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गैर-शैक्षणिक कार्यों से परेशान शिक्षकों ने SDM से लगाई गुहार, पढ़ाई प्रभावित होने पर जताई चिंता
संयुक्त शिक्षक एवं कर्मचारी मंच ने फगवाड़ा SDM को सौंपा ज्ञापन, शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम करने की मांग
गैर-शैक्षणिक कार्यों के लगातार बढ़ते बोझ से नाराज शिक्षकों ने संयुक्त शिक्षक एवं कर्मचारी मंच के बैनर तले फगवाड़ा के एसडीएम से मुलाकात की। शिक्षकों ने कहा कि सर्वे और अन्य प्रशासनिक ड्यूटी के कारण सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर शिक्षकों ने उठाई आवाज
संयुक्त शिक्षक एवं कर्मचारी मंच, फगवाड़ा के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षकों ने फगवाड़ा के एसडीएम नवजोत शर्मा से मुलाकात कर गैर-शैक्षणिक कार्यों के लगातार बढ़ते बोझ पर चिंता जताई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सतवंत तूरा, सतनाम रंधावा, जसबीर सैनी, दलजीत सिंह, जसबीर भंगू और वरिंदर शर्मा ने किया।
शिक्षकों ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही उन्हें लगातार शिक्षण कार्यों के बजाय विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
SIR अभियान और अन्य सर्वेक्षणों का बढ़ा बोझ
प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को घर-घर जाकर कार्य करना है, जिससे हजारों कर्मचारी लगभग एक महीने तक स्कूलों से दूर रहेंगे।उन्होंने बताया कि फगवाड़ा ब्लॉक में शिक्षा विभाग के 340 से अधिक शिक्षकों को नशा सर्वे और सामाजिक-आर्थिक सर्वे जैसे कार्यों में भी लगाया गया है।
लगातार मिल रही प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर नाराजगी
शिक्षकों ने कहा कि हाल ही में उन्होंने जनगणना के प्रथम चरण, नगर निकाय चुनाव और मतगणना जैसी जिम्मेदारियां पूरी की थीं। इसके बावजूद उन्हें लगातार नए गैर-शैक्षणिक कार्य सौंपे जा रहे हैं, जिससे नियमित शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है और बार-बार प्रशासनिक कार्यों में लगाने से शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
सभी विभागों में बांटे जाएं गैर-शैक्षणिक कार्य
संयुक्त शिक्षक एवं कर्मचारी मंच ने प्रशासन से मांग की कि गैर-शैक्षणिक कार्यों का भार केवल शिक्षकों पर न डाला जाए, बल्कि अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया जाए। इससे स्कूलों में पढ़ाई बाधित नहीं होगी और विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान भी नहीं होगा।
Key Highlights:
- फगवाड़ा में शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों के विरोध में एसडीएम से मुलाकात की।
- शिक्षकों का कहना है कि लगातार प्रशासनिक ड्यूटी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- 340 से अधिक शिक्षकों को ड्रग सर्वे और सामाजिक-आर्थिक सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है।
- SIR अभियान के कारण भी शिक्षक लंबे समय तक स्कूलों से बाहर रहेंगे।
- मंच ने गैर-शैक्षणिक कार्य अन्य सरकारी विभागों में भी बांटने की मांग की।
FAQ Section:
प्रश्न: शिक्षकों ने प्रशासन से क्या मांग की है?
उत्तर: शिक्षकों ने मांग की है कि गैर-शैक्षणिक कार्य केवल शिक्षकों को न दिए जाएं, बल्कि अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों में भी बांटे जाएं।
प्रश्न: शिक्षकों की मुख्य चिंता क्या है?
उत्तर: उनका कहना है कि लगातार प्रशासनिक कार्य मिलने से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
प्रश्न: फगवाड़ा ब्लॉक में कितने शिक्षकों को अतिरिक्त ड्यूटी दी गई है?
उत्तर: 340 से अधिक शिक्षकों को ड्रग सर्वे और सामाजिक-आर्थिक सर्वे सहित विभिन्न कार्यों में लगाया गया है।
प्रश्न: शिक्षकों ने किन-किन कार्यों का उल्लेख किया?
उत्तर: उन्होंने SIR अभियान, ड्रग सर्वे, सामाजिक-आर्थिक सर्वे, जनगणना, नगर निकाय चुनाव और मतगणना जैसी जिम्मेदारियों का उल्लेख किया।
Conclusion:
शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संयुक्त शिक्षक एवं कर्मचारी मंच ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए ऐसे कार्यों का बोझ सभी सरकारी विभागों में समान रूप से बांटा जाए।

