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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: NCR में 1.08 लाख पुराने ट्रक-बस होंगे रिप्लेस, BS-VI, EV और CNG वाहनों पर 100% टैक्स छूट
वाहन प्रदूषण कम करने के लिए नई योजना लागू, पुराने BS-IV और उससे पहले के वाहनों को बदलने पर मिलेगा बड़ा लाभ
हरियाणा सरकार ने NCR में वायु प्रदूषण कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार BS-IV और उससे पुराने 1.08 लाख व्यावसायिक वाहनों को बदलने के लिए BS-VI, इलेक्ट्रिक (EV) और CNG वाहनों की खरीद पर 100% मोटर व्हीकल टैक्स छूट देगी।
हरियाणा सरकार ने शुरू की पुरानी व्यावसायिक वाहनों को बदलने की योजना
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार BS-IV और उससे पहले के उत्सर्जन मानकों वाले करीब 92,000 ट्रक और 16,000 बसों को चरणबद्ध तरीके से बदलने की योजना लागू कर रही है।
इसके तहत BS-VI, इलेक्ट्रिक (EV) और CNG आधारित नए व्यावसायिक वाहनों की खरीद पर 100 प्रतिशत मोटर व्हीकल (MV) टैक्स छूट दी जाएगी।
नए और पुराने दोनों वाहनों पर मिलेगा टैक्स लाभ
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंद्रु द्वारा 24 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार—- नए BS-VI, EV और CNG ट्रक एवं बसों की खरीद पर 100% MV टैक्स छूट मिलेगी।
- हरियाणा के NCR जिलों में पंजीकृत सेकेंड हैंड BS-VI, EV और CNG ट्रक एवं बसों की खरीद पर 50% MV टैक्स छूट दी जाएगी।
- यह छूट वाहन के पहले पंजीकरण की तारीख से 10 वर्षों तक प्रभावी रहेगी।
किन वाहनों को मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ केवल उन वाहन मालिकों को मिलेगा जिनके ट्रक या बस हरियाणा के 14 NCR जिलों में पंजीकृत हैं और BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों के अनुरूप हैं।
पात्रता की प्रमुख शर्तें
- BS-III या उससे पुराने वाहनों को हरियाणा के अधिकृत Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF) में स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा।
- BS-IV वाहनों को RVSF में स्क्रैप कराया जा सकता है या NCR से बाहर किसी गैर-NCAP क्षेत्र में बेचा जा सकता है।
- बदले में खरीदा गया नया या पुराना BS-VI, EV या CNG वाहन हरियाणा के NCR जिले में ही पंजीकृत होना चाहिए।
- योजना में शामिल पुराने वाहनों पर एक वर्ष से अधिक समय से लंबित MV टैक्स देनदारी भी माफ की जाएगी।
ट्रक और बसों को ही क्यों बनाया गया लक्ष्य?
सरकार के अनुसार भारी व्यावसायिक वाहन NCR में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में शामिल हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार—
- परिवहन क्षेत्र PM2.5 उत्सर्जन में लगभग 14% योगदान देता है।
- कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) उत्सर्जन में लगभग 40% हिस्सेदारी है।
- नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) उत्सर्जन में लगभग 63% योगदान है।
इसके अलावा, एक प्री-BS भारी वाहन लगभग 14 BS-VI वाहनों के बराबर प्रदूषण फैलाता है, जबकि BS-IV वाहन भी BS-VI वाहन की तुलना में लगभग 2.7 गुना अधिक प्रदूषण उत्सर्जित करता है।
न्यायालयों के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया कदम
यह योजना राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने पुराने भारी डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर BS-VI वाहनों से बदलने की नीति तैयार करने का निर्देश दिया था। इसी दिशा में केंद्र सरकार की योजना के तहत हरियाणा ने यह पहल शुरू की है।
हरियाणा को होगा आर्थिक लाभ
राज्य सरकार के अनुसार टैक्स छूट के कारण लगभग 935.7 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित होगा।
हालांकि नए वाहनों की बिक्री से राज्य को लगभग 1,999.6 करोड़ रुपये का SGST प्राप्त होने की उम्मीद है। इस प्रकार हरियाणा को कुल मिलाकर लगभग 1,063.9 करोड़ रुपये का शुद्ध आर्थिक लाभ मिलने का अनुमान है।
Key Highlights:
- हरियाणा में 92,000 ट्रक और 16,000 बसें बदली जाएंगी।
- BS-VI, EV और CNG वाहनों की खरीद पर 100% MV टैक्स छूट।
- सेकेंड हैंड BS-VI, EV और CNG वाहनों पर 50% टैक्स छूट।
- योजना केवल हरियाणा के 14 NCR जिलों के लिए लागू।
- पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग या निर्धारित शर्तों के तहत बिक्री जरूरी।
- टैक्स छूट 10 वर्षों तक मिलेगी।
- सरकार को SGST से 1,063.9 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ होने का अनुमान।
FAQ Section:
प्रश्न: इस योजना का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: NCR में वाहन प्रदूषण कम करना और पुराने प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को आधुनिक BS-VI, EV और CNG वाहनों से बदलना।
प्रश्न: किन वाहनों पर टैक्स छूट मिलेगी?
उत्तर: नए BS-VI, इलेक्ट्रिक और CNG ट्रक एवं बसों पर 100% तथा ऐसे पुराने वाहनों की खरीद पर 50% MV टैक्स छूट मिलेगी।
प्रश्न: योजना का लाभ किन लोगों को मिलेगा?
उत्तर: हरियाणा के NCR जिलों में पंजीकृत BS-IV या उससे पुराने ट्रक और बसों के मालिक इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
प्रश्न: टैक्स छूट कितने समय तक मिलेगी?
उत्तर: वाहन के पहले पंजीकरण की तारीख से 10 वर्षों तक।
Conclusion:
हरियाणा सरकार की यह पहल NCR में वायु प्रदूषण कम करने, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और पुराने व्यावसायिक वाहनों को आधुनिक तकनीक से बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। टैक्स छूट और आर्थिक प्रोत्साहन से वाहन मालिकों को लाभ मिलेगा, जबकि राज्य में पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

