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हरियाणा के मेडिकल कॉलेज में 14 सितंबर से डॉक्टरों का प्रदर्शन, रुके भत्तों की बहाली समेत कई मांगें
खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज फॉर वुमेन की Medical Teachers’ Association ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का फैसला लिया है। मई 2026 से अकादमिक और स्पेशल फैकल्टी अलाउंस रोके जाने का दावा।
BPSGMCW खानपुर कलां के मेडिकल शिक्षकों ने 14 सितंबर से विरोध प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया है। शिक्षकों का कहना है कि मई से भत्ते रोके जाने के कारण प्रत्येक संबंधित फैकल्टी सदस्य को हर महीने करीब 22,500 रुपये का नुकसान हो रहा है।
14 सितंबर से प्रदर्शन शुरू करने का फैसला
खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज फॉर वुमेन (BPSGMCW) की Medical Teachers’ Association (MTA) ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर 14 सितंबर से विरोध प्रदर्शन शुरू करने का फैसला किया है।
शुक्रवार को कॉलेज परिसर में आयोजित MTA की General Body Meeting में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद एसोसिएशन ने कॉलेज के निदेशक को ज्ञापन सौंपकर मरीजों की सुरक्षा, छात्रों, फैकल्टी और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए।
मई 2026 से रुके हैं दो महत्वपूर्ण भत्ते
MTA के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार और महासचिव डॉ. पुष्पेंद्र मलिक ने ज्ञापन में कहा कि फैकल्टी सदस्यों को मिलने वाले अकादमिक और स्पेशल फैकल्टी अलाउंस मई 2026 से रोक दिए गए हैं।एसोसिएशन के अनुसार, दूसरे विभागों, विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग में इन भत्तों के भुगतान में सामने आई कथित विसंगतियों के चलते Treasury and Accounts Department ने दोनों भत्तों पर रोक लगा दी है।
MTA का कहना है कि ये दोनों विशेष भत्ते हरियाणा सरकार से विधिवत स्वीकृत हैं और 2012 से सरकारी आदेशों के तहत फैकल्टी सदस्यों को मिलते रहे हैं।
हर महीने करीब 22,500 रुपये का नुकसान
MTA अध्यक्ष के अनुसार, भत्ते रोके जाने से प्रत्येक संबंधित फैकल्टी सदस्य को हर महीने करीब 22,500 रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने दावा किया कि संबंधित शिक्षकों की ओर से किसी तरह की गलती, कदाचार या अनियमितता सामने नहीं आई है। इसके बावजूद भुगतान रोकना सरकारी आदेशों के विपरीत है।
MTA ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से दोनों भत्तों को जल्द बहाल करने की मांग की है।
कॉलेज में करीब 50 फीसदी फैकल्टी की कमी का दावा
मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने संस्थान में पहले से मौजूद स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया। एसोसिएशन के मुताबिक, कॉलेज करीब 50 फीसदी फैकल्टी की कमी के साथ काम कर रहा है।
MTA ने कहा कि स्टाफ की कमी का असर संस्थान के कामकाज के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा और मेडिकल छात्रों की शिक्षा पर भी पड़ सकता है।
मरीजों, छात्रों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे भी उठाए
एसोसिएशन द्वारा कॉलेज निदेशक को सौंपे गए ज्ञापन में केवल भत्तों का मुद्दा ही नहीं, बल्कि संस्थान के सुचारु संचालन से जुड़े कई विषय शामिल किए गए हैं।
MTA ने मरीजों की सुरक्षा, छात्रों की शैक्षणिक जरूरतों, फैकल्टी और कर्मचारियों की समस्याओं तथा संस्थान के प्रभावी संचालन से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देने की मांग की है।
अब एसोसिएशन 14 सितंबर से प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी मांगों को प्रशासन और सरकार के सामने प्रमुखता से उठाएगी।
Key Highlights:
- BPSGMCW खानपुर कलां की Medical Teachers’ Association ने प्रदर्शन का फैसला लिया।
- विरोध प्रदर्शन 14 सितंबर से शुरू होगा।
- अकादमिक और स्पेशल फैकल्टी अलाउंस मई 2026 से रोके जाने का दावा।
- MTA के अनुसार दोनों भत्ते 2012 से सरकारी आदेशों के तहत मिल रहे थे।
- संबंधित फैकल्टी सदस्यों को करीब 22,500 रुपये प्रति माह का नुकसान होने का दावा।
- एसोसिएशन ने किसी गलती या अनियमितता के बिना भत्ते रोकने पर सवाल उठाए।
- कॉलेज में करीब 50 फीसदी फैकल्टी की कमी होने का दावा किया गया।
- मरीजों की सुरक्षा, छात्रों और स्टाफ से जुड़े मुद्दे भी ज्ञापन में उठाए गए।
FAQ Section:
Q1. BPSGMCW के मेडिकल शिक्षक प्रदर्शन क्यों करेंगे?
मेडिकल शिक्षक अकादमिक और स्पेशल फैकल्टी अलाउंस की बहाली समेत अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
Q2. प्रदर्शन कब से शुरू होगा?
Medical Teachers’ Association ने 14 सितंबर से विरोध प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया है।
Q3. फैकल्टी के कौन से भत्ते रोके गए हैं?
अकादमिक अलाउंस और स्पेशल फैकल्टी अलाउंस मई 2026 से रोके जाने का दावा किया गया है।
Q4. भत्ते रुकने से कितना आर्थिक नुकसान हो रहा है?
MTA के अनुसार, प्रत्येक संबंधित फैकल्टी सदस्य को करीब 22,500 रुपये प्रति माह का नुकसान हो रहा है।
Q5. मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की स्थिति कैसी है?
MTA ने दावा किया है कि संस्थान करीब 50 फीसदी फैकल्टी की कमी के साथ काम कर रहा है।
Conclusion:
भगत फूल सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज फॉर वुमेन की Medical Teachers’ Association ने लंबित मांगों को लेकर 14 सितंबर से आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। शिक्षकों का मुख्य मुद्दा मई 2026 से रोके गए अकादमिक और स्पेशल फैकल्टी अलाउंस हैं। इसके साथ ही एसोसिएशन ने फैकल्टी की कमी और मरीजों, छात्रों तथा कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई है।
