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गुरुग्राम में सीलिंग अभियान के खिलाफ सड़कों पर उतरे DLF के निवासी, व्यावसायिक उपयोग को नियमित करने की मांग
'Save Our Homes, Save Our Lives' के नारों के साथ प्रदर्शन, सरकार से TOD नीति लागू कर मिश्रित भूमि उपयोग की अनुमति देने की अपील
गुरुग्राम के DLF फेज-1 से 5 तक के संपत्ति मालिकों ने सीलिंग अभियान के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आवासीय प्लॉटों के व्यावसायिक उपयोग को नियमित करने और सीलिंग कार्रवाई रोकने की मांग की।
सीलिंग अभियान के विरोध में DLF के निवासियों का प्रदर्शन
गुरुग्राम में DLF फेज-1 से 5 तक के संपत्ति मालिकों ने चल रहे सीलिंग अभियान के विरोध में गुरुवार को प्रदर्शन किया। हाथों में "Save Our Homes, Save Our Lives" और "CM Saheb Help Us" जैसे संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों ने सरकार से अपने आवासीय प्लॉटों के व्यावसायिक उपयोग को नियमित करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संपत्तियों को सील करने के बजाय सरकार ऐसी गतिविधियों को कानूनी मान्यता देने के लिए नीति बनाए।
महापंचायत के बाद निकाला गया विरोध मार्च
यह प्रदर्शन DLF फेज-3 के यू ब्लॉक मेट्रो पार्क में आयोजित "Stop Sealing, Stop Demolition" महापंचायत के बाद किया गया।करीब 50 संपत्ति मालिकों ने इसमें भाग लिया और DLF की पांचों कॉलोनियों के प्रभावित लोगों ने एकजुट होकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं।
TOD नीति और मिश्रित भूमि उपयोग की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि सरकार इन क्षेत्रों के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति लागू करे।
उन्होंने कहा कि—
- अधिक Floor Area Ratio (FAR) की अनुमति दी जाए।
- मिश्रित भूमि उपयोग (Mixed Land Use) को मंजूरी मिले।
- स्टिल्ट-प्लस-फोर भवनों में संचालित पेइंग गेस्ट (PG) और को-लिविंग सुविधाओं को कानूनी मान्यता दी जाए।
उनका तर्क है कि इन आवासों में मुख्य रूप से गुरुग्राम की कंपनियों में कार्यरत कर्मचारी रहते हैं और सीलिंग से हजारों कामकाजी लोगों पर असर पड़ रहा है।
संपत्ति मालिकों ने कार्रवाई को बताया मनमाना
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि पूरी इमारत किराए पर देना कानूनी माना जाता है, जबकि उसी मकान का एक कमरा किराए पर देना अवैध बताया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई में स्पष्टता और समानता होनी चाहिए।
हाईकोर्ट के निर्देशों पर चल रही है कार्रवाई
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत DLF की विभिन्न कॉलोनियों में अवैध रूप से संचालित PG और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
विभाग ने जोनिंग नियमों, भवन नक्शों और विकास नियंत्रण नियमों के उल्लंघन के आरोप में सैकड़ों PG कमरों को सील किया है।
हालांकि विभाग ने फिलहाल लगभग एक सप्ताह के लिए सीलिंग अभियान स्थगित किया है और 30 जून तक लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह जारी की है।
नियमितीकरण पर बंटी राय
संपत्तियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर लोगों की राय भी अलग-अलग है।
एक पक्ष का कहना है कि यदि इन भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां जारी रखनी हैं तो उन्हें औपचारिक रूप से व्यावसायिक श्रेणी में शामिल किया जाए और उनसे व्यावसायिक संपत्ति कर तथा बिजली शुल्क वसूला जाए।
वहीं दूसरे पक्ष का मानना है कि अत्यधिक घनत्व वाले निर्माण और मिश्रित भूमि उपयोग से कॉलोनियों के पानी, सीवर और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, क्योंकि इन क्षेत्रों की आधारभूत संरचना सीमित आबादी को ध्यान में रखकर विकसित की गई थी।
Key Highlights:
- DLF फेज-1 से 5 के संपत्ति मालिकों ने सीलिंग अभियान के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- सरकार से व्यावसायिक उपयोग को नियमित करने की मांग।
- TOD नीति, अधिक FAR और Mixed Land Use लागू करने की अपील।
- DTCP हाईकोर्ट के निर्देशों पर अवैध PG के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
- विभाग ने 30 जून तक वैकल्पिक व्यवस्था के लिए समय दिया है।
- नियमितीकरण के मुद्दे पर लोगों की राय बंटी हुई है।
FAQ Section:
प्रश्न: प्रदर्शन क्यों किया गया?
उत्तर: DLF क्षेत्रों में चल रहे सीलिंग अभियान के विरोध और आवासीय प्लॉटों के व्यावसायिक उपयोग को नियमित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया।
प्रश्न: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: TOD नीति लागू करना, Mixed Land Use की अनुमति देना और PG व को-लिविंग सुविधाओं को कानूनी मान्यता देना।
प्रश्न: सीलिंग अभियान कौन चला रहा है?
उत्तर: नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई कर रहा है।
प्रश्न: क्या सीलिंग अभियान फिलहाल जारी है?
उत्तर: विभाग ने फिलहाल लगभग एक सप्ताह के लिए कार्रवाई स्थगित की है और प्रभावित लोगों को 30 जून तक वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी है।
Conclusion:
गुरुग्राम में DLF क्षेत्रों में चल रहा सीलिंग अभियान अब बड़ा जन मुद्दा बनता जा रहा है। एक ओर संपत्ति मालिक व्यावसायिक उपयोग को नियमित करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहरी नियोजन और बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ते दबाव को लेकर भी चिंताएं सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में सरकार और संबंधित विभाग के निर्णय पर सभी की नजर रहेगी।

