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अजनाला स्कूल में NDRF का सेफ्टी प्रोग्राम, छात्र-स्टाफ को सिखाए आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू के तरीके
7वीं बटालियन NDRF बठिंडा की टीम ने CPR, प्राथमिक उपचार, आग से बचाव और आपात स्थिति में सुरक्षित बचाव की दी ट्रेनिंग
अजनाला के सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में NDRF ने स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम आयोजित किया। छात्रों और स्टाफ को आपदा प्रबंधन, फर्स्ट एड, CPR और अग्नि सुरक्षा की ट्रेनिंग दी गई।
अजनाला स्कूल में NDRF का स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम
अजनाला स्थित सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 7वीं बटालियन राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), बठिंडा की टीम ने स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम (SSP) आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और स्कूल स्टाफ को आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जरूरी सुरक्षा और बचाव कौशल से प्रशिक्षित करना था।
कार्यक्रम का नेतृत्व टीम कमांडर सब-इंस्पेक्टर रेख सिंह मीणा ने किया। इस दौरान विद्यार्थियों और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, रेस्क्यू तकनीक और विभिन्न आपात परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।
CPR और प्राथमिक उपचार की दी गई ट्रेनिंग
घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से शिफ्ट करने का अभ्यास
NDRF टीम ने प्रतिभागियों को कई जरूरी फर्स्ट एड तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसमें ड्रेसिंग और बैंडेज करना, रक्तस्राव रोकना, स्प्लिंटिंग और वयस्कों व बच्चों के लिए CPR शामिल रहा।इसके अलावा FBAO की स्थिति में सहायता देने और घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से उठाने तथा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के तरीके भी बताए गए।
टीम ने उपलब्ध घरेलू सामान की मदद से इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर तैयार करने का प्रदर्शन भी किया। इसके लिए कंबल, टी-शर्ट और बोरियों जैसी आसानी से उपलब्ध सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
घरेलू सामान से फ्लोटिंग डिवाइस बनाने की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को यह भी दिखाया गया कि आपात स्थिति में घर में उपलब्ध सामान से अस्थायी फ्लोटिंग डिवाइस कैसे तैयार की जा सकती है।
इसके लिए खाली बोतलें, बर्तन और खाली तेल व दही के कंटेनर जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल करने का तरीका बताया गया। इससे आपदा के दौरान सीमित संसाधनों में बचाव के वैकल्पिक उपायों की जानकारी मिली।
आग लगने पर बचाव और PASS तकनीक की ट्रेनिंग
फायर एक्सटिंग्विशर चलाने के चार जरूरी चरण
NDRF टीम ने आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली SDR तकनीकों और अग्नि सुरक्षा उपायों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल की PASS तकनीक समझाई गई।
PASS के चार चरण इस प्रकार हैं:
- P – Pull the Pin: पिन को खींचें।
- A – Aim the Nozzle: नोजल को आग के आधार की ओर रखें।
- S – Squeeze the Lever: लीवर को दबाएं।
- S – Sweep from Side to Side: नोजल को एक तरफ से दूसरी तरफ घुमाते हुए आग पर स्प्रे करें।
गर्मी, बिजली और आकाशीय बिजली से सुरक्षा के उपाय
NDRF टीम ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्राकृतिक और आकस्मिक आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया।
छात्रों को हीटवेव, शीतलहर, बिजली के करंट, आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और सांप के काटने जैसी आपात स्थितियों में जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।
Key Highlights:
- अजनाला के सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में SSP आयोजित।
- NDRF की 7वीं बटालियन बठिंडा की टीम ने प्रशिक्षण दिया।
- टीम का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर रेख सिंह मीणा ने किया।
- छात्रों और स्टाफ को आपदा प्रबंधन व रेस्क्यू तकनीक सिखाई गई।
- CPR, रक्तस्राव रोकने, बैंडेज और स्प्लिंटिंग की ट्रेनिंग दी गई।
- कंबल, टी-शर्ट और बोरियों से इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर बनाने का प्रदर्शन।
- घरेलू सामान से फ्लोटिंग डिवाइस तैयार करने की जानकारी।
- आग से बचाव और PASS तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण।
- हीटवेव, शीतलहर, बिजली गिरने और सांप के काटने जैसी स्थितियों से बचाव के उपाय बताए गए।
FAQ Section:
Q1. अजनाला स्कूल में NDRF ने कौन सा कार्यक्रम आयोजित किया?
NDRF की 7वीं बटालियन बठिंडा की टीम ने सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम आयोजित किया।
Q2. कार्यक्रम में छात्रों को क्या सिखाया गया?
छात्रों और स्टाफ को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, CPR, रेस्क्यू तकनीक, अग्नि सुरक्षा और विभिन्न आपात स्थितियों में सुरक्षा उपायों की ट्रेनिंग दी गई।
Q3. PASS तकनीक क्या है?
PASS फायर एक्सटिंग्विशर चलाने की चार चरणों वाली तकनीक है—पिन खींचना, नोजल को आग के आधार पर रखना, लीवर दबाना और नोजल को एक तरफ से दूसरी तरफ घुमाना।
Q4. NDRF ने इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर कैसे बनाने की जानकारी दी?
टीम ने कंबल, टी-शर्ट और बोरियों जैसी आसानी से उपलब्ध सामग्री का इस्तेमाल कर अस्थायी स्ट्रेचर तैयार करने का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
Q5. किन आपात स्थितियों के बारे में जागरूक किया गया?
प्रतिभागियों को हीटवेव, शीतलहर, बिजली के झटके, आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और सांप के काटने जैसी परिस्थितियों में सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।
Conclusion:
अजनाला में आयोजित NDRF का स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम छात्रों और स्कूल स्टाफ को आपात स्थितियों के लिए व्यावहारिक रूप से तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। CPR, प्राथमिक उपचार, रेस्क्यू, अग्नि सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की ट्रेनिंग से प्रतिभागियों को संकट की स्थिति में सुरक्षित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने के जरूरी कौशल मिले।
