यमुनानगर में दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा ने जीता दिल, दिवाली प्रदर्शनी में हाथों से बनाए दीये और मोमबत्तियां

आरोहण वेलफेयर सोसाइटी की प्रदर्शनी को मिला अच्छा प्रतिसाद, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों ने बच्चों के उत्पादों की सराहना कर दिए ऑर्डर

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दिवाली से पहले आरोहण वेलफेयर सोसाइटी ने दिव्यांग बच्चों और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए दीयों और मोमबत्तियों की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की। प्रदर्शनी में लोगों ने हस्तनिर्मित उत्पादों की सराहना की और खरीदारी के लिए ऑर्डर दिए। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।

दिवाली के त्योहार से पहले हरियाणा के यमुनानगर में दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई। आरोहण वेलफेयर सोसाइटी की ओर से शुक्रवार को आयोजित इस प्रदर्शनी में दिव्यांग बच्चों और महिलाओं द्वारा हाथों से तैयार किए गए खूबसूरत दीये और मोमबत्तियां प्रदर्शित की गईं।

यह प्रदर्शनी केवल दिवाली के सामान की बिक्री तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके जरिए बच्चों की मेहनत, हुनर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उनके प्रयासों को भी सामने लाया गया। प्रदर्शनी में पहुंचे लोगों ने बच्चों की कला की सराहना की और उनके बनाए उत्पाद खरीदने में रुचि दिखाई।

दिव्यांग बच्चों के हुनर को मिला प्रोत्साहन

प्रदर्शनी को लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। लायंस क्लब जगाधरी-यमुनानगर, अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल, इनर व्हील क्लब, बलराज हाइड्रो, सुदर्शन फाउंडेशन और अमर ज्वेलर्स के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का दौरा किया।

इन संगठनों ने बच्चों द्वारा तैयार किए गए दीयों और मोमबत्तियों की सराहना की तथा हस्तनिर्मित उत्पादों के ऑर्डर भी दिए। इससे बच्चों के काम को प्रोत्साहन मिला और उनकी मेहनत को पहचान मिली।

सामाजिक कार्यकर्ताओं और मेहमानों ने की सराहना

प्रदर्शनी में गुरमीत चावला, सामाजिक कार्यकर्ता शिवानी जुनेजा, वंदना सप्रा, पूजा और सोनिया सहित कई मेहमान पहुंचे। उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक दीयों और मोमबत्तियों को देखा और उनके प्रयासों की प्रशंसा की।

बॉलीवुड और पॉलीवुड से जुड़े कलाकारों के साथ करियर डिफेंस स्कूल, जगाधरी की टीम ने भी प्रदर्शनी में पहुंचकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। आरके प्रोडक्शन से जुड़े कलाकारों और टीम ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

दिवंगत ऋतु सोनी के योगदान को किया याद

इस अवसर पर आरोहण वेलफेयर सोसाइटी की संस्थापक दिवंगत ऋतु सोनी के योगदान को भी याद किया गया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को हुनर सिखाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इस पहल की शुरुआत की थी।

उनकी सोच थी कि दिव्यांग बच्चों को ऐसे अवसर मिलने चाहिए, जिनसे वे अपने कौशल को विकसित कर सकें और सम्मान के साथ जीवन जी सकें। सोसाइटी आज भी इसी उद्देश्य के साथ काम कर रही है।

सहानुभूति नहीं, अवसर और सम्मान की जरूरत: अनिल सोनी

सोसाइटी के प्रमुख अनिल सोनी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को सहानुभूति से अधिक अवसर और सम्मान की जरूरत है। जब लोग उनके हाथों से बनाए गए उत्पाद खरीदते हैं, तो वे केवल दीया या मोमबत्ती नहीं खरीदते, बल्कि बच्चों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने में सहयोग भी करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल दिव्यांग बच्चों के हुनर को पहचान दिलाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Key Highlights:

  • आरोहण वेलफेयर सोसाइटी ने दिवाली से पहले विशेष प्रदर्शनी आयोजित की।

  • दिव्यांग बच्चों और महिलाओं ने हाथों से दीये और मोमबत्तियां तैयार कीं।

  • कई सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शनी में पहुंचकर उत्पादों के ऑर्डर दिए।

  • सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों और शिक्षण संस्थान की टीम ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

  • सोसाइटी की संस्थापक दिवंगत ऋतु सोनी के योगदान को याद किया गया।

  • अनिल सोनी ने दिव्यांग बच्चों को अवसर और सम्मान देने की अपील की।

FAQ Section:

1. आरोहण वेलफेयर सोसाइटी ने प्रदर्शनी क्यों आयोजित की?

सोसाइटी ने दिवाली से पहले दिव्यांग बच्चों और महिलाओं द्वारा बनाए गए दीयों और मोमबत्तियों को प्रदर्शित करने तथा उनके हुनर को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदर्शनी आयोजित की।

2. प्रदर्शनी में कौन-से उत्पाद प्रदर्शित किए गए?

प्रदर्शनी में दिव्यांग बच्चों और महिलाओं द्वारा हाथों से तैयार किए गए सजावटी दीये और मोमबत्तियां प्रदर्शित की गईं।

3. प्रदर्शनी को कैसी प्रतिक्रिया मिली?

कई सामाजिक संगठनों और अन्य संस्थाओं ने प्रदर्शनी का दौरा किया, बच्चों के काम की सराहना की और हस्तनिर्मित उत्पादों के ऑर्डर दिए।

4. ऋतु सोनी कौन थीं?

दिवंगत ऋतु सोनी आरोहण वेलफेयर सोसाइटी की संस्थापक थीं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को हुनर और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की थी।

5. अनिल सोनी ने क्या संदेश दिया?

अनिल सोनी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को सहानुभूति से अधिक अवसर और सम्मान की जरूरत है। उनके बनाए उत्पाद खरीदना उनकी आत्मनिर्भरता की यात्रा को समर्थन देना है।

Conclusion:

यमुनानगर में आयोजित आरोहण वेलफेयर सोसाइटी की दिवाली प्रदर्शनी ने दिव्यांग बच्चों और महिलाओं की प्रतिभा को सामने लाने का अवसर दिया। हस्तनिर्मित दीयों और मोमबत्तियों को मिली सराहना और ऑर्डर से उनके प्रयासों को प्रोत्साहन मिला। यह पहल संदेश देती है कि उचित अवसर, सम्मान और सहयोग मिलने पर हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा के दम पर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।Screenshot_554

Edited By: Atul Sharma

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