सिरसा जिला जेल में जल्द बनेगी लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब, कैदियों को शिक्षा व नए कौशल सीखने का मिलेगा अवसर

सामाजिक सहयोग से शुरू हुई पहल, बाबा सरसाई नाथ बुक बैंक ने जेल के लिए साहित्य, सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं समेत कई विषयों की पुस्तकें दीं

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सिरसा जिला जेल के कैदियों के लिए जल्द लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब की सुविधा शुरू की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य कैदियों को शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और कौशल विकास से जोड़कर उनके समय का सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित करना है।

सिरसा जिला जेल में बंद कैदियों के लिए जल्द ही लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध हो सकती है। इस नई पहल के तहत कैदियों को किताबें पढ़ने, सामान्य ज्ञान बढ़ाने और कंप्यूटर व आधुनिक तकनीक की बुनियादी जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा।

इस पहल को शहर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं व्यवसायी पंकज खेमका और समाज के अन्य लोगों का सहयोग मिला है। इसी प्रयास के तहत बाबा सरसाई नाथ बुक बैंक ने जिला जेल को विभिन्न विषयों से संबंधित किताबें दान की हैं।

कैदियों के लिए तैयार की जा रही लाइब्रेरी

जेल प्रशासन लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान तैयार कर रहा है। प्रस्तावित लाइब्रेरी में साहित्य, सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं, धर्म और प्रेरणादायक विषयों से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसका उद्देश्य कैदियों को अपने खाली समय का रचनात्मक उपयोग करने और नई जानकारियां व रुचियां विकसित करने का अवसर देना है।

किताबों से बनेगा बेहतर सीखने का माहौल

बाबा सरसाई नाथ बुक बैंक के संचालक गुरदीप सैनी ने कहा कि जेल में लाइब्रेरी शुरू होने से बेहतर शैक्षणिक और सीखने का वातावरण तैयार होगा।

उन्होंने कहा कि कैदी अपने खाली समय में किताबें पढ़ सकेंगे, ज्ञान बढ़ा सकेंगे और नई रुचियां विकसित कर सकेंगे। यह पहल उनके सोचने के तरीके में सकारात्मक बदलाव लाने में भी सहायक हो सकती है।

कंप्यूटर लैब में मिलेगा तकनीकी ज्ञान

जिला जेल में एक कंप्यूटर रूम भी स्थापित करने की योजना है। इसके माध्यम से कैदियों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी और आधुनिक तकनीक से परिचित कराया जाएगा।

जेल अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि किताबों और कंप्यूटर की सुविधा कैदियों को नए कौशल सीखने में मदद करेगी। इससे वे रिहाई के बाद जीवन की नई शुरुआत के लिए खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर सकेंगे।

आधुनिक तकनीक से जुड़ने का मिलेगा अवसर

गुरदीप सैनी ने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा के माध्यम से कैदी आधुनिक तकनीक को समझ सकेंगे। उनके अनुसार, शिक्षा और कौशल विकास व्यक्ति की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने और उसे समाज से दोबारा जुड़ने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

रिहाई के बाद बेहतर जीवन की तैयारी पर फोकस

लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब की यह पहल केवल जेल के भीतर समय बिताने का माध्यम नहीं होगी, बल्कि कैदियों के व्यक्तित्व और कौशल विकास पर भी केंद्रित होगी।

किताबों से ज्ञान और कंप्यूटर से तकनीकी समझ हासिल कर कैदी अपने भविष्य के लिए नई संभावनाएं तलाश सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य उन्हें सकारात्मक सोच के साथ समाज में दोबारा शामिल होने के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना है।

Key Highlights:

  • सिरसा जिला जेल में लाइब्रेरी स्थापित करने की तैयारी शुरू।
  • कैदियों के लिए कंप्यूटर लैब भी बनाई जाएगी।
  • सामाजिक कार्यकर्ता एवं व्यवसायी पंकज खेमका सहित समुदाय के अन्य लोगों का सहयोग।
  • बाबा सरसाई नाथ बुक बैंक ने विभिन्न विषयों की किताबें दान कीं।
  • लाइब्रेरी में साहित्य, सामान्य ज्ञान, धर्म और प्रेरणादायक पुस्तकों की सुविधा होगी।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबें भी उपलब्ध कराने की योजना।
  • जेल प्रशासन सुविधा के लिए उपयुक्त स्थान तैयार कर रहा है।
  • कंप्यूटर शिक्षा से कैदियों को आधुनिक तकनीक की बुनियादी जानकारी मिलेगी।
  • खाली समय का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करने में मदद मिलेगी।
  • शिक्षा और कौशल विकास के जरिए कैदियों को रिहाई के बाद बेहतर जीवन के लिए तैयार करने पर जोर।

FAQ Section:

सिरसा जिला जेल में कौन-कौन सी नई सुविधाएं शुरू की जाएंगी?

जेल में कैदियों के लिए एक लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।

लाइब्रेरी में किस तरह की किताबें उपलब्ध होंगी?

लाइब्रेरी में साहित्य, सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं, धर्म और प्रेरणादायक विषयों समेत विभिन्न क्षेत्रों की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस पहल में किन लोगों का सहयोग मिला है?

इस पहल को सामाजिक कार्यकर्ता एवं व्यवसायी पंकज खेमका और समाज के अन्य सदस्यों का सहयोग मिला है। बाबा सरसाई नाथ बुक बैंक ने भी किताबें दान की हैं।

कैदियों को कंप्यूटर लैब से क्या फायदा होगा?

कंप्यूटर लैब के माध्यम से कैदी कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी और आधुनिक तकनीक से परिचित हो सकेंगे तथा नए कौशल विकसित कर सकेंगे।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य कैदियों को शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ना, उनके खाली समय का सकारात्मक उपयोग कराना और रिहाई के बाद समाज से दोबारा जुड़ने के लिए तैयार करना है।

Conclusion:

सिरसा जिला जेल में लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब स्थापित करने की पहल कैदियों के शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। किताबों और आधुनिक तकनीक तक पहुंच से उन्हें ज्ञान बढ़ाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और नए कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। सामाजिक सहयोग से शुरू हुई यह पहल कैदियों को रिहाई के बाद बेहतर भविष्य और समाज से पुनः जुड़ने की तैयारी में मदद कर सकती है।Screenshot_1388

Edited By: Atul Sharma

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