हरियाणा में किसानों को बड़ी राहत? कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने धान की पूरी फसल खरीदने का दिया आश्वासन

अंबाला और मुलाना अनाज मंडी का किया दौरा, 26 क्विंटल प्रति एकड़ खरीद सीमा पर किसानों ने उठाए सवाल; MSP पर भुगतान का भरोसा

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हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार को अंबाला और मुलाना की अनाज मंडियों का दौरा कर धान खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। किसानों ने प्रति एकड़ लगभग 26 क्विंटल की खरीद सीमा के कारण पूरी फसल बेचने में परेशानी की बात कही। मंत्री ने किसानों को उनकी पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुसार भुगतान का आश्वासन दिया।

हरियाणा में धान खरीद के बीच किसानों की समस्याओं को जानने के लिए कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार को अंबाला की अनाज मंडियों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों, आढ़तियों और किसानों से बातचीत कर खरीद प्रक्रिया की जानकारी ली।

मंत्री ने मुलाना अनाज मंडी में धान की नमी की जांच की और अधिकारियों से खरीद, तुलाई, उठान तथा किसानों को भुगतान की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। मंडी में मौजूद किसानों ने धान की खरीद सीमा को लेकर अपनी परेशानी बताई और पूरी फसल की खरीद की मांग रखी।

26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा पर किसानों ने जताई चिंता

मुलाना अनाज मंडी में किसानों ने बताया कि प्रति एकड़ लगभग 26 क्विंटल की खरीद सीमा के कारण उन्हें अपनी पूरी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों ने मांग की कि उनके खेतों में पैदा हुई धान की पूरी फसल खरीदी जाए, ताकि उन्हें बची हुई उपज बेचने के लिए दूसरी जगहों का रुख न करना पड़े।

किसानों की इस मांग पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने आश्वासन दिया कि किसानों की पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे और भुगतान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुसार किया जाएगा।

MSP पर भुगतान और खरीद व्यवस्था को लेकर मंत्री का आश्वासन

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की सुविधा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश दिए।

मंडी में धान की नमी, तुलाई, खरीद और भुगतान की स्थिति की जानकारी लेकर मंत्री ने खरीद व्यवस्था से जुड़े कामों की समीक्षा की।

धान उठान में देरी न हो, अधिकारियों को निर्देश

श्याम सिंह राणा ने कहा कि खरीद के बाद धान का समय पर उठान जरूरी है। यदि अनाज मंडियों में फसल लंबे समय तक पड़ी रहती है, तो जगह की कमी हो सकती है और दूसरे किसानों को अपनी उपज लाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने अधिकारियों से खरीद के साथ-साथ उठान की प्रक्रिया पर भी ध्यान देने को कहा, ताकि मंडियों में आवक और खरीद का काम सुचारु रूप से चलता रहे।

पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल की अपील

कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय आधुनिक कृषि मशीनों की मदद से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें।

उन्होंने बताया कि पराली प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाली कृषि मशीनों पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। मंत्री के अनुसार, पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और मिट्टी की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने किसानों से पर्यावरण की सुरक्षा और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पराली नहीं जलाने का आग्रह किया।

मंडी की सफाई और सुविधाओं पर भी दिया जोर

दौरे के दौरान कृषि मंत्री ने अनाज मंडी और आसपास की सड़कों पर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मंडी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखी जाए तथा वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा न आए।

मंत्री ने कहा कि धान खरीद के मौसम में किसानों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

Key Highlights:

  • हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अंबाला और मुलाना अनाज मंडी का दौरा किया।

  • किसानों ने लगभग 26 क्विंटल प्रति एकड़ खरीद सीमा पर परेशानी जताई।

  • किसानों ने पूरी धान की फसल खरीदने की मांग की।

  • मंत्री ने पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित करने और MSP के अनुसार भुगतान का आश्वासन दिया।

  • अधिकारियों को धान का समय पर उठान करने के निर्देश दिए गए।

  • पराली प्रबंधन की मशीनों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी का उल्लेख किया गया।

  • मंडी की सफाई और वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने पर जोर दिया गया।

FAQ Section:

1. हरियाणा के कृषि मंत्री ने किन मंडियों का दौरा किया?

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार को अंबाला और मुलाना की अनाज मंडियों का दौरा किया।

2. किसानों ने धान खरीद को लेकर क्या समस्या बताई?

किसानों ने लगभग 26 क्विंटल प्रति एकड़ की खरीद सीमा के कारण अपनी पूरी उपज बेचने में परेशानी होने की बात कही।

3. कृषि मंत्री ने किसानों को क्या आश्वासन दिया?

मंत्री ने किसानों की पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित करने और MSP के अनुसार भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया।

4. धान का समय पर उठान क्यों जरूरी है?

समय पर उठान से मंडियों में जगह बनी रहती है और दूसरे किसानों को अपनी फसल लाने तथा बेचने में आसानी होती है।

5. पराली प्रबंधन मशीनों पर कितनी सब्सिडी दी जा रही है?

मंत्री के अनुसार, पराली प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाली कृषि मशीनों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।

Conclusion:

अंबाला और मुलाना अनाज मंडी के दौरे के दौरान कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने धान खरीद, उठान, भुगतान और किसानों की सुविधाओं से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। किसानों ने खरीद सीमा के कारण पूरी फसल बेचने में आ रही परेशानी उठाई, जिस पर मंत्री ने खरीद और MSP भुगतान का आश्वासन दिया। अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया कितनी सुचारु रहती है और उनकी उपज का उठान व भुगतान समय पर होता है या नहीं।Screenshot_556

Edited By: Atul Sharma

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