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अमृतसर में घटता हरित आवरण चिंता का कारण, BRTS के लिए कटे पेड़ों के बाद फिर उठे सवाल
कभी पेड़ों की छांव से ढकी रहती थी सड़क, अब कॉरिडोर हटने के बावजूद बड़े पेड़ों की जगह छोटे पौधे और सजावटी झाड़ियां
अमृतसर में तेजी से घट रहे हरित आवरण को लेकर शहरवासियों में चिंता बढ़ रही है। BRTS कॉरिडोर बनाने के लिए काटे गए पेड़ों के बाद अब उसी कॉरिडोर को हटाया जा रहा है, जिससे शहर की हरियाली और पर्यावरणीय असर पर सवाल उठ रहे हैं।
अमृतसर की पहचान कभी हरी-भरी सड़कों और पेड़ों से ढकी राहों से भी होती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में शहर का हरित आवरण तेजी से कम होता दिखाई दे रहा है। पेड़ों की कटाई की बढ़ती रफ्तार ने पर्यावरण को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खास तौर पर मॉल रोड का वह हिस्सा चर्चा में है, जहां कभी बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) कॉरिडोर के निर्माण के लिए पेड़ काटे गए थे।
अब करीब एक दशक बाद वही BRTS कॉरिडोर हटाया जा रहा है। ऐसे में शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि विकास परियोजनाओं के दौरान काटे गए बड़े पेड़ों की भरपाई क्या वास्तव में हो पाई है।
कभी पेड़ों की छांव से ढकी रहती थी मॉल रोड
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक समय मॉल रोड की ओर जाने वाली सड़क पेड़ों की घनी छतरियों से घिरी रहती थी। गर्मियों में ये पेड़ राहगीरों और वाहन चालकों को छांव देने के साथ शहर के वातावरण को भी ठंडा रखने में अहम भूमिका निभाते थे।अब धीरे-धीरे पेड़ों के गायब होने से सड़क का स्वरूप बदल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका असर सिर्फ शहर की खूबसूरती पर नहीं पड़ा, बल्कि स्थानीय माइक्रोक्लाइमेट यानी सूक्ष्म जलवायु में भी बदलाव महसूस किया जा रहा है।
छोटे पौधों से नहीं हो रही बड़े पेड़ों की भरपाई
शहर निवासी गुररतन सिंह के अनुसार, पहले सड़कों के किनारे मौजूद पेड़ों के कारण शहर खूबसूरत नजर आता था और गर्मियों में लोगों को जरूरी छांव मिलती थी। अब कई सड़कें उन्हें फीकी और बेजान लगती हैं।
उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे होने वाले पौधरोपण अभियानों में अक्सर झाड़ियां और छोटे सजावटी पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन बड़े पेड़ों की कमी पूरी नहीं हो रही।
एक अन्य निवासी जगतार सिंह ने भी इसी ओर ध्यान दिलाया। उनके अनुसार, BRTS कॉरिडोर के आसपास पौधे लगाए गए थे, लेकिन उनमें से अधिकतर फूलदार पौधे थे। बड़े पेड़ों की संख्या बढ़ाने पर उतना ध्यान नहीं दिया गया।
BRTS कॉरिडोर के लिए हुई थी पेड़ों की कटाई
BRTS कॉरिडोर को शहर की यातायात समस्या का समाधान बताकर तैयार किया गया था। इसके निर्माण के लिए मॉल रोड समेत कई हिस्सों में पेड़ों की कटाई की गई।
अब विडंबना यह है कि जिस कॉरिडोर के लिए कभी पेड़ हटाए गए थे, करीब एक दशक बाद उसी ढांचे को ध्वस्त किया जा रहा है। इससे शहर के हरित आवरण को लेकर विकास योजनाओं की दीर्घकालिक उपयोगिता और पर्यावरणीय प्रभाव पर चर्चा तेज हो गई है।
सड़क विस्तार से भी बढ़ा हरियाली पर दबाव
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क विस्तार और अन्य विकास कार्यों के चलते भी शहर में पेड़ों की संख्या प्रभावित हुई है। उनका मानना है कि नई परियोजनाओं की योजना बनाते समय मौजूदा पेड़ों को बचाने और बड़े स्तर पर उनके स्थान पर नए पेड़ लगाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
हरियाली घटने से बढ़ सकती हैं पर्यावरणीय चुनौतियां
बड़े पेड़ शहरों में छांव देने के साथ तापमान को नियंत्रित करने, धूल और प्रदूषण को कम करने तथा स्थानीय पर्यावरण को संतुलित रखने में भूमिका निभाते हैं। ऐसे में केवल छोटे सजावटी पौधे लगाने से पुराने और बड़े पेड़ों से मिलने वाले पर्यावरणीय लाभ तुरंत हासिल नहीं किए जा सकते।
अमृतसर में BRTS कॉरिडोर का निर्माण और अब उसका ध्वस्तीकरण शहर की विकास योजनाओं के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की जरूरत को भी सामने लाता है।
Key Highlights:
- अमृतसर में घटते हरित आवरण को लेकर शहरवासियों ने चिंता जताई।
- BRTS कॉरिडोर के निर्माण के दौरान मॉल रोड के किनारे पेड़ काटे गए थे।
- अब करीब एक दशक बाद उसी BRTS कॉरिडोर को हटाया जा रहा है।
- स्थानीय लोगों के अनुसार पहले सड़कें पेड़ों की घनी छांव से ढकी रहती थीं।
- पेड़ों की कमी से शहर की खूबसूरती और स्थानीय माइक्रोक्लाइमेट प्रभावित होने की बात कही गई।
- पौधरोपण अभियानों में बड़े पेड़ों के बजाय छोटे और सजावटी पौधे लगाए जाने की शिकायत।
- सड़क विस्तार और विकास कार्यों को भी पेड़ों की कटाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
- स्थानीय लोग विकास के साथ बड़े पैमाने पर हरियाली बचाने और बढ़ाने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।
FAQ Section:
अमृतसर में हरित आवरण को लेकर चिंता क्यों बढ़ी है?
शहर में पेड़ों की कटाई और विकास कार्यों के चलते बड़े पेड़ों की संख्या कम होने से हरित आवरण घटने की चिंता बढ़ी है।
BRTS कॉरिडोर के निर्माण का पेड़ों पर क्या असर पड़ा था?
BRTS कॉरिडोर के निर्माण के लिए मॉल रोड समेत संबंधित हिस्सों में पेड़ों की कटाई की गई थी।
अब BRTS कॉरिडोर का क्या हो रहा है?
करीब एक दशक बाद अमृतसर में BRTS कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है।
क्या नए पौधे लगाए गए हैं?
स्थानीय लोगों के अनुसार कॉरिडोर के आसपास पौधरोपण किया गया था, लेकिन उनमें से कई छोटे और फूलदार पौधे थे। उनका कहना है कि बड़े पेड़ों की पर्याप्त भरपाई नहीं हुई।
पेड़ों की कमी से शहर पर क्या असर पड़ सकता है?
बड़े पेड़ छांव, तापमान नियंत्रण, धूल और प्रदूषण को कम करने तथा स्थानीय पर्यावरण को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इनकी कमी पर्यावरणीय चुनौतियां बढ़ा सकती है।
Conclusion:
अमृतसर में BRTS कॉरिडोर का निर्माण और अब उसका ध्वस्तीकरण शहर की विकास योजनाओं के साथ पर्यावरणीय संतुलन की जरूरत को उजागर करता है। बड़े पेड़ों की कटाई के बाद उनकी जगह केवल छोटे सजावटी पौधे लगाने से हरित आवरण की वास्तविक भरपाई नहीं हो सकती। शहर के भविष्य के विकास में पेड़ों को बचाने, पुराने हरित क्षेत्रों की रक्षा करने और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता देना जरूरी होगा।
