जीएनडीयू में महिला उद्यमिता और कौशल विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार, आर्थिक सशक्तिकरण पर हुआ मंथन

महिला उद्यमिता, स्किल ट्रेनिंग और उभरते आर्थिक अवसरों पर देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर

On

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (GNDU) में महिला उद्यमिता, कौशल आधारित प्रशिक्षण और उभरते आर्थिक अवसरों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई।

जीएनडीयू में महिला उद्यमिता पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (GNDU) के समाजशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान विभाग ने भारतीय समाजशास्त्रीय सोसायटी (Indian Sociological Society), नई दिल्ली की रिसर्च कमेटी ऑन जेंडर स्टडीज (RC-10) के सहयोग से "महिला उद्यमिता, कौशल आधारित प्रशिक्षण और उभरते आर्थिक अवसर" विषय पर दो दिवसीय सेमिनार-सह-कार्यशाला एवं मध्यावधि सम्मेलन का आयोजन किया।

यह कार्यक्रम गुरु नानक भवन में हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

महिला आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित रही चर्चा

रूसा 2.0 के गोल्डन जुबली सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन (GJCEI) के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार के अवसर, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक विमर्श करना था।

कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमिता, स्किल आधारित प्रशिक्षण और नए आर्थिक अवसरों को महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और आर्थिक भागीदारी मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बताया गया।

शिक्षा और रोजगार के बीच अंतर पर जताई चिंता

मुख्य वक्ता प्रोफेसर राजेश गिल ने अपने संबोधन में महिलाओं की शिक्षा और रोजगार में भागीदारी के बीच मौजूद अंतर को गंभीर विषय बताया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की 73 और विभिन्न राज्यों की 433 कल्याणकारी योजनाओं के बावजूद बहुत कम महिलाएं इनका वास्तविक लाभ उठा पा रही हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत में STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) के 43 प्रतिशत से अधिक स्नातक महिलाएं हैं, लेकिन इसके बावजूद कार्यबल में उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत काफी कम है।

सम्मेलन में देशभर से मिला उत्साहजनक प्रतिसाद

प्रोफेसर अजाइलियू निउमाई ने बताया कि सम्मेलन को देशभर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन के लिए कुल 85 शोध सार (Abstracts) प्राप्त हुए, जिन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से आयोजित नौ तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किया गया।

महिला सशक्तिकरण की चुनौतियों पर हुई चर्चा

मुख्य अतिथि प्रोफेसर आभा चौहान ने अपने संबोधन में महिला उद्यमिता, कौशल विकास और उभरते आर्थिक अवसरों को महिलाओं की प्रगति के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।

उन्होंने कहा कि पितृसत्तात्मक व्यवस्था, दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियां, सांस्कृतिक और संस्थागत बाधाएं, गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण की कमी, स्वयं सहायता समूहों के कमजोर क्रियान्वयन, डिजिटल असमानता, गरीबी और शिक्षा की कमी आज भी महिला सशक्तिकरण में बड़ी चुनौतियां हैं।

कुलपति ने बताए सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्य

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर करमजीत सिंह ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य महिला उद्यमिता को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक प्रगति का माध्यम बनाना है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में कौशल आधारित प्रशिक्षण की भूमिका, रोजगार के नए अवसर, डिजिटल बाजार, सहकारी संस्थाएं, स्वयं सहायता समूह और सामुदायिक उद्यमों जैसे उभरते आर्थिक क्षेत्रों पर भी गंभीर चर्चा की गई।


Key Highlights:

  • जीएनडीयू में महिला उद्यमिता पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित।
  • महिला आर्थिक सशक्तिकरण और कौशल विकास पर हुआ मंथन।
  • देशभर से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने लिया भाग।
  • 85 शोध सार नौ तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किए गए।
  • शिक्षा और रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर।
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्वयं सहायता समूह और उद्यमिता पर विशेषज्ञों ने रखे विचार।

FAQ Section:

प्रश्न: सेमिनार का मुख्य विषय क्या था?
उत्तर: महिला उद्यमिता, कौशल आधारित प्रशिक्षण और उभरते आर्थिक अवसर।

प्रश्न: कार्यक्रम का आयोजन किसने किया?
उत्तर: गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान विभाग ने भारतीय समाजशास्त्रीय सोसायटी की रिसर्च कमेटी ऑन जेंडर स्टडीज के सहयोग से इसका आयोजन किया।

प्रश्न: सम्मेलन में कितने शोध सार प्रस्तुत किए गए?
उत्तर: कुल 85 शोध सार नौ तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किए गए।

प्रश्न: सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों पर चर्चा कर उनकी आर्थिक भागीदारी को मजबूत करना।


Conclusion:

जीएनडीयू में आयोजित यह राष्ट्रीय सेमिनार महिला उद्यमिता और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। विशेषज्ञों ने कौशल विकास, डिजिटल अवसरों और उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे आत्मनिर्भर और सशक्त समाज के निर्माण को गति मिल सकती है।Screenshot_2768

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

रेल यात्रियों से मोबाइल छीनने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार, 7 मोबाइल बरामद

Advertisement

नवीनतम

रेल यात्रियों से मोबाइल छीनने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार, 7 मोबाइल बरामद रेल यात्रियों से मोबाइल छीनने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार, 7 मोबाइल बरामद
कोतवाली पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रेल यात्रियों से मोबाइल फोन छीनने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए...
गैर-शैक्षणिक कार्यों से परेशान शिक्षकों ने SDM से लगाई गुहार, पढ़ाई प्रभावित होने पर जताई चिंता
मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू, पहले दिन 63,652 गणना फॉर्म घर-घर पहुंचाए गए
राष्ट्रीय कयाकिंग एवं कैनोइंग चैंपियनशिप में पंजाब की मनप्रीत कौर का शानदार प्रदर्शन, जीते रजत और कांस्य पदक
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: NCR में 1.08 लाख पुराने ट्रक-बस होंगे रिप्लेस, BS-VI, EV और CNG वाहनों पर 100% टैक्स छूट
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software