है।
सरकार ने इस नीति के तहत MSME क्षेत्र में 55,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और करीब 5 लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में हरियाणा के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।
MSME सेक्टर में 55,000 करोड़ निवेश का लक्ष्य
करनाल में उद्योगपतियों, उद्यमियों और संभावित निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नई नीति हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई है।उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हरियाणा के MSME क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाना है। नीति के जरिए छोटे और मध्यम उद्यमियों को प्रोत्साहन देने, निवेश बढ़ाने, उत्पादन क्षमता का विस्तार करने और नए निर्यात अवसर तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
5 लाख रोजगार पैदा करने की योजना
सरकार का मानना है कि MSME सेक्टर को मजबूत करने से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने MSME क्षेत्र को हरियाणा की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के विस्तार से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
पांच साल में निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य
नई नीति का एक प्रमुख उद्देश्य हरियाणा की कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसके लिए सरकार तकनीकी उन्नयन, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार और विदेशी बाजारों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने पर ध्यान देगी।
CM सैनी के अनुसार, इन प्रयासों के जरिए पांच वर्षों में हरियाणा के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
तकनीक और गुणवत्ता पर विशेष जोर
नीति में उद्योगों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य हरियाणा के MSME उत्पादों को वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
नीति में शामिल किए गए 60 परिवर्तनकारी कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा की 60वीं वर्षगांठ, जो 1 नवंबर को मनाई जाएगी, को ध्यान में रखते हुए नई नीति में 60 परिवर्तनकारी पहल शामिल की गई हैं।
इन पहलों को उद्यम के विकास के अलग-अलग चरणों से जोड़ा गया है। इनमें प्रमुख रूप से:
- वित्तीय सहायता तक पहुंच
- आधुनिक औद्योगिक बुनियादी ढांचा
- नई तकनीक को अपनाना
- निर्यात को बढ़ावा देना
- टिकाऊ विकास
- कुशल मानव संसाधन
जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
MSME को बताया विकास का अहम इंजन
नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री MSME क्षेत्र को विकास का ‘दूसरा इंजन’ मानते हैं।
उन्होंने कहा कि MSME क्षेत्र को मजबूत करना तेज और समावेशी आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार उद्योग-केंद्रित नीतियों के माध्यम से उद्यमियों को बेहतर कारोबारी माहौल देने और हरियाणा की औद्योगिक स्थिति को और मजबूत करने पर काम कर रही है।
Key Highlights:
- CM नायब सिंह सैनी ने MSME और एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2026 लॉन्च की।
- नीति का लक्ष्य MSME क्षेत्र में 55,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना है।
- करीब 5 लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य।
- पांच वर्षों में हरियाणा का निर्यात दोगुना करने की योजना।
- नीति हितधारकों के साथ चर्चा के बाद तैयार की गई है।
- हरियाणा की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर नीति में 60 परिवर्तनकारी पहल शामिल हैं।
- वित्त, तकनीक, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और निर्यात पर विशेष फोकस।
- MSME सेक्टर को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया गया।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में हरियाणा के उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर जोर।
FAQ Section:
सवाल: हरियाणा की नई MSME नीति का नाम क्या है?
जवाब: हरियाणा सरकार ने नई नीति का नाम Haryana Progressive MSME and Export Promotion Policy, 2026 रखा है।
सवाल: MSME सेक्टर में कितना निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य है?
जवाब: सरकार ने नई नीति के तहत MSME क्षेत्र में 55,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है।
सवाल: नई नीति से कितने रोजगार पैदा करने का लक्ष्य है?
जवाब: सरकार का लक्ष्य करीब 5 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
सवाल: हरियाणा के निर्यात को लेकर क्या लक्ष्य तय किया गया है?
जवाब: सरकार अगले पांच वर्षों में राज्य के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
सवाल: नीति में कितनी प्रमुख पहल शामिल की गई हैं?
जवाब: हरियाणा की 60वीं वर्षगांठ को ध्यान में रखते हुए नीति में 60 परिवर्तनकारी पहल शामिल की गई हैं।
Conclusion:
Haryana Progressive MSME and Export Promotion Policy 2026 को राज्य में छोटे और मध्यम उद्योगों के विस्तार, निवेश आकर्षित करने और निर्यात बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 55,000 करोड़ रुपये के निवेश और 5 लाख रोजगार का लक्ष्य हरियाणा के औद्योगिक विकास को नई गति दे सकता है। सरकार का पांच वर्षों में निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य तकनीक, गुणवत्ता और विदेशी बाजारों तक बेहतर पहुंच पर निर्भर करेगा।
